परिजन बोले, स्कूल में की गई बच्चे की हत्या
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दुर्गा पब्लिक स्कूल (बोर्डिंग) में 8वीं के छात्र सूर्य प्रकाश की मौत को आत्महत्या मानकर जांच कर रही पुलिस की कार्यशैली पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। परिजनों ने पुलिस के साथ दुर्गा पब्लिक स्कूल में घटनास्थल का दौरा किया। इस दौरान स्कूल में ही हत्या का आशंका जताते हुए संबंधित वार्डन पर संगीन आरोप लगाए हैं। मृतक के पिता ने कहा कि बेटे को स्कूल में ही मारा गया है। क्योंकि जिस पंखे पर लटकने की बात कही जा रही है उस पंखे का कुछ नहीं बिगड़ा है। मेरा बेटा काफी तगड़ा था। अगर उसने पंखे में लटककर आत्महत्या की है तो पंखा टेढ़ा होता, लेकिन वहां तो ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि मर्डर में स्कूल के ही एक कर्मचारी का हाथ है। आरोपी का नाम बताने पर भी उसे सामने नहीं लाया गया जिससे साफ जाहिर हो रहा है कि उसे बचाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों ने पूरे मामले में सीबीआई की जांच मांगी है।
सोमवार को दुर्गा पब्लिक स्कूल (बोर्डिंग) में फ्रू्ट ब्रेक के दौरान आठवीं में पढ़ने वाले 12 वर्षीय स्टूडेंट की मौत हो गई थी। उसका शव हॉस्टल में लटका हुआ मिला था। पुलिस के मुताबिक उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल से उसे सोलन अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस मामले में 174 के तहत कार्रवाई कर रही है। मृतक छात्र की शिनाख्त सूर्य प्रकाश पुत्र सुरेंद्र राठौर हाउस नंबर 22 वार्ड नंबर 4 तहसील खरड़ मोहाली पंजाब के रूप में हुई।
मृतक के परिजनों में पिता सुरेंद्र सिंह, कजन अभिमन्यु, चाचा अजय राठौर के अलावा सगे संबंधियों में अवतार सिंह, महेंद्र पाल सिंह सुबह दस थाने में पहुंचे। करीब 12 बजे तक परिजन थाने में मौजूद रहे। बाहर आने पर चाचा अजय राठौर ने बताया कि वह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत कर आ रहे हैं। पुलिस से कोई रिस्पांस नहीं मिला तो सीबीआई जांच की कोशिश की जाएगी। पिता के बोलने पर पुलिस मंगलवार को परिजनों के साथ दुर्गा पब्लिक स्कूल के उस कमरे में पहुंची, जहां यह घटना घटी है।
मृतक बच्चे के परिजन दोपहर साढ़े 12 बजे स्कूल पहुंचे जहां पुलिस का पहरा था। स्कूल प्रधानाचार्य से परिजनों ने बातचीत की और एसएचओ, आइओ का इंतजार करने लगे ताकि अंदर जाकर घटनास्थल को देखा जा सके। कुछ देर बाद पुलिस की पूरी टीम पहुंची और ब्वॉयज हॉस्टल की तीसरी मंजिल में उस कमरे में पहुंचे जहां सूर्य प्रकाश ने फंदा लगाया था।
एसएचओ सोलन, आइओ समेत पुलिस टीम के अलावा मृतक के परिजनों ने जैसे ही हॉस्टल के उस कमरे में दाखिल हुए तो सवाल पर सवाल पर उठने लगे। मृतक के चचेरे भाई अभिमन्यु ने सवाल उठाया कि इतना भारी बेड सूर्या अकेले नहीं खींच सकता? जैसा की बताया जा रहा है कि उसने बेड घसीटकर पंखे के नीचे ले जाकर उस पर चढ़कर फंदा लगाया है। उसने बेड को हिलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नहीं हिला सका। उसने पुलिस जवानों को भी बेड घसीटने के लिए कहा। उसके बाद परिजन वार्डन और मौके से छात्र को फंदे से उतारने वालों को सामने लाने की मांग करने लगे, लेकिन कोई भी सामने नहीं आया। फिर परिजनों ने सवाल उठाया कि पुलिस के आने से पहले ही बच्चे को फंदे से क्यों उतारा? साफ-सफाई कर सारा सामान क्यों व्यवस्थित तरीके से रख दिया? प्रबंधन ने जवाब दिया कि पुलिस की जांच के बाद ही सफाई हुई। परिजनों ने वह चादर मांगी जिससे फंदा लगाया गया है। तर्क था कि मोटी चादर से फंदा लगाना नामुमकिन है। उन्होंने चादर दिखाने को कहा तो पुलिस ने जवाब दिया की चादर उनकी कस्टडी में है।
इकलौते बेटे के चले जाने से सदमें में मां-बाप मौत को झूठ मान रहे हैं। रोते हुए उसके पिता सुरेंद्र सिंह ने कहा कि 14 सितंबर को उनके बेटे का जन्मदिन था। वह उनके बुढ़ापे का वह एकमात्र सहारा था। वह आत्महत्या नहीं कर सकता। उसे अच्छी शिक्षा के लिए तीन साल पहले उन्होंने इस स्कूल में प्रवेश करवाया था। उन्हें क्या पता था कि इस तरह की घटना उनकी जिंदगी के मायने बदल देगी। उन्होंने मामले में पुलिस और प्रशासन से इंसाफ की अपील की है ताकि इस तरह का वाक्या किसी और परिजनों के सामने न आए।
एसपी सोलन डा. रमेश छाजटा ने कहा कि पुलिस परिजनों के आरोपों के तहत जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर हॉस्टल वार्डन के खिलाफ भादसं की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस जांच कर रही है। पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी।
स्कूल के चेयरमैन टिक्कम सिंह का कहना है कि परिजनों के कुछ सगे संबंधी उन्हें उकसा रहे हैं। अभिभावकों को मामले की पूरी जानकारी हैं। वह सारी स्थिति से अवगत हैं। सूर्या प्रकाश ने सुसाइड किया है।