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Solan News: आधुनिक तकनीकों से स्मार्ट बनेंगे औद्योगिक क्षेत्र के एमएसएमई
Sat, 31 Oct 2026 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:32 AM IST
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बद्दी स्थित निजी होटल में स्मार्ट एमएसएमई कार्यशाला के दौरान सामूहिक चित्र में उद्यमी और एमएसएम
बद्दी में 50 से अधिक उद्यमियों ने जानी स्मार्ट तकनीक की उपयोगिता
एमएसएमई को उद्योग 4.0 की तकनीकों से किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई। हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने विश्व बैंक समर्थित रैंप योजना के तहत इसका आयोजन किया। इसमें 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को उद्योग 4.0 की तकनीकों से परिचित करवाना और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था।
तकनीकी सत्र में कोविद शर्मा ने स्मार्ट एमएसएमई योजना की जानकारी देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और रोबोटिक स्वचालन के औद्योगिक लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से उत्पादन लागत कम करने, मशीनों में खराबी का पहले पता लगाने, ऊर्जा खपत नियंत्रित करने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है।
अशोक धीमान ने मेटावर्स तकनीक, गौरव शर्मा ने ऊर्जा निगरानी प्रणाली और कृति ने औषधि उद्योगों में गुणवत्ता जांच के लिए एआई आधारित दृष्टि प्रणाली की जानकारी दी। इस दौरान आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।कार्यशाला में क्लाउड आधारित उद्यम संसाधन नियोजन प्रणाली (ईआरपी), मशीनों की निगरानी और ऊर्जा प्रबंधन के महत्व पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि इन तकनीकों से औद्योगिक इकाइयों की कार्यक्षमता और उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
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इस अवसर पर सिंगल विंडो क्लीयरेंस एजेंसी के प्रबंधक जेस्सी राम ठाकुर सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। योजना के तहत इच्छुक औद्योगिक इकाइयों का निशुल्क तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। चयनित इकाइयों को प्रायोगिक परियोजनाओं के माध्यम से तकनीकी सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
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एमएसएमई को उद्योग 4.0 की तकनीकों से किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई। हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग और सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने विश्व बैंक समर्थित रैंप योजना के तहत इसका आयोजन किया। इसमें 50 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को उद्योग 4.0 की तकनीकों से परिचित करवाना और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना था।
तकनीकी सत्र में कोविद शर्मा ने स्मार्ट एमएसएमई योजना की जानकारी देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और रोबोटिक स्वचालन के औद्योगिक लाभ बताए। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से उत्पादन लागत कम करने, मशीनों में खराबी का पहले पता लगाने, ऊर्जा खपत नियंत्रित करने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलती है।
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अशोक धीमान ने मेटावर्स तकनीक, गौरव शर्मा ने ऊर्जा निगरानी प्रणाली और कृति ने औषधि उद्योगों में गुणवत्ता जांच के लिए एआई आधारित दृष्टि प्रणाली की जानकारी दी। इस दौरान आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।कार्यशाला में क्लाउड आधारित उद्यम संसाधन नियोजन प्रणाली (ईआरपी), मशीनों की निगरानी और ऊर्जा प्रबंधन के महत्व पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि इन तकनीकों से औद्योगिक इकाइयों की कार्यक्षमता और उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सकती है।
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इस अवसर पर सिंगल विंडो क्लीयरेंस एजेंसी के प्रबंधक जेस्सी राम ठाकुर सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। योजना के तहत इच्छुक औद्योगिक इकाइयों का निशुल्क तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। चयनित इकाइयों को प्रायोगिक परियोजनाओं के माध्यम से तकनीकी सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी।