{"_id":"5e37023b8ebc3e4b10384ccb","slug":"patients-treated-in-mobile-light-in-emergency-ward-of-solan-hospital-solan-news-sml32295442","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में बत्ती गुल, इमरजेंसी वार्ड में टॉर्च से करना पड़ा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में बत्ती गुल, इमरजेंसी वार्ड में टॉर्च से करना पड़ा इलाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रविवार को इमरजेंसी समेत सभी सभी वार्डों में बिजली गुल रही। इसके चलते रोगियों सहित अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। आपातकाल वार्ड में रोगियों की मरहम-पट्टी, इंजेक्शन सहित टांके लगाने का कार्य टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा। इसके अलावा अस्पताल के सभी मेडिसन, सर्जिकल, ऑर्थो सहित अन्य वार्डों में बिजली गुल रही। इसमें दाखिल मरीजों सहित अस्पताल स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ी। इतने बड़ेे अस्पताल में विद्युत कट के बावजूद जेनरेटर की सुविधा नहीं मिलना बेहतर सुविधा नहीं मिलना स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार को अस्पताल सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत कट था। इसके चलते सुबह करीब साढे़ दस बजे बिजली गुल हो गई थी। इसके बाद पूरे अस्पताल में अंधेरा पसर गया जिसका मुख्य कारण अस्पताल का मुख्य जेनरेटर खराब होना बताया जा रहा है। इस कारण लोगों को अंधेरे में ही अपना इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ा।
आपातकाल वार्ड में रविवार को पहुंचते हैं सबसे अधिक रोगी
रविवार को अवकाश के दिन अस्पताल में सभी ओपीडी बंद रहती हैं। सिर्फ आपातकाल वार्ड में डॉक्टर अपनी सेवाएं देते हैं। इसके चलते रविवार को आपातकाल वार्ड में मरीजों की अधिक संख्या होती है। इन्हें अंधेरे में अपना इलाज करवाना पड़ा है। इस दौरान सड़क हादसों सहित अन्य घटनाओं के घायल रोगी अस्पताल के आपातकाल वार्ड में आते हैं। कई रोगियों को टांके सहित इंजेक्शन लगवाने के लिए रोशनी की अधिक जरूरत होती है लेकिन रविवार को कुछ रोगियों को टॉर्च की रोशनी से इंजेक्शन सहित अन्य मरहमपट्टी करने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
जल्द ही लगाया जाएगा नया जेनरेटर : हांडा
एसएमओ क्षेत्रीय अस्पताल सोलन अशोक हांडा ने माना कि बिजली जाने से अस्पताल के आपातकाल सहित अन्य वार्डों में बिजली गुल रही। इस कारण यहां के लिए लगा जेनरेटर है जो बहुत पुराना हो चुका है। इसके चलते वह बीच में ही रुक रहा है। हालांकि, जल्द ही नया जेनरेटर लगाया जा रहा है। चिल्ड्रन वार्ड सहित ओटी के लिए अलग से जेनरेटर की सुविधा अस्पताल के पास है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार रविवार को अस्पताल सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत कट था। इसके चलते सुबह करीब साढे़ दस बजे बिजली गुल हो गई थी। इसके बाद पूरे अस्पताल में अंधेरा पसर गया जिसका मुख्य कारण अस्पताल का मुख्य जेनरेटर खराब होना बताया जा रहा है। इस कारण लोगों को अंधेरे में ही अपना इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
आपातकाल वार्ड में रविवार को पहुंचते हैं सबसे अधिक रोगी
रविवार को अवकाश के दिन अस्पताल में सभी ओपीडी बंद रहती हैं। सिर्फ आपातकाल वार्ड में डॉक्टर अपनी सेवाएं देते हैं। इसके चलते रविवार को आपातकाल वार्ड में मरीजों की अधिक संख्या होती है। इन्हें अंधेरे में अपना इलाज करवाना पड़ा है। इस दौरान सड़क हादसों सहित अन्य घटनाओं के घायल रोगी अस्पताल के आपातकाल वार्ड में आते हैं। कई रोगियों को टांके सहित इंजेक्शन लगवाने के लिए रोशनी की अधिक जरूरत होती है लेकिन रविवार को कुछ रोगियों को टॉर्च की रोशनी से इंजेक्शन सहित अन्य मरहमपट्टी करने को मजबूर होना पड़ा।
विज्ञापन
जल्द ही लगाया जाएगा नया जेनरेटर : हांडा
एसएमओ क्षेत्रीय अस्पताल सोलन अशोक हांडा ने माना कि बिजली जाने से अस्पताल के आपातकाल सहित अन्य वार्डों में बिजली गुल रही। इस कारण यहां के लिए लगा जेनरेटर है जो बहुत पुराना हो चुका है। इसके चलते वह बीच में ही रुक रहा है। हालांकि, जल्द ही नया जेनरेटर लगाया जा रहा है। चिल्ड्रन वार्ड सहित ओटी के लिए अलग से जेनरेटर की सुविधा अस्पताल के पास है।