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चीड़ के पौधे नर्सरियों में उगाना बंद, जंगलों में भी नहीं दिखेंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में आने वाले समय में चीड़ के जंगल बहुत कम देखने को मिलेगे। वन विभाग ने नर्सरियों में चीड़ के पौधे उगाना बंद कर दिया है। साथ ही जंगलों में भी चीड़ की जगह चौड़ी पत्ती वाले और इमारती लकड़ी के काम आने वाले पौधे लगाए जाएंगे।
हर साल जंगलों में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण चीड़ की पत्तियां माना जा रहा है। जिन जंगलों में चीड़ के पौधे ज्यादा हैं, वहां पर आग ज्यादा तेजी से फैलती है जिसे काबू करना भी मुश्किल होता है।
यह भी देखा गया है कि जिन क्षेत्रों में चीड़ के जंगल हैं, वहां पर अन्य कोई भी पौधे उग नहीं पाते। ऐसे में वन विभाग ने चीड़ के पौधे जंगलों में लगाना पूरी तरह से बंद कर दिया है। प्रदेश के सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी में चीड़ के जंगल हैं। यहां हर साल आग लगने से करोड़ों की वन संपदा राख हो रही है।
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20 हजार पौधे लगाए जाएंगे
जंगलों में चौड़ी पत्ती वाले पौधों को लगाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए सोलन सर्कल को 30 भागों में बांटा गया है। हर क्षेत्र में चौड़ी पत्ती वाले पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग इनमें करीब 20 हजार पौधे रोपेगा। हर साल इन भागों में पौधे लगाए जाएंगे। फिर उनकी देखभाल के लिए टीमें तैयार की जाएंगी। ये टीमें गर्मियों के दौरान इनकी देखरेख करेगी।
डीएफओ सोलन श्रेष्ठानंद ने कहा कि चीड़ के पौधों को नर्सरियों में उगाना बंद कर दिया है। जंगलों में चौड़ी पत्ती वाले और इमारती लकड़ी वाले पौधे लगाए जा रहे हैं। चीड़ के जंगलों में आग तेजी से फैलती है और इनमें अन्य पौधे भी नहीं उग सकते, इसलिए यह निर्णय लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों में किसी तरह की आग न लगाएं।
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सोलन। प्रदेश में आने वाले समय में चीड़ के जंगल बहुत कम देखने को मिलेगे। वन विभाग ने नर्सरियों में चीड़ के पौधे उगाना बंद कर दिया है। साथ ही जंगलों में भी चीड़ की जगह चौड़ी पत्ती वाले और इमारती लकड़ी के काम आने वाले पौधे लगाए जाएंगे।
हर साल जंगलों में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण चीड़ की पत्तियां माना जा रहा है। जिन जंगलों में चीड़ के पौधे ज्यादा हैं, वहां पर आग ज्यादा तेजी से फैलती है जिसे काबू करना भी मुश्किल होता है।
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यह भी देखा गया है कि जिन क्षेत्रों में चीड़ के जंगल हैं, वहां पर अन्य कोई भी पौधे उग नहीं पाते। ऐसे में वन विभाग ने चीड़ के पौधे जंगलों में लगाना पूरी तरह से बंद कर दिया है। प्रदेश के सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी में चीड़ के जंगल हैं। यहां हर साल आग लगने से करोड़ों की वन संपदा राख हो रही है।
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20 हजार पौधे लगाए जाएंगे
जंगलों में चौड़ी पत्ती वाले पौधों को लगाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए सोलन सर्कल को 30 भागों में बांटा गया है। हर क्षेत्र में चौड़ी पत्ती वाले पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग इनमें करीब 20 हजार पौधे रोपेगा। हर साल इन भागों में पौधे लगाए जाएंगे। फिर उनकी देखभाल के लिए टीमें तैयार की जाएंगी। ये टीमें गर्मियों के दौरान इनकी देखरेख करेगी।
डीएफओ सोलन श्रेष्ठानंद ने कहा कि चीड़ के पौधों को नर्सरियों में उगाना बंद कर दिया है। जंगलों में चौड़ी पत्ती वाले और इमारती लकड़ी वाले पौधे लगाए जा रहे हैं। चीड़ के जंगलों में आग तेजी से फैलती है और इनमें अन्य पौधे भी नहीं उग सकते, इसलिए यह निर्णय लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों में किसी तरह की आग न लगाएं।