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Solan News: दो माह बाद पीएसए प्लांट ठीक, मरीजों को मिलेगी निर्बाध ऑक्सीजन
Sat, 31 Aug 2024 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 31 Aug 2024 11:43 PM IST
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प्लांट से 200 बिस्तर तक पाइप से होगी सीधी सप्लाई
सिलिंडरों पर खर्च होने वाले पैसे की भी महकमा करेगा बचत
दो माह में ऑक्सीजन सिलिंडरों पर खर्च हो गए हैं हजारों रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में दो माह बाद प्रेशर स्वींग एडजोर्पशन (पीएसए) प्लांट को तकनीकी कर्मचारियों ने ठीक कर दिया है। अब फिर मरीजों को अस्पताल में निर्बाध ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। अभी तक प्लांट न चलने से सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही थी। इससे लोगों को सिलिंडर एक स्थान से दूसरे स्थान तक घसीट कर ले जाने पड़ते थे। लेकिन अब प्लांट ठीक होने के बाद सिलिंडरों को एक से दूसरी जगह तक ले जाने से छुटकारा मिल जाएगा।
इसी के साथ 200 बिस्तर तक पाइप के माध्यम से सीधी सप्लाई होगी। वहीं, सिलिंडरों पर खर्च होने वाले हजारों रुपये की भी बचत हो जाएगी। इससे अस्पताल का खर्च भी बढ़ा हुआ था। अस्पताल प्रशासन को सिलिंडरों को भरवाने के लिए गाड़ी नालागढ़ भेजनी पड़ती थी। लेकिन अब इससे भी अस्पताल प्रशासन को राहत मिल जाएगी।
गौर रहे कि जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना काल के दौरान पीएसए प्लांट लगाया गया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से इस प्लांट के जरिए 200 बिस्तरों को जोड़ा गया था। इससे कोरोना मरीजों को ही नहीं बल्कि सांस के और दूसरे रोगियों को ऑक्सीजन की सुविधा मिली थी। प्लांट को कर्मियों की ओर से 18 से 20 घंटे तक चलाया जा रहा था। इससे अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत को भी पीएसए प्लांट ने कम कर दिया था। लेकिन जून के मध्य ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद से इसकी मरम्मत करने के लिए विभाग ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था। ऑक्सीजन प्लांट के बंद हो जाने के बाद रोजाना करीब 20 सिलिंडरों की खपत हो रही थी।
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इनसेट
कार्यकारी एमएस ने किया निरीक्षण
प्लांट ठीक होने के बाद कार्यकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप जैन ने निरीक्षण किया। वार्ड में निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों से ऑक्सीजन के बारे में जानकारी ली। वहीं, उन्होंने ऑक्सीजन पाइप लाइन से कनेक्ट किए वॉल्व की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान प्लांट इंचार्ज भी साथ थे। उन्हें जिन प्वाइंट से ऑक्सीजन लीक हो रही थी उसे ठीक करने के लिए कहा।
इनसेट
पीएसए प्लांट को ठीक करवा दिया गया है। मरीजों को इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। अस्पताल में मरीजों को सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. संदीप जैन
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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सिलिंडरों पर खर्च होने वाले पैसे की भी महकमा करेगा बचत
दो माह में ऑक्सीजन सिलिंडरों पर खर्च हो गए हैं हजारों रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में दो माह बाद प्रेशर स्वींग एडजोर्पशन (पीएसए) प्लांट को तकनीकी कर्मचारियों ने ठीक कर दिया है। अब फिर मरीजों को अस्पताल में निर्बाध ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। अभी तक प्लांट न चलने से सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन दी जा रही थी। इससे लोगों को सिलिंडर एक स्थान से दूसरे स्थान तक घसीट कर ले जाने पड़ते थे। लेकिन अब प्लांट ठीक होने के बाद सिलिंडरों को एक से दूसरी जगह तक ले जाने से छुटकारा मिल जाएगा।
इसी के साथ 200 बिस्तर तक पाइप के माध्यम से सीधी सप्लाई होगी। वहीं, सिलिंडरों पर खर्च होने वाले हजारों रुपये की भी बचत हो जाएगी। इससे अस्पताल का खर्च भी बढ़ा हुआ था। अस्पताल प्रशासन को सिलिंडरों को भरवाने के लिए गाड़ी नालागढ़ भेजनी पड़ती थी। लेकिन अब इससे भी अस्पताल प्रशासन को राहत मिल जाएगी।
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गौर रहे कि जिले के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल में कोरोना काल के दौरान पीएसए प्लांट लगाया गया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से इस प्लांट के जरिए 200 बिस्तरों को जोड़ा गया था। इससे कोरोना मरीजों को ही नहीं बल्कि सांस के और दूसरे रोगियों को ऑक्सीजन की सुविधा मिली थी। प्लांट को कर्मियों की ओर से 18 से 20 घंटे तक चलाया जा रहा था। इससे अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत को भी पीएसए प्लांट ने कम कर दिया था। लेकिन जून के मध्य ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद से इसकी मरम्मत करने के लिए विभाग ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था। ऑक्सीजन प्लांट के बंद हो जाने के बाद रोजाना करीब 20 सिलिंडरों की खपत हो रही थी।
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कार्यकारी एमएस ने किया निरीक्षण
प्लांट ठीक होने के बाद कार्यकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप जैन ने निरीक्षण किया। वार्ड में निरीक्षण के दौरान भर्ती मरीजों से ऑक्सीजन के बारे में जानकारी ली। वहीं, उन्होंने ऑक्सीजन पाइप लाइन से कनेक्ट किए वॉल्व की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान प्लांट इंचार्ज भी साथ थे। उन्हें जिन प्वाइंट से ऑक्सीजन लीक हो रही थी उसे ठीक करने के लिए कहा।
इनसेट
पीएसए प्लांट को ठीक करवा दिया गया है। मरीजों को इसकी सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। अस्पताल में मरीजों को सभी सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. संदीप जैन
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन