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रसोई घरों से निकलने वाले कचरे से बनेगी मिथेन गैस
ब्यूरो, नालागढ़, सोलन
Updated Fri, 17 Feb 2017 10:05 PM IST
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रसोई घरों से निकलने वाली गंदगी से मिथेन गैस बनाई जाएगी।
- फोटो : demo pic
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रसोई घरों से निकलने वाली गंदगी से मिथेन गैस बनाई जाएगी। यह गैस एलपीजी का अहम घटक है। इसमें ट्रायल के तौर पर नालागढ़ की किरपालपुर पंचायत को शामिल किया है। पंचायत और शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट ट्रायल बेस पर करीब 5 लाख से 25 किलो की क्षमता वाली मशीन को स्थापित करने जा रही है। यह प्रयोग सफल रहा तो दूसरी जगह अधिक क्षमता वाली मशीन लगेगी।
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ट्रायल के तौर पर इसके तहत पंचायत के हर एक परिवार को दो-दो डस्टबिन प्रदान किए हैं। इसमें पंचायत द्वारा नियुक्त किए कर्मचारी घर-घर से कूड़ा उठाएंगे। इस योजना का शुभारंभ नालागढ़ के एसडीएम आशुतोष गर्ग ने किया। योजना की पुष्टि पंचायत प्रधान गुरुप्रताप सिंह ने की। इस दौरान पंचायत उपप्रधान कमल धीमान, बीडीसी मदन चौधरी, वार्ड पंच रामआसरा, प्रेम चौधरी, केशव धीमान और राजीव शर्मा मौजूद रहे।
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प्रति परिवार 100 रुपये देना होगा शुल्क
घर-घर से कूड़ा उठाने की मुहिम किरपालपुर शहर से सटी एक कालोनी से की गई। इसमें प्रति परिवार को घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए 100 रुपये प्रति माह का शुल्क देना होगा। इसमें अभी ट्रायल बेस पर यह शुल्क लिया जा रहा है। इसमें सिर्फ एक ही कालोनी को जोड़ा है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो इसके बाद इसमें दुकानदारों सहित ढाबों और होटलों को भी जोड़ा जाएगा। इसका शुल्क भी निर्धारित किया जाएगा।
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ऐसे होगा योजना पर काम
योजना के मुताबिक पंचायत द्वारा प्रदान किए एक डस्टबिन में ठोस और दूसरे में तरल कचरा भरा जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन पंचायत द्वारा नियुक्त कर्मचारी लोगों के घरों से कूड़ा एकत्रित करेगा। कूड़े को अलग-अलग करने के बाद शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में गाड़ी के जरिये भेजा जाएगा। यहां पर ठोस और रसोई कचरे को अलग-अलग कर रसोई कचरे से मिथैन गैस बनाई जाएगी।