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पर्यटन नगरी चायल में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
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ग्राम पंचायत चायल का बर्फ के बीच नजारा। संवाद
- फोटो : SOLAN
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सोलन/चायल। जिले के करोल, बाड़ीधार समेत पर्यटन नगरी चायल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में तीसरी बार बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। वहीं सोलन समेत निचले क्षेत्रों में भारी बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। इसके अलावा बर्फबारी से शिमला, चायल समेत सिरमौर के कुछ मार्ग बंद हो गए हैं। इसके चलते एचआरटीसी सोलन डिपो के रूट प्रभावित हो गए हैं।
इसके अलावा चायल और साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित रही है। कुनिहार, सुबाथू, धर्मपुर, परवाणू, अर्की में बारिश से ठंड में इजाफा हुआ है। पिछले तीन दिन से मैदानी क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड में इजाफा हो गया है। सोमवार को भी लोग घरों में हीटर और चूल्हों के पास दुबक कर बैठे रहे। वहीं बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों के चेहरे खिल उठे।
इसके अलावा बर्फबारी के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम के सात रूट प्रभावित हुए। इसमें शिमला-चंडीगढ़ के दो रूट, सोलन-रोहड़ू, सोलन-विजमल, सोलन-आईजीएमसी प्रभावित रहे। सोलन से चायल जाने वाले बसें चायल से करीब तीन किलोमीटर पीछे बाबा मोड़ तक ही पहुंच सकी है। इसके अलावा चायल के संपर्क मार्ग समेत चायल-कुफरी-गौड़ा, जुन्गा-चायल मार्ग भी बर्फबारी के कारण बंद हैं। पेयजल योजनाओं से पानी की लिफ्टिंग न होने के कारण लोगों को पेयजल किल्लत भी झेलनी पड़ रही है।
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पर्यटकों ने किया चायल-शिमला का रुख
गणतंत्र दिवस समेत अन्य अवकाश के चलते बाहरी राज्यों के लोगों ने शिमला, चायल, कसौली समेत अन्य क्षेत्रों का रुख करना शुरू कर दिया है। इसके चलते एनएच पर वाहनों की संख्या भी बढ़नी शुरू हो गई है। इससे होटल कारोबारी के चेहरे भी खिल उठे हैं। हालांकि इससे पहले बर्फबारी के दौरान बहुत कम संख्या में पर्यटक शिमला, चायल, कसौली समेत सोलन क्षेत्र पहुंचे थे लेकिन अब सप्ताह की दूसरी बर्फबारी के बाद होटल कारोबारी को अधिक पर्यटक आने की उम्मीद हैं। इससे उनके कारोबार को अच्छा मुनाफा हो सकता है।
बारिश और बर्फबारी से किसान-बागवान खुश
क्षेत्र में दूसरी बर्फबारी और बारिश से किसान और बागवान खुश हैं। ज्ञात रहे किसानों समेत बागवानों ने नौणी विवि समेत बागवानी विभाग से हजारों की संख्या में फलदार पौधे खरीदे हैं। इसकी रोपाई के लिए बारिश बहुत आवश्यक थी। इसके अलावा किसानों की रबी फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। वहीं अब बागवान भी प्लम, खुमानी, सेब, आडू समेत अन्य पौधों की रोपाई सहित तौलिए बनाने का काम भी कर सकते हैं।
लोगों को कंपकंपाती ठंड से झेलनी पड़ी परेशानी
चायल समेत आसपास के क्षेत्रों में रविवार शाम से विद्युत आपूर्ति ठप रही है। हालांकि विद्युत बोर्ड के कर्मचारी विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में लगे हैं। बर्फबारी के कारण क्षेत्र में ठंड में भी इजाफा हुआ है। इतनी ठंड के बाद भी लोग हीटर तक नहीं सेंक सके। लोग सुबह दस बजे से लेकर दोपहर तक बिजली के कटों के कारण हीटर, बलौर समेत अन्य बिजली के उपकरणों का प्रयोग तक नहीं कर सके। इसके कारण उन्हें कंपकंपाती ठंड में घरों समेत कार्यालयों के बाहर आग सेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। शाम तक विद्युत सप्लाई बहाल हो जाएगी।
