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बीबीएन की मंडियों में पहुंचा सिर्फ 15 फीसदी गेहूं
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बद्दी अनाज मंडी।
- फोटो : SOLAN
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। बद्दी-नालागढ़ के गेहूं खरीद केंद्रों में इस साल 15 फीसदी गेहूं ही पहुंचा। बीते साल खरीद केंद्रों में 16 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी। इस साल मात्र 1249.5 क्विंटल गेहूं ही खरीद केंद्र पर पहुंची।
ऐसे में इस साल दो खरीद केंद्रों में बीते साल के मुकाबले 15 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। कृषि विभाग ने नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में खरीद केंद्र खोले गए। यहां पर स्टाफ तैनात किया। इस साल नालागढ़ में 46 किसानों ने अपनी 1057.50 क्विंटल गेहूं बेची जबकि मलपुर में पहली बार खुले खरीद केंद्र में केवल 10 किसान ही गेहूं बेचने पहुंचे।
यहां पर 192 क्विंटल गेहूं ही पहुंचा। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरमुख सिंह ने बताया कि इस साल मार्च माह में बारिश ना होने और अचानक गर्मी बढ़ने से पहले ही गेहूं का उत्पादन 40 फीसदी कम हुआ।
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कहा कि खरीद केंद्रों में किसानों के न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि उनको व्यापारियों ने घर बैठे 2060 रुपये प्रति क्विंटल रेट दिया जबकि खरीद केंद्र में 2015 प्रति क्विंटल रेट था। खरीद केंद्र में झरना (सफाई) करने के बाद किसानों का गेहूं खरीदा जाता था जबकि व्यापारी बिना झरने के खरीद रहे थे। खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवानी पड़ती थी जबकि व्यापारी बिना बुकिंग ही घर से गेहूं ले जा रहे थे।
कृषि उपज मंडी सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार अधिक सुविधा होने के बावजूद किसान खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने नहीं आए। इस बार किसानों को खरीद केंद्रों में अधिक सुविधा दी थी। नालागढ़ और मलपुर के खरीद केंद्रों में 1249 क्विंटल गेहूं ही पहुंचा।
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नालागढ़ (सोलन)। बद्दी-नालागढ़ के गेहूं खरीद केंद्रों में इस साल 15 फीसदी गेहूं ही पहुंचा। बीते साल खरीद केंद्रों में 16 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई थी। इस साल मात्र 1249.5 क्विंटल गेहूं ही खरीद केंद्र पर पहुंची।
ऐसे में इस साल दो खरीद केंद्रों में बीते साल के मुकाबले 15 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। कृषि विभाग ने नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में खरीद केंद्र खोले गए। यहां पर स्टाफ तैनात किया। इस साल नालागढ़ में 46 किसानों ने अपनी 1057.50 क्विंटल गेहूं बेची जबकि मलपुर में पहली बार खुले खरीद केंद्र में केवल 10 किसान ही गेहूं बेचने पहुंचे।
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यहां पर 192 क्विंटल गेहूं ही पहुंचा। किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरमुख सिंह ने बताया कि इस साल मार्च माह में बारिश ना होने और अचानक गर्मी बढ़ने से पहले ही गेहूं का उत्पादन 40 फीसदी कम हुआ।
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कहा कि खरीद केंद्रों में किसानों के न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि उनको व्यापारियों ने घर बैठे 2060 रुपये प्रति क्विंटल रेट दिया जबकि खरीद केंद्र में 2015 प्रति क्विंटल रेट था। खरीद केंद्र में झरना (सफाई) करने के बाद किसानों का गेहूं खरीदा जाता था जबकि व्यापारी बिना झरने के खरीद रहे थे। खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करवानी पड़ती थी जबकि व्यापारी बिना बुकिंग ही घर से गेहूं ले जा रहे थे।
कृषि उपज मंडी सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि इस बार अधिक सुविधा होने के बावजूद किसान खरीद केंद्रों में गेहूं बेचने नहीं आए। इस बार किसानों को खरीद केंद्रों में अधिक सुविधा दी थी। नालागढ़ और मलपुर के खरीद केंद्रों में 1249 क्विंटल गेहूं ही पहुंचा।