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Solan News: चंबाघाट-शलूमणा सड़क की मरम्मत की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के तहत चंबाघाट-शलूमणा-कंडाघाट सडक को चौड़ा व मरम्मत करने के लिए किए जा रहे काम पर अब स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। यहां सड़क को कई स्थानों पर चौड़ा ही नहीं किया गया है और जहां इसकी चौड़ाई बढ़ाई गई, वहां पर टारिंग का काम आधी सड़क पर ही किया गया। करीब दो सालों से चल रहे कार्य से स्थानीय पंचायतों के ग्रामीण नाखुश है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसे सही तरीके से चौड़ा नहीं किया गया है, वहीं टारिंग की गुणवत्ता भी सही नहीं है। वहीं लोगों ने कहा कि यह टारिंग एक ही बरसात में खराब हो जाएंगी। एक-दो दिन बाद ही यह कई स्थानों से उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने केंद्र व प्रदेश सरकार से इस सड़क निर्माण बारे ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता के साथ डीपीआर भी सही से नहीं बनाई गई। इसी कारण रोड पहले की हालत पहले जैसी ही है और अब ज्यादा दुर्घटनाएं हो सकती है। ग्राम पंचायत धरोट के सलूमणा के पूर्व वार्ड सदस्य कुलदीप मेहता ने बताया कि यहां पिछले दो सालों से सड़क को ठीक करने का काम किया जा रहा है। योजना के तहत सड़क को चौड़ा करने का काम किया जाना था, लेकिन कहीं-कहीं पर ही सड़क को चौड़ा किया गया। कई स्थानों पर सड़क अभी भी बहुत संकरी है। टारिंग की लेयर बहुत पतली है। वहीं भाजपा के पूर्व प्रत्याशी राजेश कश्यप ने कहा कि लोगों की शिकायतों के ऊपर काम किया जाना चाहिए। टारिंग की मोटाई पर भी अधिकारियों को अच्छे से ध्यान देना चाहिए और स्वयं जाकर काम की देखरेख करनी चाहिए।
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सोलन। प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के तहत चंबाघाट-शलूमणा-कंडाघाट सडक को चौड़ा व मरम्मत करने के लिए किए जा रहे काम पर अब स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। यहां सड़क को कई स्थानों पर चौड़ा ही नहीं किया गया है और जहां इसकी चौड़ाई बढ़ाई गई, वहां पर टारिंग का काम आधी सड़क पर ही किया गया। करीब दो सालों से चल रहे कार्य से स्थानीय पंचायतों के ग्रामीण नाखुश है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसे सही तरीके से चौड़ा नहीं किया गया है, वहीं टारिंग की गुणवत्ता भी सही नहीं है। वहीं लोगों ने कहा कि यह टारिंग एक ही बरसात में खराब हो जाएंगी। एक-दो दिन बाद ही यह कई स्थानों से उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने केंद्र व प्रदेश सरकार से इस सड़क निर्माण बारे ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता के साथ डीपीआर भी सही से नहीं बनाई गई। इसी कारण रोड पहले की हालत पहले जैसी ही है और अब ज्यादा दुर्घटनाएं हो सकती है। ग्राम पंचायत धरोट के सलूमणा के पूर्व वार्ड सदस्य कुलदीप मेहता ने बताया कि यहां पिछले दो सालों से सड़क को ठीक करने का काम किया जा रहा है। योजना के तहत सड़क को चौड़ा करने का काम किया जाना था, लेकिन कहीं-कहीं पर ही सड़क को चौड़ा किया गया। कई स्थानों पर सड़क अभी भी बहुत संकरी है। टारिंग की लेयर बहुत पतली है। वहीं भाजपा के पूर्व प्रत्याशी राजेश कश्यप ने कहा कि लोगों की शिकायतों के ऊपर काम किया जाना चाहिए। टारिंग की मोटाई पर भी अधिकारियों को अच्छे से ध्यान देना चाहिए और स्वयं जाकर काम की देखरेख करनी चाहिए।