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ट्रेन पटरी से उतरने पर रेलवे कर्मचारियों मचा हड़कंप
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सोलन के बड़ोग स्टेशन पर पटरी पर आई मालगाड़ी को ट्रेन से पीछे की ओर खींचते हुए। संवाद
- फोटो : SOLAN
सोलन। हैरिटेज रेलवे ट्रैक कालका-शिमला के बड़ोग स्टेशन पर पटरी से ट्रेन उतरने की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों सहित लोगों में हड़कंप मच गया।
कालका से पानी लेकर आ रही डिपार्टमेंटल ट्रेन जैसे ही 11:15 मिनट पर स्टेशन पहुंची तो एकदम से ट्रेन की आपातकाल ब्रेक लगते ही स्टेशन में मौजूद कर्मचारी एकत्रित हो गए। इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई।
वहीं, देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भीड़ भी एकत्रित होनी शुरू हो गई। कालका-शिमला रेलवे लाइन का बड़ोग सबसे मुख्य स्टेशन है। यहां पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक काफी समय के लिए ठहरते हैं। हालांकि ट्रैक से उतरी रेल सिर्फ पानी लेकर कालका से आ रही थी।
वहीं, इस हादसे के बाद शिमला से कालका के लिए आवाजाही कर रहीं दो ट्रेन भी करीब एक घंटा लेट हुई हैं। जानकारी के अनुसार हादसा होने के बाद करीब एक बजे तक रेलवे विभाग के डीआरएम सहित अन्य इंजीनियर मौके पर पहुंच गए थे। वहीं, ठीक दो बजे एआरटी की पूरी टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त हुई ट्रेन की बोगियों को इंजन से अलग करने का कार्य किया गया। ट्रैक को खाली करने की पूरी कोशिश करने के बाद ढाई बजे स्टेशन के ट्रैक को आवाजाही के लिए बहाल किया गया, जबकि क्षतिग्रस्त बोगी को हटाने के लिए करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगा। उधर, रेलवे विभाग के डीआरएम गुरविंद्र मोहन सिंह ने कहा कि हादसे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इंजीनियरों की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
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कालका से पानी लेकर आ रही डिपार्टमेंटल ट्रेन जैसे ही 11:15 मिनट पर स्टेशन पहुंची तो एकदम से ट्रेन की आपातकाल ब्रेक लगते ही स्टेशन में मौजूद कर्मचारी एकत्रित हो गए। इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी गई।
वहीं, देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भीड़ भी एकत्रित होनी शुरू हो गई। कालका-शिमला रेलवे लाइन का बड़ोग सबसे मुख्य स्टेशन है। यहां पर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक काफी समय के लिए ठहरते हैं। हालांकि ट्रैक से उतरी रेल सिर्फ पानी लेकर कालका से आ रही थी।
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वहीं, इस हादसे के बाद शिमला से कालका के लिए आवाजाही कर रहीं दो ट्रेन भी करीब एक घंटा लेट हुई हैं। जानकारी के अनुसार हादसा होने के बाद करीब एक बजे तक रेलवे विभाग के डीआरएम सहित अन्य इंजीनियर मौके पर पहुंच गए थे। वहीं, ठीक दो बजे एआरटी की पूरी टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद क्षतिग्रस्त हुई ट्रेन की बोगियों को इंजन से अलग करने का कार्य किया गया। ट्रैक को खाली करने की पूरी कोशिश करने के बाद ढाई बजे स्टेशन के ट्रैक को आवाजाही के लिए बहाल किया गया, जबकि क्षतिग्रस्त बोगी को हटाने के लिए करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगा। उधर, रेलवे विभाग के डीआरएम गुरविंद्र मोहन सिंह ने कहा कि हादसे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इंजीनियरों की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
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