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Solan News: बद्दी स्कूल खुलने और बंद होने के बाद गेट पर तैनात रहेगी पुलिस

Wed, 07 Jan 2026 11:45 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:45 PM IST
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Police will be stationed at the gate after the school opens and closes in Baddi.
बद्दी स्कूल में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देते  हुए थाना प्रभारी शिव राम कृष्ण- सवाद।
स्कूल की वर्दी में बाइक चलाने वाले बच्चों की गाड़ियां होंगी सीज
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अमर उजाला में खबर छपने के बाद स्कूल में पहुंचे थाना प्रभारी
बोले, बाइक चलाने वाले छात्रों के परिजनों पर होगा केस दर्ज
संंवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बद्दी में 13 साल की छात्रा गुड़िया की मौत के बाद बद्दी के थाना प्रभारी शिव राम कृष्ण ने स्कूल के दौरा कर बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी।
उन्होंने बच्चों को स्कूल में शपथ दिलाई कि कोई भी बच्चा जो 18 साल से कम आयु का है और जिसका लाइसेंस नहीं बना है, अगर वह दोपहिया या कार चलाते हुए पकड़ा जाता है तो उसका चालान नहीं होगा बल्कि उसकी गाड़ी को सीज कर दिया जाएगा। वह वाहन थाने में खड़ा कर दिया जाएगा। उसे वापस नहीं लौटाया जाएगा। इस घटना के बाद बद्दी पुलिस ने स्कूल के मुख्य गेट के दोनों ओर पुलिस तैनात कर दी है। वह सुबह और शाम को स्कूल से अवकाश के दौरान बाइक पर आने वाले बच्चों की धरपकड़ करेगी।
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अमर उजाला में समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद बद्दी पुलिस थाना प्रभारी ने स्कूल में व्यवस्थाएं जांचीं। उन्होंने कहा कि जब वह स्कूल आ रहे थे तो स्कूल के बाहर काफी बाइक और स्कूटी खड़ी मिलीं। जब उन्होंने इस बारे में आसपास के लोगों को पूछा तो पता चला कि यह बाइक स्कूली बच्चों की है। उन्होंने बच्चों के चेतावनी दी कि अगर आज के बाद उनके बाइक और स्कूटी स्कूल की ड्रेस में पकड़ा जाता है तो उन्हें चालान नहीं होंगे उनके बाइक सीज होंगे और उनके माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज होगा। इसमें छह माह तक कैद का प्रावधान भी है।
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थाना प्रभारी शिव राम कृष्ण ने बताया कि मंगलवार को बद्दी स्कूल की बच्ची की सड़क दुर्घटना में निधन हुआ है। बच्ची के माता-पिता को उसके जाने का गम है, लेकिन इससे सभी को सीख लेनी चाहिए। बच्ची के माता-पिता के खिलाफ भी जांच बैठेगी। सरकार ने कानूनी तौर पर लाइसेंस के लिए 18 साल की आयु रखी है। उसके पीछे तर्क दिया है कि 18 साल से पहले में अचानक मौके पर कार्रवाई करने के लिए दिमाग एक्टिव नहीं होता और यही कारण है कि बच्ची फोरलेन पर आपा गई और फोरलेन पर चल रहे ट्रक से टकरा गई।
बद्दी के समाज सेवक कृष्ण कौशल ने कहा कि बाइक सवार के लिए सबसे बड़ी सावधानी यह है कि वह अपनी लाइन में चले। ज्यादातर बाइक सवार थोड़ी से जगह के चक्कर में गाड़ियों के आगे पीछे घूमते हैं। कई बार कार और ट्रक चालक बाइक सवार की पोजिशन बदलने का पता नहीं होता जो दुर्घटना का कारण बनता है। इसलिए बाइक चालक स्वयं को बचाते हुए दूसरों को भी बचाना सीखना चाहिए।
प्रधानाचार्य परिणीता ठाकुर ने कहा कि जो भी बच्चों को थाना प्रभारी ने उन्हें बताया है उसे वह अपने जीवन में उतारें। यह उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। वह पिछले 26 साल से गाड़ी चला रही है लेकिन आज तक उनका चालान नहीं हुआ है। वह यातायात नियमों को फॉलो करती है।

स्कूल के 50 फीसदी बच्चे चलाना जानते हैं दोपहिया वाहन
थाना प्रभारी ने बच्चों से बातों-बातों में पूछा कि कितने लोग दोपहिया वाहन चलाना जानते हैं तो 50 फीसदी बच्चों ने हाथ खड़े किए। बद्दी स्कूल में 1300 के करीब बच्चे हैं। इसमें 650 बच्चे ऐसे हैं जो नाबालिग हैं और बाइक चलाना जानते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि जब तक उनके बच्चों का लाइसेंस नहीं बनता है तो तब तक बच्चों को बाइक न दें।

बद्दी स्कूल में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देते  हुए थाना प्रभारी शिव राम कृष्ण- सवाद।

बद्दी स्कूल में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देते  हुए थाना प्रभारी शिव राम कृष्ण- सवाद।

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