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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Phaco machine to be installed at regional hospital after two years; tender issued.

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में दो साल बाद लगेगी फेको मशीन, टेंडर जारी

Mon, 27 Jul 2026 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:15 PM IST
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आंखों के ऑपरेशन में आएगी काम, मोतियाबिंद का भी होगा इलाज
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अभी एक साल से बंद पड़े थे अस्पताल में ऑपरेशन, मरीज थे परेशान
ऑपरेशन थियेटर और नेत्र वार्ड को भी किया जा रहा है तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी


सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में करीब दो वर्ष बाद फेकोइमल्सीफिकेशन (फेको) मशीन लगने जा रही है। अस्पताल प्रशासन के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद मशीन की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में मोतियाबिंद सहित आंखों के आधुनिक ऑपरेशन दोबारा शुरू हो जाएंगे और मरीजों को उपचार के लिए शिमला या चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।
अस्पताल प्रशासन ने करीब दो वर्ष पहले सरकार को फेको मशीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि स्वीकृति मिलने और खरीद प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग गया। इस दौरान मशीन की खरीद के लिए चार से पांच बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन विभिन्न कारणों से उन्हें रद्द करना पड़ा। आधुनिक मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल में पिछले करीब एक वर्ष से नेत्र ऑपरेशन बंद हैं। ऐसे में मोतियाबिंद और अन्य आंखों के ऑपरेशन के लिए मरीजों को आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है, जहां उन्हें भी उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
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फेको मशीन लगने के बाद अस्पताल में बिना टांकों के आधुनिक मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा सकेंगे। इससे मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर उपचार मिलेगा और ऑपरेशन के बाद स्वस्थ होने में भी कम समय लगेगा। ऑपरेशन दोबारा शुरू करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने नेत्र ऑपरेशन थियेटर और नेत्र वार्ड को तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वार्ड में पुराने उपकरण हटाकर नए उपकरण लगाने और आवश्यक मरम्मत व सफाई का कार्य किया जाएगा।
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उपकरण जल्द मिलने की उम्मीद
नेत्र ऑपरेशन सेवाएं पूरी तरह बहाल करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने विशेषज्ञों की मांग के अनुसार अन्य आवश्यक उपकरण और मशीनों का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा है। इनकी स्वीकृति मिलने के बाद नेत्र विभाग की सभी शल्य सेवाएं पहले की तरह शुरू हो सकेंगी।
48 लाख की लागत से लगेगी मशीन
अस्पताल में करीब 48 लाख रुपये की लागत से फेको मशीन स्थापित की जाएगी। इस आधुनिक तकनीक से मोतियाबिंद के बिना टांकों वाले ऑपरेशन किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को कम दर्द होगा और वे अपेक्षाकृत जल्दी स्वस्थ हो सकेंगे।

फेको मशीन के लिए भेजे गए प्रस्ताव को सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। मशीन स्थापित होने के बाद अस्पताल में एक वर्ष से बंद नेत्र ऑपरेशन दोबारा शुरू किए जाएंगे, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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