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Solan News: शीतला मंदिर में चौथे मंगलवार को उमड़े श्रद्धालु
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अंतिम मेले के साथ नालागढ़ के ऐतिहासिक मंगला दे मेले का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। ऐतिहासिक मंगला दे मेला चौथे और अंतिम मंगलवार के साथ संपन्न हो गया। इस वर्ष मेले के समापन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता शीतला मंदिर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले इस मेले में इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
मंदिर के पुजारी मोहन दास के अनुसार, यह मेला ज्येष्ठ मास के पहले मंगलवार से शुरू होकर अंतिम मंगलवार तक चलता है। पहले मेले में विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालु अलग-अलग मंगलवार को पहुंचते थे। पहले मंगलवार को दून क्षेत्र, दूसरे मंगलवार को चंगर क्षेत्र, तीसरे मंगलवार को पहाड़ी क्षेत्र तथा चौथे और अंतिम मंगलवार को सभी क्षेत्रों के लोग माता के दर्शन के लिए आते थे। हालांकि समय के साथ यह परंपरा बदल गई है और अब श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी मंगलवार को मेले में शामिल होते हैं।
रामशहर रोड स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में लगने वाले मेले में श्रद्धालु अपने घरों से गुलगुले, कचौरी सहित विभिन्न पकवान बनाकर माता के चरणों में अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस वर्ष भी अंतिम मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मेले में दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी दुकानें सजा ली थीं और श्रद्धालुओं ने दर्शन के बाद खरीदारी का भी आनंद लिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। ऐतिहासिक मंगला दे मेला चौथे और अंतिम मंगलवार के साथ संपन्न हो गया। इस वर्ष मेले के समापन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता शीतला मंदिर पहुंचकर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले इस मेले में इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
मंदिर के पुजारी मोहन दास के अनुसार, यह मेला ज्येष्ठ मास के पहले मंगलवार से शुरू होकर अंतिम मंगलवार तक चलता है। पहले मेले में विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालु अलग-अलग मंगलवार को पहुंचते थे। पहले मंगलवार को दून क्षेत्र, दूसरे मंगलवार को चंगर क्षेत्र, तीसरे मंगलवार को पहाड़ी क्षेत्र तथा चौथे और अंतिम मंगलवार को सभी क्षेत्रों के लोग माता के दर्शन के लिए आते थे। हालांकि समय के साथ यह परंपरा बदल गई है और अब श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी मंगलवार को मेले में शामिल होते हैं।
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रामशहर रोड स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में लगने वाले मेले में श्रद्धालु अपने घरों से गुलगुले, कचौरी सहित विभिन्न पकवान बनाकर माता के चरणों में अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस वर्ष भी अंतिम मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मेले में दुकानदारों ने सुबह से ही अपनी दुकानें सजा ली थीं और श्रद्धालुओं ने दर्शन के बाद खरीदारी का भी आनंद लिया।
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