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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The lawyer was not assaulted outside the Saproon police station: DSP

अधिवक्ता से सपरून चौकी के बाहर नहीं हुई मारपीट : डीएसपी

Wed, 07 Jan 2026 11:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:36 PM IST
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शिकायत पर सपरून चौकी के पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी बैठाई जांच
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डॉक्टर ने की पुष्टि राजकुमार घटना के दौरान थे नशे में, नहीं दे पाए बयान
पीड़ित के भाई ने की थी शिकायत, पुलिस ले गई थी मेडिकल को
बार एसोसिएशन को भी नहीं बताए पूरे तथ्य, एसपी ऑफिस पर दिया धरना
पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद पर डीएसपी ने रखा पक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। अधिवक्ता राजकुमार के साथ कथित मारपीट और पुलिस चौकी सपरून में एफआईआर दर्ज न करने के आरोपों को लेकर पुलिस ने पक्ष स्पष्ट किया है। डीएसपी सोलन अशोक शर्मा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सपरून चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ अधिवक्ताओं द्वारा दी गई शिकायत पर भी जांच बैठा दी गई है।
डीएसपी अशोक ने बताया कि 3 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे अधिवक्ता राजकुमार छोटे भाई राजपाल और 4-5 लोगों के साथ सपरून चौकी पहुंचे थे। उस समय राजकुमार नशे की हालत में प्रतीत हो रहे थे। वे घटना की स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ थे। इसके बाद उनके छोटे भाई राजपाल ने जांच अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज करवाया।
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राजपाल के अनुसार 3 जनवरी को उनके जन्मदिन की पार्टी तोप की बेड में आयोजित की गई थी। इसमें अधिवक्ता राजकुमार के अलावा पंचायत प्रधान सुमित सहित 10-12 लोग मौजूद थे। राजपाल ने बताया कि पार्टी के दौरान उनके भाई राजकुमार और पंचायत प्रधान सुमित के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई, इसके बाद घर लौट गए। पुलिस के अनुसार राजपाल ने बयान दिया कि उनके सामने राजकुमार के साथ कोई भी लड़ाई-झगड़ा और मारपीट नहीं हुई है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उनका भाई पुलिस चौकी पहुंच गया है।
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डीएसपी ने बताया कि बयान के बावजूद पुलिस राजकुमार को चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले गई। चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर जांच करवाई गई, इसके बाद 4 जनवरी को जारी एमएलसी में राजकुमार को नशे की स्थिति में स्टेटमेंट देने के लिए फिट नहीं पाया गया। साथ ही ईएनटी जांच और एक्सरे कराने की सलाह दी गई। इसके बाद राजकुमार को उनके भाई राजपाल के साथ सुरक्षित घर भेज दिया गया और अगले दिन सोलन अस्पताल में जांच के लिए बुलाया गया।
डीएसपी ने कहा कि सपरून चौकी में मारपीट और घसीटने के लगाए आरोप निराधार हैं, क्योंकि घटना के चश्मदीद गवाहों ने ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने बताया कि अगले दिन राजपाल को फोन कर राजकुमार की ईएनटी जांच और एक्सरे करवाने के लिए बुलाया गया, लेकिन राजपाल ने बताया कि वे आपसी समझौता कर रहे हैं और मेडिकल जांच नहीं करवाना चाहते। 5 जनवरी को राजकुमार ने चौकी सपरून के सरकारी फोन पर कॉल कर बताया कि वह निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं, जबकि उन्हें स्पष्ट किया गया कि मेडिकल सरकारी अस्पताल में ही होगा।

डीएसपी के अनुसार 6 जनवरी को राजकुमार ने जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों को पूरे तथ्य बताए बिना उनका समर्थन लेकर न्यायालय परिसर सोलन और एसपी कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि धरने के बाद जब एसपी को पूरे तथ्य बताए तो पहली बार राजकुमार ने लिखित शिकायत दी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए सदर थाना सोलन में बीएनएस की धारा 126(2), 115(2), 352, 351, 131 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
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