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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Oxygen plant closed for two months, patients upset

Solan News: आक्सीजन प्लांट दो महीने से बंद, मरीज परेशान

Sun, 07 Jun 2026 11:32 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 11:32 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल में सिलिंडर के सहारे हो रहा उपचार
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बद्दी से हर सप्ताह मंगानी पड़ रही सप्लाई, परिवहन का खर्च बढ़ा
टेंडर समाप्त होने के बाद नहीं हो पाया संचालन, मरीजों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में ऑक्सीजन प्लांट दो माह बाद भी बंद है। ऐसे में वार्डों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडरों के सहारे रहना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पिछले दो माह के दौरान इसे शुरू करवाने के लिए सरकार को कई बार रिमाइंडर भेजे गए हैं, लेकिन अब तक प्लांट को दोबारा चालू नहीं किया जा सका है।
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का संचालन निजी कंपनी द्वारा किया जाता था। 31 मार्च को प्लांट का टेंडर समाप्त होने के बाद कंपनी ने इसका संचालन बंद कर दिया। टेंडर समाप्त होते ही अस्पताल प्रशासन ने इसे दोबारा शुरू करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। हालांकि, दो माह बीत जाने के बाद भी प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते मरीजों को वार्डों में ऑक्सीजन सिलिंडरों के सहारे ही रहना पड़ रहा है।
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आपातकालीन स्थिति में तीमारदारों को सिलिंडर की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। पहले प्लांट चालू होने से मरीजों को बिना सिलिंडर के सीधे ऑक्सीजन की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब बार-बार सिलिंडर बदलने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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प्लांट बंद होने से रात में नहीं मिलती सुविधा
ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के दौरान भी कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को रात के समय सिलिंडरों के सहारे रहना पड़ता था। प्लांट को केवल दो कर्मचारी संचालित करते थे। इसके कारण किसी की नाइट ड्यूटी नहीं लगती थी। रात 10 बजे के बाद प्लांट बंद कर दिया जाता था। ऐसे में मरीजों को सिलिंडरों के सहारे ही काम चलाना पड़ता था। अब प्लांट बंद होने के कारण मरीजों को दिन-रात केवल सिलिंडरों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
बद्दी से मंगवाए जा रहे सिलिंडर
शहर के आसपास कोई अन्य ऑक्सीजन प्लांट नहीं होने के कारण अस्पताल प्रशासन को फिलहाल बद्दी से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे प्रशासन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एक चक्कर के लिए वाहन चालक को करीब 3500 रुपये देने पड़ते हैं, जबकि सिलिंडरों का खर्च अलग से वहन करना पड़ रहा है।

कई बार भेजे रिमाइंडर
अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट पिछले दो माह से बंद है। इसे दोबारा शुरू करवाने के लिए सरकार को कई रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। उम्मीद है कि प्लांट जल्द शुरू हो जाएगा। इसके चालू होने से मरीजों को सिलिंडरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रशासन इसे जल्द शुरू करवाने का प्रयास कर रहा है।
डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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