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दिन में ही छा गया अंधेरा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 23 May 2016 10:46 PM IST
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सोमवार को दोपहर करीब एक बजे भारी बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित रहा।
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार को दोपहर करीब एक बजे भारी बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित रहा। आंधी और तूफान से अंधेरा छा गया। दिन में ही रात जैसा मंजर हो गया। एक से दो बजे के बीच तेज बारिश से जिंदगी थम गई। बच्चे स्कूलों में ही फंस गए।
इस दौरान हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को एक स्थान पर रुकने के लिए मजबूर कर दिया। दिन में अंधेरे के चलते 95.4 मीटर विजिबिलटी दर्ज की गई। इस दौरान आसमान में छाए घने काले बादलों के कारण अंधेरा छा गया। इससे वाहन चालकों को दिन में भी गाड़ी की हेडलाइट आन करनी पड़ी। बारिश के चलते शहर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री रिकार्ड किया गया। नौणी विवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. परमिंद्र कौर बावेजा ने बताया कि 17.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। दिन में छाए अंधेरे के कारण विजिबिलिटी भी 95.4 मीटर तक ही दिखी जो कम है। उन्होंने आने वाले दो दिनों तक मौसम के परिवर्तनशील बने रहने की आशंका है। ओलावृष्टि से स्टोन फ्रूट की पैदावार प्रभावित हुई है। टमाटर और शिमला मिर्च को भी बुरा प्रभाव पड़ा है।
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इस दौरान हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को एक स्थान पर रुकने के लिए मजबूर कर दिया। दिन में अंधेरे के चलते 95.4 मीटर विजिबिलटी दर्ज की गई। इस दौरान आसमान में छाए घने काले बादलों के कारण अंधेरा छा गया। इससे वाहन चालकों को दिन में भी गाड़ी की हेडलाइट आन करनी पड़ी। बारिश के चलते शहर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री रिकार्ड किया गया। नौणी विवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. परमिंद्र कौर बावेजा ने बताया कि 17.6 एमएम बारिश दर्ज की गई है। दिन में छाए अंधेरे के कारण विजिबिलिटी भी 95.4 मीटर तक ही दिखी जो कम है। उन्होंने आने वाले दो दिनों तक मौसम के परिवर्तनशील बने रहने की आशंका है। ओलावृष्टि से स्टोन फ्रूट की पैदावार प्रभावित हुई है। टमाटर और शिमला मिर्च को भी बुरा प्रभाव पड़ा है।
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