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रामायण मानव को सुख व आनंद देने वाला ग्रंथ : साध्वी शची
Sat, 28 Sep 2024 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 28 Sep 2024 11:50 PM IST
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धर्मपुर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से श्रीराम कथा के शुभारंभ पर मौजूद महिलाएं। संव
धर्मपुर में हुआ सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आर्य समाज भवन सुबाथू रोड धर्मपुर में सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। पूजन के साथ शुरू हुई कथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी शची भारती ने बताया कि रामायण एक विलक्षण व दिव्यता से परिपूर्ण ग्रंथ है। जिसकी कथा मानव जाति को सुख समृद्धि व आनंद देने वाली है। उन्होंने बताया कि भगवान राम की कथा में गोता लगाने से मानव को प्रभु की प्राप्ति होती है।
भगवान शिव भी सत्संग का महत्व मां पार्वती को बताते हुए कहते हैं कि उसकी विद्या, धन, बल, भाग्य सब कुछ निरर्थक है, जिसके जीवन में संत की प्राप्ति नहीं हुई। परमात्मा से मिलन के लिए संत एक मध्यस्थ है इसलिए हमें जीवन में पूर्ण संत की खोज में अग्रसर होना चाहिए जो हमारा मिलन परमात्मा से करवा दे। इस दौरान भजन का भी लोगों ने खूब आनंद लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से आर्य समाज भवन सुबाथू रोड धर्मपुर में सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। पूजन के साथ शुरू हुई कथा में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी शची भारती ने बताया कि रामायण एक विलक्षण व दिव्यता से परिपूर्ण ग्रंथ है। जिसकी कथा मानव जाति को सुख समृद्धि व आनंद देने वाली है। उन्होंने बताया कि भगवान राम की कथा में गोता लगाने से मानव को प्रभु की प्राप्ति होती है।
भगवान शिव भी सत्संग का महत्व मां पार्वती को बताते हुए कहते हैं कि उसकी विद्या, धन, बल, भाग्य सब कुछ निरर्थक है, जिसके जीवन में संत की प्राप्ति नहीं हुई। परमात्मा से मिलन के लिए संत एक मध्यस्थ है इसलिए हमें जीवन में पूर्ण संत की खोज में अग्रसर होना चाहिए जो हमारा मिलन परमात्मा से करवा दे। इस दौरान भजन का भी लोगों ने खूब आनंद लिया।
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