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इसके अलावा चायल और साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित रही है। कुनिहार, सुबाथू, धर्मपुर, परवाणू, अर्की में बारिश से ठंड में इजाफा हुआ है। पिछले तीन दिन से मैदानी क्षेत्रों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड में इजाफा हो गया है। सोमवार को भी लोग घरों में हीटर और चूल्हों के पास दुबक कर बैठे रहे। वहीं बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों के चेहरे खिल उठे।
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इसके अलावा बर्फबारी के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम के सात रूट प्रभावित हुए। इसमें शिमला-चंडीगढ़ के दो रूट, सोलन-रोहड़ू, सोलन-विजमल, सोलन-आईजीएमसी प्रभावित रहे। सोलन से चायल जाने वाले बसें चायल से करीब तीन किलोमीटर पीछे बाबा मोड़ तक ही पहुंच सकी है। इसके अलावा चायल के संपर्क मार्ग समेत चायल-कुफरी-गौड़ा, जुन्गा-चायल मार्ग भी बर्फबारी के कारण बंद हैं। पेयजल योजनाओं से पानी की लिफ्टिंग न होने के कारण लोगों को पेयजल किल्लत भी झेलनी पड़ रही है।
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पर्यटकों ने किया चायल-शिमला का रुख
गणतंत्र दिवस समेत अन्य अवकाश के चलते बाहरी राज्यों के लोगों ने शिमला, चायल, कसौली समेत अन्य क्षेत्रों का रुख करना शुरू कर दिया है। इसके चलते एनएच पर वाहनों की संख्या भी बढ़नी शुरू हो गई है। इससे होटल कारोबारी के चेहरे भी खिल उठे हैं। हालांकि इससे पहले बर्फबारी के दौरान बहुत कम संख्या में पर्यटक शिमला, चायल, कसौली समेत सोलन क्षेत्र पहुंचे थे लेकिन अब सप्ताह की दूसरी बर्फबारी के बाद होटल कारोबारी को अधिक पर्यटक आने की उम्मीद हैं। इससे उनके कारोबार को अच्छा मुनाफा हो सकता है।
बारिश और बर्फबारी से किसान-बागवान खुश
क्षेत्र में दूसरी बर्फबारी और बारिश से किसान और बागवान खुश हैं। ज्ञात रहे किसानों समेत बागवानों ने नौणी विवि समेत बागवानी विभाग से हजारों की संख्या में फलदार पौधे खरीदे हैं। इसकी रोपाई के लिए बारिश बहुत आवश्यक थी। इसके अलावा किसानों की रबी फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। वहीं अब बागवान भी प्लम, खुमानी, सेब, आडू समेत अन्य पौधों की रोपाई सहित तौलिए बनाने का काम भी कर सकते हैं।
लोगों को कंपकंपाती ठंड से झेलनी पड़ी परेशानी
चायल समेत आसपास के क्षेत्रों में रविवार शाम से विद्युत आपूर्ति ठप रही है। हालांकि विद्युत बोर्ड के कर्मचारी विद्युत आपूर्ति को बहाल करने में लगे हैं। बर्फबारी के कारण क्षेत्र में ठंड में भी इजाफा हुआ है। इतनी ठंड के बाद भी लोग हीटर तक नहीं सेंक सके। लोग सुबह दस बजे से लेकर दोपहर तक बिजली के कटों के कारण हीटर, बलौर समेत अन्य बिजली के उपकरणों का प्रयोग तक नहीं कर सके। इसके कारण उन्हें कंपकंपाती ठंड में घरों समेत कार्यालयों के बाहर आग सेंकने के लिए मजबूर होना पड़ा। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि विद्युत लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य किया जा रहा है। शाम तक विद्युत सप्लाई बहाल हो जाएगी।

चायल में बर्फ से ढ़की गाडियां। संवाद- फोटो : SOLAN