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Solan News: स्वयं सहायता समूह ने लगाया स्टॉल, मक्की का आटा 70 रुपयेे प्रति किलो
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मालरोड पर मक्की का आटा बेचती हुई महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कड़ाके की ठंड के बीच सोलन के मालरोड पर इन दिनों पहाड़ी खान-पान की महक राहगीरों को अपनी ओर खींच रही है। चिल्ड्रन पार्क के पास स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विशेष स्टॉल लगाकर पारंपरिक व्यंजनों के जरिये स्वरोजगार की नई इबारत लिखी है।
यहां न केवल गर्मागर्म मक्की की रोटी और सरसों का साग परोसा जा रहा है, बल्कि प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं। महिलाओं की ओर से लगाए गए इस स्टॉल पर शुद्धता का खास ख्याल रखा गया है। यहां प्राकृतिक खेती से उगाई गई सरसों और मक्की का आटा उपलब्ध है।
सरसों का साग 20 रुपये प्रति गुच्छी और मक्की का आटा 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है। लोग न केवल यहां बैठकर स्वाद ले रहे हैं, बल्कि घर के लिए भी साग और रोटी पैक करवाकर ले जा रहे हैं। ठंड के प्रकोप को देखते हुए महिलाओं ने सेहत से भरपूर लड्डू भी तैयार किए हैं। इसमें अलसी का एक लड्डू 10 रुपये के हिसाब से बेचा जा रहा है। वहीं रागी और बाजरा के लड्डू 20 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचे जा रहे हैं।
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महिलाओं का दावा है कि ये लड्डू पूरी तरह से घर पर तैयार किए गए हैं, जो पौष्टिकता से भरपूर हैं। इसके अलावा स्टॉल पर पहाड़ी व्यंजन सिड्डू और मालपुड़े का आनंद भी लोग उठा रहे हैं।
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सोलन। कड़ाके की ठंड के बीच सोलन के मालरोड पर इन दिनों पहाड़ी खान-पान की महक राहगीरों को अपनी ओर खींच रही है। चिल्ड्रन पार्क के पास स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विशेष स्टॉल लगाकर पारंपरिक व्यंजनों के जरिये स्वरोजगार की नई इबारत लिखी है।
यहां न केवल गर्मागर्म मक्की की रोटी और सरसों का साग परोसा जा रहा है, बल्कि प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं। महिलाओं की ओर से लगाए गए इस स्टॉल पर शुद्धता का खास ख्याल रखा गया है। यहां प्राकृतिक खेती से उगाई गई सरसों और मक्की का आटा उपलब्ध है।
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सरसों का साग 20 रुपये प्रति गुच्छी और मक्की का आटा 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जा रहा है। लोग न केवल यहां बैठकर स्वाद ले रहे हैं, बल्कि घर के लिए भी साग और रोटी पैक करवाकर ले जा रहे हैं। ठंड के प्रकोप को देखते हुए महिलाओं ने सेहत से भरपूर लड्डू भी तैयार किए हैं। इसमें अलसी का एक लड्डू 10 रुपये के हिसाब से बेचा जा रहा है। वहीं रागी और बाजरा के लड्डू 20 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचे जा रहे हैं।
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महिलाओं का दावा है कि ये लड्डू पूरी तरह से घर पर तैयार किए गए हैं, जो पौष्टिकता से भरपूर हैं। इसके अलावा स्टॉल पर पहाड़ी व्यंजन सिड्डू और मालपुड़े का आनंद भी लोग उठा रहे हैं।