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एनजीटी टीम ने किया रोड़ी गांव का निरीक्षण
ब्यूरो, सोलन
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:12 PM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा नियुक्त संयुक्त टीम ने कमानी से सटे गांव रोड़ी का दौरा किया। इस गांव के लोगों ने यहां लगे सीमेंट प्लांट को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें ध्वनि और वायु प्रदूषण की शिकायतें की गई हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच यह टीम वायु की गुणवत्ता के संदर्भ में सही आंकड़े हासिल नहीं कर पाई और टीम को वापस लौटना पड़ा।
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बरसात खत्म होने के बाद ही टीम अब दोबारा आंकड़े एकत्र कर अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेंगी। कोर्ट द्वारा नियुक्त पांच सदस्यों की इस टीम में हिमाचल के अलावा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिवों के साथ वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे। यह टीम शुक्रवार को करीब 11 बजे कंपनी के रोड़ी प्लांट में पहुंची और प्लांट से पैदा होने वाले वायु तथा ध्वनि प्रदूषण का जायजा लिया। इसके बाद करीब 3 बजे टीम ने रोड़ी गांव के लोगों के बयान दर्ज किए।
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बताया जा रहा है कि रोड़ी गांव के अधिकतर लोग श्वास और त्वचा से संबंधित रोगों का शिकार हो रहे हैं> लोगों ने गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर लगवाने की भी मांग की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हिमाचल के सदस्य सचिव डॉ. संजय सूद ने बताया कि वायु की गुणवत्ता के लिए बरसात के रुकने का इंतजार करना होगा। दोबारा आंकड़े जुटाए जाएंगे और अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द कोर्ट में पेश की जाएगी।
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इस दौरान सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पंजाब बाबु राम, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक अजय मेहरोत्रा, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा ग्रामीणों में जगदीश शर्मा, बाबू राम, अनिल, तीर्थ राम, प्रेम लाल, बली राम, बल देव और प्रकाश आदि मौजूद रहे।
यह है मामला
रोड़ी गांव के लोगों ने वर्ष 2013 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में याचिका दायर कर कहा था कि कंपनी के प्लांट की वजह से गांव की 400 लोगों की आबादी को ध्वनि और वायु प्रदूषण से परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसमें कहा हैै कि प्लांट के कारण मवेशियों का चारा दूषित हो रहा है। भारी वायु और ध्वनि प्रदूषण से लोगों को कई बीमारियों ने घेर लिया है। ग्रामीणों ने गांव के लोगों को किसी दूसरी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित करने की मांग भी की थी। इस प्राधिकरण ने दो राज्यों के अधिकारियों की एक टीम का गठन कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे।