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Solan News: ब्लड टेस्ट के लिए मरीजों को दोहरी परेशानी, दो-दो बार देने पड़ रहे सैंपल
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सरकारी लैब के बाहर टेस्ट के लिए खड़े मरीज। संवाद
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सरकारी और क्रस्ना लैब के बीच भटक रहे मरीज
विटामिन डी और बी-12 जैसे टेस्ट के लिए अलग से देना पड़ रहा रक्त नमूना
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में ब्लड टेस्ट करवाने के लिए जल्दी पहुंचने के बाद भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दोपहर 12 बजे तक मरीजों को दो लैब ब्लड टेस्ट के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सरकारी लैब में मरीजों के कुछ ही ब्लड टेस्ट हो पाते हैं। इस कारण मरीजों को अन्य टेस्टों के लिए क्रस्ना लैब की ओर जाना पड़ रहा है।
अस्पताल में शनिवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। अस्पताल में पर्ची काउंटर से अधिक मरीज फीस काउंटर पर खड़े नजर आए। फीस काउंटर से फीस की पर्ची लेकर कई मरीज एक्सरे और अन्य लैब की ओर चले गए, लेकिन अधिकतर ब्लड टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब के बाहर जाकर कतारों में खड़े रहकर बारी का इंतजार करते रहे। अस्पताल में सुबह 9:30 से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक पहले सरकारी लैब में ही ब्लड टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाते हैं। इस दौरान कई मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर उन्हें अन्य टेस्टों के लिए क्रस्ना लैब में जाकर ब्लड सैंपल देने के लिए कहा गया। ऐसे में मरीजों को क्रस्ना लैब के पर्ची काउंटर पर दोबारा से कतारों में खड़ा होना पड़ा। इसके बाद लैब में दूसरी बार ब्लड सैंपल देने पड़े। कुछ टेस्ट करवाने के लिए दो-दो बार ब्लड सैंपल देने से मरीजों को परेशानी हो रही है। ब्लड टेस्ट करवाने के लिए आए अमन ठाकुर और लोकेश ने बताया कि वे सुबह 10:00 बजे से अस्पताल में हैं। टेस्ट के लिए कतारों में लगे हैं। अमन ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें विटामिन बी-12, विटामिन डी, सीबीसी, एस फरीटीन, लिपिड प्रोटीन, एलएफटी और आरएफटी टेस्ट के लिए लिखा गया। उन्होंने पहले सरकारी लैब में ब्लड सैंपल दिया, लेकिन वहां केवल सीबीसी, एलएफटी और लिपिड प्रोटीन के ही टेस्ट हुए। इसके बाद उन्हें विटामिन बी-12, विटामिन डी, एस फरीटीन और आरएफटी टेस्ट के लिए क्रस्ना लैब में भेजा और वहां अलग से ब्लड सैंपल लिया गया।
विटामिन डी और बी-12 के टेस्ट के लिए आ रहे मरीज
लैब में आने वाले अधिकतर मरीज अन्य टेस्ट के साथ विटामिन डी और बी-12 के टेस्ट करवाने के लिए आ रहे हैं। सरकारी लैब में सीबीसी जैसे टेस्ट तो हो रहे हैं, लेकिन विटामिन डी और बी-12 के लिए उन्हें क्रस्ना की ओर ही जाना पड़ रहा है। हालांकि दोपहर 12:00 बजे सरकारी लैब बंद होने के बाद क्रस्ना में मरीजों के एक ही बार ब्लड सैंपल से सभी टेस्ट हो रहे हैं।
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सरकारी लैब में कुछ टेस्ट की सुविधा न होने के कारण मरीजों को थोड़ी परेशानी हो रही है। यदि कोई टेस्ट नहीं हो रहा है, तो सरकारी लैब से ही ब्लड सैंपल क्रस्ना लैब में दिए जाते हैं। यदि लोगों को दो बार ब्लड सैंपल देने पड़ रहे हैं, तो इसकी जांच होगी।
डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल
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विटामिन डी और बी-12 जैसे टेस्ट के लिए अलग से देना पड़ रहा रक्त नमूना
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में ब्लड टेस्ट करवाने के लिए जल्दी पहुंचने के बाद भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दोपहर 12 बजे तक मरीजों को दो लैब ब्लड टेस्ट के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सरकारी लैब में मरीजों के कुछ ही ब्लड टेस्ट हो पाते हैं। इस कारण मरीजों को अन्य टेस्टों के लिए क्रस्ना लैब की ओर जाना पड़ रहा है।
अस्पताल में शनिवार को भी ऐसा ही देखने को मिला। अस्पताल में पर्ची काउंटर से अधिक मरीज फीस काउंटर पर खड़े नजर आए। फीस काउंटर से फीस की पर्ची लेकर कई मरीज एक्सरे और अन्य लैब की ओर चले गए, लेकिन अधिकतर ब्लड टेस्ट करवाने के लिए सरकारी लैब के बाहर जाकर कतारों में खड़े रहकर बारी का इंतजार करते रहे। अस्पताल में सुबह 9:30 से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक पहले सरकारी लैब में ही ब्लड टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाते हैं। इस दौरान कई मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर उन्हें अन्य टेस्टों के लिए क्रस्ना लैब में जाकर ब्लड सैंपल देने के लिए कहा गया। ऐसे में मरीजों को क्रस्ना लैब के पर्ची काउंटर पर दोबारा से कतारों में खड़ा होना पड़ा। इसके बाद लैब में दूसरी बार ब्लड सैंपल देने पड़े। कुछ टेस्ट करवाने के लिए दो-दो बार ब्लड सैंपल देने से मरीजों को परेशानी हो रही है। ब्लड टेस्ट करवाने के लिए आए अमन ठाकुर और लोकेश ने बताया कि वे सुबह 10:00 बजे से अस्पताल में हैं। टेस्ट के लिए कतारों में लगे हैं। अमन ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें विटामिन बी-12, विटामिन डी, सीबीसी, एस फरीटीन, लिपिड प्रोटीन, एलएफटी और आरएफटी टेस्ट के लिए लिखा गया। उन्होंने पहले सरकारी लैब में ब्लड सैंपल दिया, लेकिन वहां केवल सीबीसी, एलएफटी और लिपिड प्रोटीन के ही टेस्ट हुए। इसके बाद उन्हें विटामिन बी-12, विटामिन डी, एस फरीटीन और आरएफटी टेस्ट के लिए क्रस्ना लैब में भेजा और वहां अलग से ब्लड सैंपल लिया गया।
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विटामिन डी और बी-12 के टेस्ट के लिए आ रहे मरीज
लैब में आने वाले अधिकतर मरीज अन्य टेस्ट के साथ विटामिन डी और बी-12 के टेस्ट करवाने के लिए आ रहे हैं। सरकारी लैब में सीबीसी जैसे टेस्ट तो हो रहे हैं, लेकिन विटामिन डी और बी-12 के लिए उन्हें क्रस्ना की ओर ही जाना पड़ रहा है। हालांकि दोपहर 12:00 बजे सरकारी लैब बंद होने के बाद क्रस्ना में मरीजों के एक ही बार ब्लड सैंपल से सभी टेस्ट हो रहे हैं।
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सरकारी लैब में कुछ टेस्ट की सुविधा न होने के कारण मरीजों को थोड़ी परेशानी हो रही है। यदि कोई टेस्ट नहीं हो रहा है, तो सरकारी लैब से ही ब्लड सैंपल क्रस्ना लैब में दिए जाते हैं। यदि लोगों को दो बार ब्लड सैंपल देने पड़ रहे हैं, तो इसकी जांच होगी।
डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल