फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   NH five banks built filth being served in dhabas

Solan News: एनएच पांच किनारे बने ढाबों में परोसी जा रही गंदगी

Thu, 11 Apr 2024 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Thu, 11 Apr 2024 11:57 PM IST
विज्ञापन
बसों में सवार यात्रियों को नहीं मिल रहा अच्छा भोजन
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से निर्धारित दामों से अधिक वसूल रहे संचालक
वाकनाघाट, सनवारा, कोटी में बने ढाबों पर रुकती हैं निगम की बसें
आदित्य सोफत
सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर सड़क किनारे बने कुछ ढाबों में सरेआम गंदगी परोसी जा रही है। हैरत की बात यह है कि इन ढाबों में पथ परिवहन निगम की बसें भी रुक रही हैं। इन ढाबों में यात्रियों को अच्छा भोजन नहीं मिल पा रहा है। वहीं सेहत से भी ढाबा संचालक खिलवाड़ कर रहे हैं। कई बार यात्री इस संबंध में मुख्यमंत्री सेवा संकल्प में शिकायत भी कर चुके हैं। लेकिन ढाबा संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में इन ढाबा संचालकों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। अब तो ढाबा संचालकों ने प्रशासन की ओर से निर्धारित दामों को भी दरकिनार कर मनमर्जी के खाद्य वस्तुओं के दाम वसूले जा रहे हैं। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर वाकनाघाट, सोलन के पर्यटन विभाग के होटल, सनवारा टोल प्लाजा, जाबली और कोटी के समीप ढाबे बने हुए हैं। इन ढाबों पर पथ परिवहन निगम की बसें रुकती हैं। लेकिन इन ढाबों में हालत यह है कि यहां पर न तो सफाई का ध्यान रखा जाता है और न ही खाने में कोई साफ सफाई है। विभाग की ओर से यहां पर खाद्य पदार्थों के सैंपल भी नहीं भरे गए हैं। इस कारण यात्रियों की सेहत के साथ तो खिलवाड़ हो रही रहा है। साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन


इनसेट
पानी के स्रोत का भी कोई पता नहीं
हाईवे पर बने कुछ ढाबों में पानी कहां से आ रहा है इस बारे भी कोई जानकारी नहीं है। वहीं जिन डिब्बों या गिलास में पानी दिया जा रहा है उनमें सफाई तक नहीं है। अभी तक पानी के सैंपल तक इन ढाबों से नहीं भरे गए हैं। इससे जलजनित बीमारियों की गिरफ्त में भी लोग आ सकते हैं। जबकि नियमों के तहत हर ढाबे या होटल में आरओ लगाना जरूरी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट
बंद बोतलों पर भी मनमानी
ढाबा संचालकों पर शिकंजा न कसने के कारण अब बंद पानी की बोतलों समेत कोल्ड ड्रिंक समेत अन्य के दाम भी मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। पानी और कोल्ड ड्रिंक ठंडा करने की एवज में अधिक दाम यात्रियों से ढाबा संचालक वसूल रहे हैं। इस बारे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इनसेट
केस स्टडी
धर्मपुर के स्थानीय निवासी ने सनवारा में होटलों की ओर से परोसी जा रही गंदगी की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से की है। निवासी ने शिकायत में बताया कि वह बस में दिल्ली से सोलन की ओर आ रहा था। बस दिन में हाईवे स्थित सनवारा में एक ढाबे पर रुकी। जहां पर भोजन की थाली ली। इस दौरान होटल मालिक ने बिना धुली थाली में गंदा खाना परोस दिया। इस बारे ढाबा संचालक को व्यक्ति ने बताया तो वह उससे बहस करने लगे। यहीं नहीं भोजन की थाली के दाम प्रशासन की ओर से तय किए गए हैं। लेकिन 150-200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। पानी के ठंडा करने के दाम भी अलग से वसूल रहे हैं।


इनसेट
हाईवे किनारे बने ढाबों के खिलाफ शिकायत आई है। इस पर कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में निरीक्षण भी किया जाएगा। पानी समेत अन्य चीजों के बारे में भी पता लगाया जाएगा। साथ ही ढाबा मालिकों के लाइसेंस के साथ-साथ मौके पर सैंपल भी भरे जाएंगे।
नरेंद्र धीमान, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक
इनसेट
ढाबों पर अगर खाद्य वस्तुओं के अधिक दाम वसूले जा रहे हैं तो इसकी जांच की जाएगी। अगर अनियमितताएं पाई जाती है तो नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
-अरुण चौहान
सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, सोलन

इनसेट
जिन ढाबों में दिक्कतें आ रही हैं उनके बारे में यात्री निगम को शिकायत दें। मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। गड़बड़ी पाई जाने पर कार्रवाई भी होगी।
-रोहन चंद ठाकुर
प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी, सोलन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed