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मां शूलिनी मेले के दूसरे दिन प्राचीन पीठ्म में विराजमान दो बहनों के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
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सोलन। मां शूलिनी मेले के दूसरे दिन लोगों को प्राचीन मां शूलिनी पीठ्म मंदिर के बाहर से ही दर्शन कर वापस लौटना पड़ा। मेले को लेकर शहर के मालरोड और बाजार में लोगों की चहल-पहल भी ज्यादा रही। कोरोना की रोकथाम के लिए तीन दिवसीय मां शूलिनी मेले का दूसरा दिन भी सूक्ष्म रूप से मनाया। पुलिस ने मंदिर के भीतर विराजमान दो बहनों की सुरक्षा को लेकर कड़ा पहरा लगाया था। लोगों को दरवाजे से ही दर्शन करवा कर वापिस भेजा जा रहा था।
मेले के अंतिम दिन रविवार को दोपहर तीन बजे से छह बजे तक धारा-144 लगेगी। कोविड से पहले मेले की दूसरी संध्या में दो बहनों के मिलन पर बड़े धूमधाम से कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। बीते लगातार दूसरी बार भी कोरोना का साया मां शूलिनी के मेले पर हावी रहा। मंदिर में मिलन के मौके पर पूजा की जा रही हैं।
मंदिर दर्शन करने पहुंचे भक्त सुनीता देवी, अनिल, विक्रम, रोहित और गौरव ने कहा कि बीते कई सालों से मां शूलिनी मेले को लेकर मंदिर दर्शन करने पहुंचते थे। इस बार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पहले दिन धारा-144 लगी थी। इस वजह से मंदिर तक पहुंचने की हिम्मत नहीं हुई। शनिवार को गंज बाजार में दो बहनों के एक साथ दर्शन करने पहुंचे थे।
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महामारी की वजह से बहुत लोग मायूस है। दूसरे वर्ष भी कोरोना ने मां शूलिनी मेले की धूमधाम से मनाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। मंदिर के दरवाजे से दर्शन कर खुशी मिली। तीन दिनों तक शुरू हुए मां शूलिनी मेला सोलन के लिए अहम होता है। मां शूलिनी मेले पर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। पाबंदियां लगने के बावजूद लोग मंदिर के गेट से दर्शन कर खुश नजर आए।
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मेले के अंतिम दिन रविवार को दोपहर तीन बजे से छह बजे तक धारा-144 लगेगी। कोविड से पहले मेले की दूसरी संध्या में दो बहनों के मिलन पर बड़े धूमधाम से कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। बीते लगातार दूसरी बार भी कोरोना का साया मां शूलिनी के मेले पर हावी रहा। मंदिर में मिलन के मौके पर पूजा की जा रही हैं।
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मंदिर दर्शन करने पहुंचे भक्त सुनीता देवी, अनिल, विक्रम, रोहित और गौरव ने कहा कि बीते कई सालों से मां शूलिनी मेले को लेकर मंदिर दर्शन करने पहुंचते थे। इस बार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पहले दिन धारा-144 लगी थी। इस वजह से मंदिर तक पहुंचने की हिम्मत नहीं हुई। शनिवार को गंज बाजार में दो बहनों के एक साथ दर्शन करने पहुंचे थे।
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महामारी की वजह से बहुत लोग मायूस है। दूसरे वर्ष भी कोरोना ने मां शूलिनी मेले की धूमधाम से मनाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। मंदिर के दरवाजे से दर्शन कर खुशी मिली। तीन दिनों तक शुरू हुए मां शूलिनी मेला सोलन के लिए अहम होता है। मां शूलिनी मेले पर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। पाबंदियां लगने के बावजूद लोग मंदिर के गेट से दर्शन कर खुश नजर आए।