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सुबाथू के तीनों बैरियरों का छावनी परिषद ने किया अधिग्रहण
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सुबाथू (सोलन)। छावनी परिषद सुबाथू के तीनों बैरियरों का मंगलवार देर शाम छावनी परिषद ने अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद छावनी परिषद के कर्मचारियों ने प्रवेश शुल्क वसूलना शुरू कर दिया।
इससे पहले बैरियर ठेकेदार चला रहा था। ठेकेदार ने पूरे साल की वसूली कर टैक्सी चालकों और ग्रामीणों को पास और कूपन जारी किए थे। अब पास और कूपन धारकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें पास व कूपन लेने में चपत भी लगी है।
टैक्सी चालक रमेश कुमार, धीरज चंदेल, भूपेंद्र कुमार, मनसा राम सहित दर्जनों लोगों ने समस्या सीईओ को बताई है। इसके बाद उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी गई है।
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टैक्सी चालकों का कहना है कि सुबाथू में रोजी-रोटी के लिए ग्रामीणों क्षेत्र के युवाओं को रोजाना प्रवेश करने के लिए 50 रुपये शुल्क देना पड़ता है। इसके चलते सभी टैक्सी चालकों ने कुछ राहत मिलने की एवज में पास और कूपन की पूरे वर्ष की पेमेंट दी है।
हालांकि अब छावनी परिषद उनकी कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं। युवाओं ने छावनी परिषद के इस रवैये को लेकर केंद्र सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया है। हालांकि छावनी परिषद से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया।
इसके बाद सीईओ से भी मोबाइल पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। उधर, बोर्ड के मनोनीत सदस्य रवि शर्मा ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार ठेकेदार को बोर्ड ने कोई पास बनाने की अनुमति नहीं दी थी। इस कारण छावनी परिषद बेबस है।
सुबाथू-धर्मपुर बाईपास पर दौड़ने लगी गाड़ियां
अर्की से सीधे धर्मपुर को जोड़ने के लिए कैंची मोड़ से खालटू होते हुए धर्मपुर बाईपास मार्ग अब वाहन चालकों को छावनी के प्रवेश शुल्क से छुटकारा दिलवाने के लिए बेहतर विकल्प बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्र के वाहन चालकों ने छावनी परिषद में प्रवेश किए बिना अपने घरों में बिना शुल्क दिए आने पर सरकार का आभार व्यक्त किया है। हालांकि अभी भी जिला मुख्यालय जाने वाले ग्रामीणों को छावनी प्रवेश शुल्क देना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से इसका वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की गुहार लगाई है। संवाद
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इससे पहले बैरियर ठेकेदार चला रहा था। ठेकेदार ने पूरे साल की वसूली कर टैक्सी चालकों और ग्रामीणों को पास और कूपन जारी किए थे। अब पास और कूपन धारकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्हें पास व कूपन लेने में चपत भी लगी है।
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टैक्सी चालक रमेश कुमार, धीरज चंदेल, भूपेंद्र कुमार, मनसा राम सहित दर्जनों लोगों ने समस्या सीईओ को बताई है। इसके बाद उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी गई है।
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टैक्सी चालकों का कहना है कि सुबाथू में रोजी-रोटी के लिए ग्रामीणों क्षेत्र के युवाओं को रोजाना प्रवेश करने के लिए 50 रुपये शुल्क देना पड़ता है। इसके चलते सभी टैक्सी चालकों ने कुछ राहत मिलने की एवज में पास और कूपन की पूरे वर्ष की पेमेंट दी है।
हालांकि अब छावनी परिषद उनकी कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं। युवाओं ने छावनी परिषद के इस रवैये को लेकर केंद्र सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया है। हालांकि छावनी परिषद से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन फोन नहीं उठाया।
इसके बाद सीईओ से भी मोबाइल पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। उधर, बोर्ड के मनोनीत सदस्य रवि शर्मा ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार ठेकेदार को बोर्ड ने कोई पास बनाने की अनुमति नहीं दी थी। इस कारण छावनी परिषद बेबस है।
सुबाथू-धर्मपुर बाईपास पर दौड़ने लगी गाड़ियां
अर्की से सीधे धर्मपुर को जोड़ने के लिए कैंची मोड़ से खालटू होते हुए धर्मपुर बाईपास मार्ग अब वाहन चालकों को छावनी के प्रवेश शुल्क से छुटकारा दिलवाने के लिए बेहतर विकल्प बन चुका है। ग्रामीण क्षेत्र के वाहन चालकों ने छावनी परिषद में प्रवेश किए बिना अपने घरों में बिना शुल्क दिए आने पर सरकार का आभार व्यक्त किया है। हालांकि अभी भी जिला मुख्यालय जाने वाले ग्रामीणों को छावनी प्रवेश शुल्क देना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से इसका वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की गुहार लगाई है। संवाद