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इंसान निकालेगा लंगूर की आवाज और भागेगा बंदर
ब्यूरो /अमर उजाला, कसौली (सोलन)
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:00 AM IST
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पर्यटन नगरी में लोगों व पर्यटकों को अब उत्पाती बंदरों की समस्या नहीं सताएगी। लोग अब बाजारों में खुलकर घूम सकेंगे और उन्हें बंदरों की छीना-झपटी का भी डर नहीं सताएगा। कसौली छावनी प्रशासन ने छावनी क्षेत्र में बंदरों को भागने के लिए नई पहल शुरू की है। छावनी प्रशासन ने छावनी क्षेत्र में ट्रायल पर बंदरों को भगाने वाले पांच ट्रेंड लोग नियुक्त किए हैं, जो शहर में घूमकर बंदरों को भगा रहे हैं। बाजार में यह पांचों ट्रेंड लड़के हाथ में हॉकी स्टिक उठाकर घूमेंगे। लंगूरों की आवाज निकालने में माहिर यह कर्मचारी उसी आवाज से बंदरों को भगाएंगे। इन्होंने कार्य शुरू कर दिया है। जैसे ही बंदरों की नजर इन पर पड़ती है, बंदर हवा के झोंकों की तरह पलक झपकते ही गायब हो जाते हैं। बंदरों को भगाने के लिए ये लड़के लंगूरों की और अन्य तरह की आवाजें निकालते हैं। इससे बंदर भाग खड़े होते हैं।
कसौली छावनी के सीईओ गौरव कौशल का कहना है कि शहर में अभी ये योजना एक माह के लिए ट्रायल बेस पर शुरू की है। इसको लोगों व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के फीडबैक के बाद आगे जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सनावर स्कूल में भी इसी तरह बंदरों को भगाने के लिए लंगूर और ट्रेंड व्यक्ति रखे हैं। इन पांच ट्रेंड लड़कों को सात हजार रुपये प्रतिमाह प्रति व्यक्ति के हिसाब से मेहनताना दिया जा रहा है और उनके रहने व खाने-पीने का इंतजाम किया है। लोगों व निर्वाचित सदस्यों से फीडबैक के बाद इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। कसौली के पाइन माल रोड, हेरिटेज मार्केट, तहसील व कोर्ट परिसर, आढ़त और सदर बाजार में उत्पाती बंदरों की समस्या ज्यादा है।
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कसौली छावनी के सीईओ गौरव कौशल का कहना है कि शहर में अभी ये योजना एक माह के लिए ट्रायल बेस पर शुरू की है। इसको लोगों व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के फीडबैक के बाद आगे जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सनावर स्कूल में भी इसी तरह बंदरों को भगाने के लिए लंगूर और ट्रेंड व्यक्ति रखे हैं। इन पांच ट्रेंड लड़कों को सात हजार रुपये प्रतिमाह प्रति व्यक्ति के हिसाब से मेहनताना दिया जा रहा है और उनके रहने व खाने-पीने का इंतजाम किया है। लोगों व निर्वाचित सदस्यों से फीडबैक के बाद इसे आगे भी जारी रखा जाएगा। कसौली के पाइन माल रोड, हेरिटेज मार्केट, तहसील व कोर्ट परिसर, आढ़त और सदर बाजार में उत्पाती बंदरों की समस्या ज्यादा है।
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