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Solan News: ईएसआई अस्पताल में तीन साल से खराब अल्ट्रासाउंड मशीन
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परवाणू ईएसआई अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में लटका ताला। संवाद
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कामगारों और गर्भवती महिलाओं को टेस्ट के लिए भेजा जा रहा चंडीबगढ़, और पंचकूला
ईएसआई अस्पताल परवाणू में 20 हजार कामगार हैं पंजीकृत
एमएम भंडारी
परवाणू (सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल परवाणू में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी है। यहां पर कामगारों और गर्भवती महिलाओं को टेस्ट के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला भेजा जा रहा है। इससे मरीजों का पैसा खर्च हो रहा है। परवाणू में बीते तीन वर्ष से मशीन खराब पड़ी है। मशीन को न अब तक ठीक नहीं किया और न ही नई मशीन खरीदी गई। बार समस्या से अधिकारियों और नेताओं को अवगत करवाया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
परवाणू में ईएसआई के लगभग 20 हजार पंजीकृत कामगार हैं। साथ ही आसपास की करीब आठ पंचायतों के लोग भी इलाज के लिए यहीं पर आते हैं। बीमारी से पीड़ित कामगारों को परवाणू के उक्त अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध न होने पर ईएसआई के अस्पतालों के पैनल पर पंजीकृत चंडीगढ़ या मोहाली के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हो रही है। उन्हें चंडीगढ़ जाना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा वह निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डाॅक्टर ज्योति कपिल ने बताया कि मशीन को ठीक करवाने के लिए ईएसआई बद्दी के क्षेत्रीय निदेशक सहित हिमाचल के स्वास्थ्य निदेशक को भी अवगत करवाया जा चुका है।
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ईएसआई अस्पताल परवाणू में 20 हजार कामगार हैं पंजीकृत
एमएम भंडारी
परवाणू (सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल परवाणू में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी है। यहां पर कामगारों और गर्भवती महिलाओं को टेस्ट के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला भेजा जा रहा है। इससे मरीजों का पैसा खर्च हो रहा है। परवाणू में बीते तीन वर्ष से मशीन खराब पड़ी है। मशीन को न अब तक ठीक नहीं किया और न ही नई मशीन खरीदी गई। बार समस्या से अधिकारियों और नेताओं को अवगत करवाया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
परवाणू में ईएसआई के लगभग 20 हजार पंजीकृत कामगार हैं। साथ ही आसपास की करीब आठ पंचायतों के लोग भी इलाज के लिए यहीं पर आते हैं। बीमारी से पीड़ित कामगारों को परवाणू के उक्त अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध न होने पर ईएसआई के अस्पतालों के पैनल पर पंजीकृत चंडीगढ़ या मोहाली के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। सबसे ज्यादा समस्या गर्भवती महिलाओं और बच्चों को हो रही है। उन्हें चंडीगढ़ जाना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा वह निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डाॅक्टर ज्योति कपिल ने बताया कि मशीन को ठीक करवाने के लिए ईएसआई बद्दी के क्षेत्रीय निदेशक सहित हिमाचल के स्वास्थ्य निदेशक को भी अवगत करवाया जा चुका है।
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