फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Nurseries in Solan stop growing pine siblings to reduce forest fire

चीड़ के पौधे नर्सरियों में उगाना बंद, जंगलों में भी नहीं दिखेंगे

Wed, 20 Apr 2022 11:24 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सोलन। प्रदेश में आने वाले समय में चीड़ के जंगल बहुत कम देखने को मिलेगे। वन विभाग ने नर्सरियों में चीड़ के पौधे उगाना बंद कर दिया है। साथ ही जंगलों में भी चीड़ की जगह चौड़ी पत्ती वाले और इमारती लकड़ी के काम आने वाले पौधे लगाए जाएंगे।
हर साल जंगलों में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण चीड़ की पत्तियां माना जा रहा है। जिन जंगलों में चीड़ के पौधे ज्यादा हैं, वहां पर आग ज्यादा तेजी से फैलती है जिसे काबू करना भी मुश्किल होता है।
विज्ञापन

यह भी देखा गया है कि जिन क्षेत्रों में चीड़ के जंगल हैं, वहां पर अन्य कोई भी पौधे उग नहीं पाते। ऐसे में वन विभाग ने चीड़ के पौधे जंगलों में लगाना पूरी तरह से बंद कर दिया है। प्रदेश के सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और मंडी में चीड़ के जंगल हैं। यहां हर साल आग लगने से करोड़ों की वन संपदा राख हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

20 हजार पौधे लगाए जाएंगे
जंगलों में चौड़ी पत्ती वाले पौधों को लगाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए सोलन सर्कल को 30 भागों में बांटा गया है। हर क्षेत्र में चौड़ी पत्ती वाले पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग इनमें करीब 20 हजार पौधे रोपेगा। हर साल इन भागों में पौधे लगाए जाएंगे। फिर उनकी देखभाल के लिए टीमें तैयार की जाएंगी। ये टीमें गर्मियों के दौरान इनकी देखरेख करेगी।

डीएफओ सोलन श्रेष्ठानंद ने कहा कि चीड़ के पौधों को नर्सरियों में उगाना बंद कर दिया है। जंगलों में चौड़ी पत्ती वाले और इमारती लकड़ी वाले पौधे लगाए जा रहे हैं। चीड़ के जंगलों में आग तेजी से फैलती है और इनमें अन्य पौधे भी नहीं उग सकते, इसलिए यह निर्णय लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जंगलों में किसी तरह की आग न लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed