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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Now BMOs will also enter the field along with doctors and will make adolescent girls aware.

Solan News: डॉक्टरों के साथ अब बीएमओ भी उतरेंगे फील्ड में, किशोरियों को करेंगे जागरूक

Fri, 17 Apr 2026 12:10 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 12:10 AM IST
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एचपीवी वैक्सीन में किशोरियों के कम रुझान देखते हुए लिया निर्णय, स्त्री व शिशु रोग विशेषज्ञ जागरूक वीडियो बनाकर करेंगे अपलोड
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सीएमओ ने ली एचपीवी वैक्सीन के टीकाकरण अभियान को लेकर बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर में सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण अभियान किशोरियों व अभिभावकों बढ़ाने के लिए अब डॉक्टरों के साथ खंड चिकित्सा अधिकारी फील्ड में उतरेंगे। वह स्कूलों में जाकर 14 से 15 वर्ष आयुवर्ग की किशोरियों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही अभिभावकों का फोन नंबर लेकर उनसे भी संपर्क किया जाएगा। साथ ही हर अस्पताल के स्त्री रोग व शिशु रोग विशेषज्ञ वीडियो अपलोड कर वैक्सीन के फायदे बताएंगे और किशोरियों से वैक्सीन लगाने की अपील करेंगे। यह निर्णय वीरवार को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एचपीवी (हयूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन के टीकाकरण अभियान को लेकर हुई बैठक में लिए गए। इस दौरान खंड चिकित्सा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि वह डॉक्टरों के साथ स्कूलों में जाएंगे और इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करेंगे। वहीं आशा वर्करों को डॉक्टरों के साथ फील्ड में रहने के आदेश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक में एचपीवी वैक्सीन के टीकाकरण अभियान का लक्ष्य पूरा करने के लिए कई फैसले लिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने कहा कि कहा कि एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर से रक्षा करता है। यह एक सुरक्षित टीकाकरण है और इसका प्रयोग 150 से अधिक देशों में हो रहा है। भारत में इस टीकाकरण का प्रयोग लगभग 15 वर्षों से किया जा रहा है। उन्हाेंने अभिभावकों से आग्रह किया कि अपनी बेटियों का बिना डर के एचपीवी टीकाकरण करवाएं। विभाग ने इस अभियान को जून के अंत तक पूरा करना है। बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अजय सिंह, खंड चिकित्सा अधिकारी धर्मपुर डॉ. परविंदर सिंह, खंड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ डॉ. कवि राज, खडं चिकित्सा अधिकारी बद्दी डॉ. अनिल अरोड़ा, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्की डॉ. मुक्ता रस्तोगी, खंड चिकित्सा अधिकारी चंडी डॉ. गुरमील सिंह व समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारियों ने भाग लिया।
अभी तक 584 किशोरियों का हुआ वैक्सीनेशन
जिले में एचपीवी वैक्सीनेशन रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। पांच दिन टीके लगाए गए हैं, जिसमें मात्र 584 किशोरियों ने ही टीके लगवाए हैं। जबकि जिलेभर में करीब 7503 किशोरियों को यह टीके लगाए जाने हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में तो बीते शनिवार को एक भी किशोरी टीका लगवाने नहीं आई थी। सुबाथू सीएचसी में शनिवार व रविवार को कोई भी किशोरी टीका लगवाने नहीं पहुंची। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों में इस टीके को लगवाने के लिए जागरूकता नहीं है।
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क्यों लगाया जा रहा है टीका
सर्वाइकल कैंसर को लेकर किशोरियों में सबसे अधिक खतरा रहता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने देशभर में इसके लिए एक अभियान चलाया है। इसमें सर्वाइकल कैंसर से बचाव का निशुल्क टीका लगाया जा रहा है। हालांकि निजी अस्पतालों में अगर इस टीके को लगवाना हो तो करीब 15 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। भारत के साथ-साथ 150 अन्य देशों में भी यह टीका लगाया जा रहा है। ऐसे में चिकित्सकों कहना है कि यह टीका पूरा तरह से सुरक्षित है और इसको लेकर फैल रही भ्रांतियां गलत है।
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