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Solan News: नौणी विवि में कुलपति और एबीवीपी के बीच वार्ता बेनतीजा, फीस वृद्धि पर भड़के छात्र
Tue, 29 Sep 2026 12:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:00 AM IST
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नौणी विश्वविद्यालय में छात्र मुद्दों को उठाते एबीवीपी के कार्यकर्ता। स्रोत : एबीवीपी
जल्द मांगों को पूरी न करने पर आंदोलन को तेज करने भी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी में छात्रों की लंबित समस्याओं, फीस वृद्धि और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच सोमवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। सुबह 11 बजे कुलपति से मुलाकात के दौरान एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल ने 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संगठन के अनुसार, लंबी चर्चा के बावजूद प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
एबीवीपी का आरोप है कि बैठक में कार्यवाहक कुलपति ने यह कहते हुए निर्णय लेने में असमर्थता जताई कि वह स्थायी कुलपति नहीं हैं। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि स्थायी कुलपति की नियुक्ति न होने के कारण छात्र हित से जुड़े फैसले नहीं लिए जा सकते तो फीस वृद्धि और अन्य प्रशासनिक निर्णय कैसे लिए जा रहे हैं।
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय के यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में हाल ही में करीब 800 सीटें बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि सीटें बढ़ाने के अनुपात में क्लासरूम, हॉस्टल, खेल मैदान और विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और आवास व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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बैठक में ग्रामीण औद्यानिकी कार्य अनुभव प्रशिक्षण के नाम पर लिए जा रहे अतिरिक्त शुल्क का विरोध किया गया। एबीवीपी ने प्लेगरिज्म शुल्क, पार्किंग फीस, हॉस्टल प्रवेश शुल्क और गेस्ट हाउस के बढ़े हुए शुल्क वापस लेने की मांग की। इसके अलावा पेयजल संकट, शौचालयों की खराब स्थिति, इंटरनेट सुविधा, स्वास्थ्य एवं परिवहन व्यवस्था और खेल मैदानों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया।
संगठन ने विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी और अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। एबीवीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है।
एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द फीस वृद्धि की समीक्षा कर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन आंदोलन करेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी में छात्रों की लंबित समस्याओं, फीस वृद्धि और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच सोमवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। सुबह 11 बजे कुलपति से मुलाकात के दौरान एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल ने 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संगठन के अनुसार, लंबी चर्चा के बावजूद प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
एबीवीपी का आरोप है कि बैठक में कार्यवाहक कुलपति ने यह कहते हुए निर्णय लेने में असमर्थता जताई कि वह स्थायी कुलपति नहीं हैं। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि स्थायी कुलपति की नियुक्ति न होने के कारण छात्र हित से जुड़े फैसले नहीं लिए जा सकते तो फीस वृद्धि और अन्य प्रशासनिक निर्णय कैसे लिए जा रहे हैं।
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एबीवीपी ने विश्वविद्यालय के यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में हाल ही में करीब 800 सीटें बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि सीटें बढ़ाने के अनुपात में क्लासरूम, हॉस्टल, खेल मैदान और विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और आवास व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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बैठक में ग्रामीण औद्यानिकी कार्य अनुभव प्रशिक्षण के नाम पर लिए जा रहे अतिरिक्त शुल्क का विरोध किया गया। एबीवीपी ने प्लेगरिज्म शुल्क, पार्किंग फीस, हॉस्टल प्रवेश शुल्क और गेस्ट हाउस के बढ़े हुए शुल्क वापस लेने की मांग की। इसके अलावा पेयजल संकट, शौचालयों की खराब स्थिति, इंटरनेट सुविधा, स्वास्थ्य एवं परिवहन व्यवस्था और खेल मैदानों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया।
संगठन ने विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी और अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। एबीवीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है।
एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द फीस वृद्धि की समीक्षा कर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो संगठन आंदोलन करेगा।