फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   poet congress in solan

क्यों हम एक दूसरे की खबर रखें, कम से कम इतना तो सब्र रखें

Thu, 30 Jun 2016 10:18 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Thu, 30 Jun 2016 10:18 PM IST
विज्ञापन
poet congress in solan
विनोद रोहतकी ने गजल, क्यों हम एक दूसरे की खबर रखें, कम से कम इतना तो सब्र रखें, समंदर के बस की तो यह बात नहीं रही, कोई है मुझे डुबोने का जो हुनर रखे पेशकर रिश्तों की डोर का बखान किया। - फोटो : अमर उजाला

विनोद रोहतकी ने गजल, क्यों हम एक दूसरे की खबर रखें, कम से कम इतना तो सब्र रखें, समंदर के बस की तो यह बात नहीं रही, कोई है मुझे डुबोने का जो हुनर रखे पेशकर रिश्तों की डोर का बखान किया। किशोरी लाल कौंडल ने श्रृंगार रस में प्रस्तुत रचना आई बरसात नशीली रात, मेरा मन तरसे, घन गरजन के साथ हुई सौगात यूं रिमझिम बरसे, मेघ ने छेड़ा राग है दिल में आग जो भड़के रातों में, आए पिया की याद, हुई बरबाद मैं इन बरसातों में....ने माहौल रुमानियत से भर दिया। मौका था राष्ट्रीय कवि संगम की सोलन इकाई तथा जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग सोलन के संयुक्त तत्वावधान में बाल पुस्तकालय में कवि गोष्ठी का। सोलन शहर तथा आसपास से कवियों ने इसमें भाग लिया।

विज्ञापन


कवि गोष्ठी में महिलाएं भी पीछे नहीं रही। कुमारी अनुराधा ने बरगद शीर्षक से वृद्धावस्था की मनोस्थिति पर चोट करते हुए कविता पढ़ी। कहा कि मैंने धूप में छाया दी बारिश में आसरा, फिर भी आज बांटे जा रहा हूं, शायद बूढ़ा हो गया हूं। ममता ठाकुर ने परिवार में बेटियों की भूमिका का बखान करते हुए कहा कि बेटी का जो मोल है वो चुका सकता नहीं कोई, बेटी का जो रोल है वो निभा सकता नहीं कोई। बेटी से रोशन होते हैं दो घर, बिन बेटी के तो हर घर है बेघर पर खूब वाहवाही बटोरी।
विज्ञापन


पद्मदेव शास्त्री ने हाल ही में हुए शूलिनी मेले पर लंबी कविता में मेले का बखान किया। केवल राम कश्यप ने पहाड़ी बोली में जमीन बेचने के बाद परिवार की स्थिति का दर्द प्रस्तुत किया। अमर सिंह बरवाल तथा हेमंत्र अत्री ने व्यंग्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर ऊशा आनंद, सविता ठाकुर, मंजुला ठाकुर, डॉ. प्रियंका वैद्य, मदन हिमाचली के अलावा पंडित संतराम, डॉ. शंकर वासिष्ठ, एचएस ठाकुर, संजीव कुमार, सेवाराम और आशा  मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार हरीश जोशी ने की। भाषा अधिकारी भीम सिंह चौहान मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed