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छठ पर बालद, सरसा और चिकनी खड्ड में सूर्य देव की आराधना
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बद्दी में छठ पर्व पर पूर्वांचल करने पहुंची महिलाएं व अन्य। संवाद
- फोटो : SOLAN
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में छठ पर्व पर पूर्वांचल राज्यों के लोगों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। छठी मइया का उपवास करने वाले लोग पानी में खड़े होकर सूर्य देव की आराधना करते और सूर्य डूबने पर पानी से बाहर निकले। बद्दी में बालद, सरसा और चिकनी खड्ड समेत नदी नालों के किनारे दो दिन पहले से सजाए घाटों पर लोगों ने सूर्य देव की आराधना की।
बिहार के मतियारी जिले की रहने वाली रीना देवी ने बताया कि वह पिछले 12 साल से इस व्रत को कर रही है। उसके पहले औलाद नहीं थी। छठी मइया का उपवास करने के बाद उसके घर में औलाद के साथ-साथ सुख समृद्धि बनी हुई है।
छपरा के तिकार गांव के संजय कुमार ने बताया कि उनकी मनोकामना पूरी होने के बाद वह लगातार 10 साल तक छठी मइया के उपवास करेंगे। दरभंगा की मीना ने बताया कि उसका यह दूसरा व्रत है। गोरखपुर की संगीता के कहना है कि पिछले पंद्रह साल से इस उपवास को करती आ रही है और माता की कृपा से उसके घर में किसी भी चीज की कमी नहीं है।
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माना जाता है कि भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर वापस अयोध्या आए थे तो उन्होंने भी व्रत किया था। पूर्वांचल जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सत्या पांडे, संयोजक परमहंस द्विवेदी और पिंटू सिंह ने बताया कि पूर्वांचल के लोगों को अपने गांव जैसी सुविधा देने के लिए समिति बीबीएन में प्रयासरत है।
इससे छठ पर्व के दौरान अपने घर जाने वाले लोग अब यहीं पर ही रहने लग गए हैं। अब छठ पर्व के दौरान उद्योगों में कर्मचारियों की कमी नहीं रहती है। वीरवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह उपवास समाप्त हो जाएगा।
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बिहार के मतियारी जिले की रहने वाली रीना देवी ने बताया कि वह पिछले 12 साल से इस व्रत को कर रही है। उसके पहले औलाद नहीं थी। छठी मइया का उपवास करने के बाद उसके घर में औलाद के साथ-साथ सुख समृद्धि बनी हुई है।
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छपरा के तिकार गांव के संजय कुमार ने बताया कि उनकी मनोकामना पूरी होने के बाद वह लगातार 10 साल तक छठी मइया के उपवास करेंगे। दरभंगा की मीना ने बताया कि उसका यह दूसरा व्रत है। गोरखपुर की संगीता के कहना है कि पिछले पंद्रह साल से इस उपवास को करती आ रही है और माता की कृपा से उसके घर में किसी भी चीज की कमी नहीं है।
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माना जाता है कि भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर वापस अयोध्या आए थे तो उन्होंने भी व्रत किया था। पूर्वांचल जन कल्याण समिति के अध्यक्ष सत्या पांडे, संयोजक परमहंस द्विवेदी और पिंटू सिंह ने बताया कि पूर्वांचल के लोगों को अपने गांव जैसी सुविधा देने के लिए समिति बीबीएन में प्रयासरत है।
इससे छठ पर्व के दौरान अपने घर जाने वाले लोग अब यहीं पर ही रहने लग गए हैं। अब छठ पर्व के दौरान उद्योगों में कर्मचारियों की कमी नहीं रहती है। वीरवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही यह उपवास समाप्त हो जाएगा।