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Solan News: छठे नवरात्र पर जयकारों से गूंज उठा मां शूलिनी का मंदिर
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श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी और कालरात्रि की पूजा कर लिया आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। चैत्र नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी और सातवें रूप माता कालरात्रि की पूजा की गई। इस अवसर पर नव दुर्गा संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने शूलिनी माता मंदिर में भजन-कीर्तन किया। मंडल के सदस्य व समाजसेवी मुकेश गुप्ता ने माता कात्यायनी के बारे में संक्षिप्त वर्णन किया। गुप्ता ने कहा कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती की उपासना व कठिन तपस्या की। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस दौरान मंदिर जय कात्यायनी माता, जय श्रीहरि नाथ, जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। अन्य भजनों को हरीश मारवाह, प्रदीप अंग्रेवर, राकेश अग्रवाल, विकास ओबराए, अमित ओबराय, किशन ग्रोवर, मोहन दत्त शर्मा, नवीन शर्मा व साहिल ने कई भजन गाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। चैत्र नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा के छठे स्वरूप माता कात्यायनी और सातवें रूप माता कालरात्रि की पूजा की गई। इस अवसर पर नव दुर्गा संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने शूलिनी माता मंदिर में भजन-कीर्तन किया। मंडल के सदस्य व समाजसेवी मुकेश गुप्ता ने माता कात्यायनी के बारे में संक्षिप्त वर्णन किया। गुप्ता ने कहा कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती की उपासना व कठिन तपस्या की। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इस दौरान मंदिर जय कात्यायनी माता, जय श्रीहरि नाथ, जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। अन्य भजनों को हरीश मारवाह, प्रदीप अंग्रेवर, राकेश अग्रवाल, विकास ओबराए, अमित ओबराय, किशन ग्रोवर, मोहन दत्त शर्मा, नवीन शर्मा व साहिल ने कई भजन गाए।