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Solan News: नालागढ़ में बंदरों का आतंक, राहगीरों और स्कूली बच्चों पर झपट रहे
Mon, 12 Oct 2026 05:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 12 Oct 2026 05:09 PM IST
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नालागढ़ बवासनी मांग पर सड़क के किनारे बैठे बंदरों के झुंड- संवाद।
-ग्राउंड रिपोर्ट-
बच्चों का अब घर से बाहर अकेले जाना खतरे से खाली नहीं
हाथों से छीन लेते हैं खाने का सामान, घायल भी हो रहे लोग
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-बवासनी मार्ग पर भलेश्वर मंदिर के पास बंदरों के झुंड से लोग परेशान हैं। बंदर दिनदहाड़े पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर झपट रहे हैं। पहले सड़क किनारे इक्का-दुक्का बंदर नजर आते थे, लेकिन लोगों के अनुसार, मंदिर आने वाले कुछ श्रद्धालुओं द्वारा खाने की सामग्री डालने से इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अब वार्ड नंबर 7, 8 और 9 में भी बंदरों का आतंक है। लोगों ने नगर परिषद और वन विभाग से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
इनसेट:
बच्चों पर झपट रहे बंदर
इस मार्ग से टिक्कर पनोह के बच्चे पैदल स्कूल आते-जाते हैं। बंदरों के आतंक के कारण अभिभावक अब बच्चों को अकेले भेजने से डर रहे हैं। बंदर स्कूटी चालकों पर भी झपटते हैं, जिससे उनके गिरकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। - ऋतु देवी, निवासी टिक्कर पनोह
बंदरों की लोगों पर निर्भरता बढ़ी
लोग बंदरों को केले और ब्रेड सहित अन्य खाद्य सामग्री डालते हैं, जिससे वे भोजन के लिए लोगों पर निर्भर हो गए हैं। हाथ में थैला देखते ही बंदर लोगों पर झपट पड़ते हैं। अब वे वार्ड नंबर 9 तक पहुंच गए हैं, जिससे लोगों में दहशत है। - बलजीत कौशिक, पूर्व पार्षद
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गाय के बछड़े को भी किया घायल
बंदरों के झुंड अब वार्ड नंबर 7 और 8 में भी पहुंच गए हैं। मनीष बस्सी के अनुसार, एक दिन बंदरों ने गाय के बछड़े पर हमला कर उसे घायल कर दिया। लोगों ने बड़ी मुश्किल से बछड़े को उनके चंगुल से छुड़ाया। इस समस्या को लेकर लोग वन विभाग के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। - मनीष बस्सी, वार्ड नंबर 8, नालागढ़
खाद्य सामग्री फेंकने पर रोक लगाने की मांग
बारियां पंचायत के प्रधान शिव कुमार ने प्रशासन से सड़क किनारे खुले में खाद्य सामग्री फेंकने पर रोक लगाने और इसके लिए वैकल्पिक स्थान निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फेंकी गई सामग्री अक्सर सड़ जाती है, जिसे खाने से अन्य पशु भी बीमार पड़ते हैं। उनके अनुसार, दो दिन पहले टिक्कर पनोह निवासी मदन लाल की तीन बकरियों की सड़ी हुई खाद्य सामग्री खाने से मौत हो गई। - शिव कुमार, प्रधान, ग्राम पंचायत बारियां
वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की वन्यजीव नीति में कुछ बदलाव किए गए थे और बंदरों को वन्यजीवों की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। ऐसे मामलों के समाधान के लिए अलग बजट की आवश्यकता है। सरकार की ओर से योजना बनने पर प्रशासन के साथ मिलकर समस्या का समाधान किया जाएगा। - अंशुल जैन, उप अरण्यपाल, वन मंडल नालागढ़
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बच्चों का अब घर से बाहर अकेले जाना खतरे से खाली नहीं
हाथों से छीन लेते हैं खाने का सामान, घायल भी हो रहे लोग
एचआर धीमान
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-बवासनी मार्ग पर भलेश्वर मंदिर के पास बंदरों के झुंड से लोग परेशान हैं। बंदर दिनदहाड़े पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों पर झपट रहे हैं। पहले सड़क किनारे इक्का-दुक्का बंदर नजर आते थे, लेकिन लोगों के अनुसार, मंदिर आने वाले कुछ श्रद्धालुओं द्वारा खाने की सामग्री डालने से इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। अब वार्ड नंबर 7, 8 और 9 में भी बंदरों का आतंक है। लोगों ने नगर परिषद और वन विभाग से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
इनसेट:
बच्चों पर झपट रहे बंदर
इस मार्ग से टिक्कर पनोह के बच्चे पैदल स्कूल आते-जाते हैं। बंदरों के आतंक के कारण अभिभावक अब बच्चों को अकेले भेजने से डर रहे हैं। बंदर स्कूटी चालकों पर भी झपटते हैं, जिससे उनके गिरकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। - ऋतु देवी, निवासी टिक्कर पनोह
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बंदरों की लोगों पर निर्भरता बढ़ी
लोग बंदरों को केले और ब्रेड सहित अन्य खाद्य सामग्री डालते हैं, जिससे वे भोजन के लिए लोगों पर निर्भर हो गए हैं। हाथ में थैला देखते ही बंदर लोगों पर झपट पड़ते हैं। अब वे वार्ड नंबर 9 तक पहुंच गए हैं, जिससे लोगों में दहशत है। - बलजीत कौशिक, पूर्व पार्षद
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गाय के बछड़े को भी किया घायल
बंदरों के झुंड अब वार्ड नंबर 7 और 8 में भी पहुंच गए हैं। मनीष बस्सी के अनुसार, एक दिन बंदरों ने गाय के बछड़े पर हमला कर उसे घायल कर दिया। लोगों ने बड़ी मुश्किल से बछड़े को उनके चंगुल से छुड़ाया। इस समस्या को लेकर लोग वन विभाग के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। - मनीष बस्सी, वार्ड नंबर 8, नालागढ़
खाद्य सामग्री फेंकने पर रोक लगाने की मांग
बारियां पंचायत के प्रधान शिव कुमार ने प्रशासन से सड़क किनारे खुले में खाद्य सामग्री फेंकने पर रोक लगाने और इसके लिए वैकल्पिक स्थान निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फेंकी गई सामग्री अक्सर सड़ जाती है, जिसे खाने से अन्य पशु भी बीमार पड़ते हैं। उनके अनुसार, दो दिन पहले टिक्कर पनोह निवासी मदन लाल की तीन बकरियों की सड़ी हुई खाद्य सामग्री खाने से मौत हो गई। - शिव कुमार, प्रधान, ग्राम पंचायत बारियां
वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की वन्यजीव नीति में कुछ बदलाव किए गए थे और बंदरों को वन्यजीवों की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। ऐसे मामलों के समाधान के लिए अलग बजट की आवश्यकता है। सरकार की ओर से योजना बनने पर प्रशासन के साथ मिलकर समस्या का समाधान किया जाएगा। - अंशुल जैन, उप अरण्यपाल, वन मंडल नालागढ़

नालागढ़ बवासनी मांग पर सड़क के किनारे बैठे बंदरों के झुंड- संवाद।

नालागढ़ बवासनी मांग पर सड़क के किनारे बैठे बंदरों के झुंड- संवाद।

नालागढ़ बवासनी मांग पर सड़क के किनारे बैठे बंदरों के झुंड- संवाद।

नालागढ़ बवासनी मांग पर सड़क के किनारे बैठे बंदरों के झुंड- संवाद।