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नाले में फेंके सड़े सेब से परवाणू में डेंगू का खतरा
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सेब मंडी परवाणू में नाले में ही फैंके जा रहे गले-सड़े सेब।
- फोटो : SOLAN
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परवाणू (सोलन)। परवाणू के सेक्टर-6 में डेंगू पनपने का खतरा बढ़ गया है।सेब मंडी परवाणू में गले-सड़े सेब को साथ लगते नाले में ही फेंका जा रहा है। इस कारण यहां पर बदबू फैली हुई है और इसमें मच्छर, मक्खियां भी पनप रहीं हैं। इस कारण डेंगू फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
हालांकि, अभी तक नगर परिषद ने डेंगू से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए हैं। अभी तक परवाणू में एक भी डेंगू का मामला सामने नहीं आया है जबकि पिछले वर्ष अभी तक करीब 100 मामले डेंगू के पहुंच चुके थे। हालांकि, ऐसी गंदगी से डेंगू पनपने का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम ने सहायक आयुक्त परवाणू डॉ. विक्रम सिंह नेगी की अध्यक्षता में सेब मंडी का दौरा किया और सड़े सेब नाले में न फेंकने के निर्देश जारी किए।
इस मौके पर नगर परिषद परवाणू के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा, कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा, जाबली पंचायत के प्रधान दुनी चंद धीमान, एचपीएमसी के बीएम सतपाल शर्मा, फारेस्ट से प्रमोद शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नाले में लग गए हैं सेब के ढेर
व्यापारी मंडी में बागवानों से बोरियों में भर कर छोटे और दागी किस्म के सेब खरीद लेते हैं और बाद में लेबर लगाकर सेब की छंटनी करवाई जाती है। इस प्रक्रिया में अच्छे सेब अलग कर गले-सड़े सेब को फेंक दिया जाता है लेकिन एपल मंडी परवाणू में कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते व्यापारी सारा गला सड़ा सेब नाले में फेंकने को मजबूर हैं। आलम यह है कि सारा नाला सड़े-गले सेबों से भर गया है।
नप के डेंगू नियंत्रण अभियान को लगा झटका
नगर परिषद परवाणू की डेंगू नियंत्रण मुहिम को भी झटका लगा है। पिछले वर्ष परवाणू में डेंगू के रोगियों का आंकड़ा 100 पार कर गया था। इसके चलते नगर परिषद ने स्मार्ट वर्क कर पहले ही मुहिम चला दी थी। इसका परिणाम है कि परवाणू में अभी तक डेंगू नियंत्रण में है। इसका एक भी केस अभी तक परवाणू में सामने नहीं आया है। नगर परिषद डेंगू की रोकथाम के लिए पसीना बहा रही है जबकि दूसरी तरफ एपल मंडी परवाणू में डेंगू को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।
उपायुक्त को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सहायक आयुक्त डॉ. विक्रम नेगी ने बताया कि समस्या से निपटने के लिए फौरी तौर पर ट्रैक्टर लगाया जाएगा जिससे व्यापारी नाले में सेब न फेंक कर किसी बेहतर जगह पर नष्ट कर पाएं। इसकी एक रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त को भेजी जाएगी। इसके बाद वहां से जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि, अभी तक नगर परिषद ने डेंगू से निपटने के लिए उचित प्रबंध किए हैं। अभी तक परवाणू में एक भी डेंगू का मामला सामने नहीं आया है जबकि पिछले वर्ष अभी तक करीब 100 मामले डेंगू के पहुंच चुके थे। हालांकि, ऐसी गंदगी से डेंगू पनपने का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की एक टीम ने सहायक आयुक्त परवाणू डॉ. विक्रम सिंह नेगी की अध्यक्षता में सेब मंडी का दौरा किया और सड़े सेब नाले में न फेंकने के निर्देश जारी किए।
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इस मौके पर नगर परिषद परवाणू के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा, कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा, जाबली पंचायत के प्रधान दुनी चंद धीमान, एचपीएमसी के बीएम सतपाल शर्मा, फारेस्ट से प्रमोद शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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नाले में लग गए हैं सेब के ढेर
व्यापारी मंडी में बागवानों से बोरियों में भर कर छोटे और दागी किस्म के सेब खरीद लेते हैं और बाद में लेबर लगाकर सेब की छंटनी करवाई जाती है। इस प्रक्रिया में अच्छे सेब अलग कर गले-सड़े सेब को फेंक दिया जाता है लेकिन एपल मंडी परवाणू में कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते व्यापारी सारा गला सड़ा सेब नाले में फेंकने को मजबूर हैं। आलम यह है कि सारा नाला सड़े-गले सेबों से भर गया है।
नप के डेंगू नियंत्रण अभियान को लगा झटका
नगर परिषद परवाणू की डेंगू नियंत्रण मुहिम को भी झटका लगा है। पिछले वर्ष परवाणू में डेंगू के रोगियों का आंकड़ा 100 पार कर गया था। इसके चलते नगर परिषद ने स्मार्ट वर्क कर पहले ही मुहिम चला दी थी। इसका परिणाम है कि परवाणू में अभी तक डेंगू नियंत्रण में है। इसका एक भी केस अभी तक परवाणू में सामने नहीं आया है। नगर परिषद डेंगू की रोकथाम के लिए पसीना बहा रही है जबकि दूसरी तरफ एपल मंडी परवाणू में डेंगू को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।
उपायुक्त को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सहायक आयुक्त डॉ. विक्रम नेगी ने बताया कि समस्या से निपटने के लिए फौरी तौर पर ट्रैक्टर लगाया जाएगा जिससे व्यापारी नाले में सेब न फेंक कर किसी बेहतर जगह पर नष्ट कर पाएं। इसकी एक रिपोर्ट बनाकर जिला उपायुक्त को भेजी जाएगी। इसके बाद वहां से जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।