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Solan News: एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंका
Sun, 11 Oct 2026 12:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 11 Oct 2026 12:02 AM IST
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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता मजबूत करने की मांग को लेकर शहर के पुरने बस
उपायुक्त कार्यालय के बाहर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के विरोध में सीटू, हिमाचल किसान सभा और भारत की छात्र फेडरेशन (एसएफआई) ने पुराने बस अड्डे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के बाहर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। संगठनों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद करने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित है और प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने से उसके लोकतांत्रिक अधिकार पर असर पड़ता है। उन्होंने एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताते हुए प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
संगठनों ने मांग की कि हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और प्रभावित नागरिकों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने शिकायतों की निष्पक्ष जांच और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
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सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संविधान के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता सूची की त्रुटियां दूर कर प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के विरोध में सीटू, हिमाचल किसान सभा और भारत की छात्र फेडरेशन (एसएफआई) ने पुराने बस अड्डे पर प्रदर्शन किया। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के बाहर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। संगठनों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया रद करने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पर आधारित है और प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार है। मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटने से उसके लोकतांत्रिक अधिकार पर असर पड़ता है। उन्होंने एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताते हुए प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
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संगठनों ने मांग की कि हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और प्रभावित नागरिकों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने शिकायतों की निष्पक्ष जांच और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
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सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संविधान के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाता सूची की त्रुटियां दूर कर प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने की मांग की।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता मजबूत करने की मांग को लेकर शहर के पुरने बस