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अध्यापक कर रहे थे चाय-पानी, बच्चे घूम रहे थे बाहर :00 बजे सड़क पर घूम रहे थे बच्चे
Fri, 20 Dec 2024 11:27 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 20 Dec 2024 11:27 PM IST
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एक्सक्लूसिव
परवाणू के पुरला स्कूल के हालात, शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
शिक्षा विभाग की टीम ने किया शुक्रवार को स्कूल में औचक निरीक्षण
गणित, अंग्रेजी में बच्चे जीरो, हिंदी में अपना नाम तक नहीं लिख पाए
खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल की रिपोर्ट तैयार करने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। परवाणू के प्राथमिक स्कूल पुरला में अध्यापकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल का औचक निरीक्षण करने गए शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के सामने ही स्टाफ रूम में अध्यापक ब्रेकफास्ट करते पाए गए। बच्चे सड़क और खेल मैदान में घूम रहे थे। जबकि स्कूल सुबह 9:00 शुरू हो गया था। 10:00 बजे तक भी बच्चे कक्षाओं में नहीं थे। जब इसका जवाब अध्यापकों से मांगा गया तो वह कुछ नहीं बोल पाए। जिसके बाद बच्चों को कक्षाओं में बुलाया गया और उनका एक टेस्ट लिया गया। जिसमें गणित, विज्ञान तो दूर कई बच्चे हिंदी में अपना नाम तक नहीं लिख पाए। उपनिदेशक ने मौके पर ही खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपुर को आदेश जारी कर स्कूल की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए है। अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार परवाणू के निजी स्कूल आई जीनियस में एक बच्चे को स्कूल से निकालने का मामला सामने आया था। जिसकी शिकायत अभिभावकों ने दी थी। इस मामले में आरटीई एक्ट के तहत जांच की जा रही है। जिसके लिए शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ जा रहे थे। जब वह 10:00 बजे पुरला के समीप पहुंचे तो उन्होंने पाया कि स्कूल समय में बच्चे सड़क पर घूम रहे हैं, जबकि कुछ बच्चे स्कूल के बरामदे में टहल रहे थे। वह गाड़ी रुकवाकर स्कूल के अंदर चले गए। जब वह स्कूल के स्टाफ रूम में पहुुंचे तो पाया कि तीन अध्यापिकाएं स्टॉफ रूम में बैठकर चाय-नाश्ता कर रही है। कक्षाओं में कोई भी नहीं है। जब मौके पर अध्यापिकाओं से जवाब मांगा तो वह इसके बारे में कुछ नहीं बोल पाईं। जिसके बाद उपनिदेशक ने सभी बच्चों को कक्षाओं में बुलाने के लिए कहा, कक्षाओं में जब बच्चों के टेस्ट लिए गए तो पाया कि गणित, विज्ञान तो दूर हिंदी में अपना नाम भी सही से नहीं लिख पाए। जिसके बाद इसकी जांच के आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को जारी कर दिए है। जिसकी रिपोर्ट जल्द सौंपने को भी कहा गया है।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूल में 114 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है, यहां पर अध्यापकों के चार पद हैं, यह सभी भरे हुए हैं। एक अध्यापक की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है। जबकि तीन अध्यापिकाएं स्कूल में थीं, लेकिन स्कूल सुबह 9:00 बजे का लगा हुआ था, बच्चे 10:00 बजे तक सड़क और स्कूल परिसर में घूम रहे थे। जबकि अध्यापक इस समय स्टाफ रूम में चाय-नाशता करते हुए पाई गई। शिक्षा गुणवत्ता को बच्चों का लिया गया टेस्ट भी शून्य रहा। बच्चे हिंदी में अपना नाम तक सही से नहीं लिख पाए। जिसको लेकर नोटिस जारी कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी को भी इसकी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए है।
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परवाणू के पुरला स्कूल के हालात, शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
शिक्षा विभाग की टीम ने किया शुक्रवार को स्कूल में औचक निरीक्षण
गणित, अंग्रेजी में बच्चे जीरो, हिंदी में अपना नाम तक नहीं लिख पाए
खंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल की रिपोर्ट तैयार करने के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। परवाणू के प्राथमिक स्कूल पुरला में अध्यापकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल का औचक निरीक्षण करने गए शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा के सामने ही स्टाफ रूम में अध्यापक ब्रेकफास्ट करते पाए गए। बच्चे सड़क और खेल मैदान में घूम रहे थे। जबकि स्कूल सुबह 9:00 शुरू हो गया था। 10:00 बजे तक भी बच्चे कक्षाओं में नहीं थे। जब इसका जवाब अध्यापकों से मांगा गया तो वह कुछ नहीं बोल पाए। जिसके बाद बच्चों को कक्षाओं में बुलाया गया और उनका एक टेस्ट लिया गया। जिसमें गणित, विज्ञान तो दूर कई बच्चे हिंदी में अपना नाम तक नहीं लिख पाए। उपनिदेशक ने मौके पर ही खंड शिक्षा अधिकारी धर्मपुर को आदेश जारी कर स्कूल की रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए है। अध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार परवाणू के निजी स्कूल आई जीनियस में एक बच्चे को स्कूल से निकालने का मामला सामने आया था। जिसकी शिकायत अभिभावकों ने दी थी। इस मामले में आरटीई एक्ट के तहत जांच की जा रही है। जिसके लिए शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार शर्मा अपनी टीम के साथ जा रहे थे। जब वह 10:00 बजे पुरला के समीप पहुंचे तो उन्होंने पाया कि स्कूल समय में बच्चे सड़क पर घूम रहे हैं, जबकि कुछ बच्चे स्कूल के बरामदे में टहल रहे थे। वह गाड़ी रुकवाकर स्कूल के अंदर चले गए। जब वह स्कूल के स्टाफ रूम में पहुुंचे तो पाया कि तीन अध्यापिकाएं स्टॉफ रूम में बैठकर चाय-नाश्ता कर रही है। कक्षाओं में कोई भी नहीं है। जब मौके पर अध्यापिकाओं से जवाब मांगा तो वह इसके बारे में कुछ नहीं बोल पाईं। जिसके बाद उपनिदेशक ने सभी बच्चों को कक्षाओं में बुलाने के लिए कहा, कक्षाओं में जब बच्चों के टेस्ट लिए गए तो पाया कि गणित, विज्ञान तो दूर हिंदी में अपना नाम भी सही से नहीं लिख पाए। जिसके बाद इसकी जांच के आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को जारी कर दिए है। जिसकी रिपोर्ट जल्द सौंपने को भी कहा गया है।
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उधर, शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि स्कूल में 114 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है, यहां पर अध्यापकों के चार पद हैं, यह सभी भरे हुए हैं। एक अध्यापक की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी है। जबकि तीन अध्यापिकाएं स्कूल में थीं, लेकिन स्कूल सुबह 9:00 बजे का लगा हुआ था, बच्चे 10:00 बजे तक सड़क और स्कूल परिसर में घूम रहे थे। जबकि अध्यापक इस समय स्टाफ रूम में चाय-नाशता करते हुए पाई गई। शिक्षा गुणवत्ता को बच्चों का लिया गया टेस्ट भी शून्य रहा। बच्चे हिंदी में अपना नाम तक सही से नहीं लिख पाए। जिसको लेकर नोटिस जारी कर दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी को भी इसकी रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए है।
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