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Solan News: सोलन में बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में रविवार को बारिश व हल्की ओलावृष्टि हुई है। हालांकि ओलावृष्टि से कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है। बारिश से टमाटर, शिमला मिर्च के लिए संजीवनी बताई जा रही है। जबकि तैयार गेहूं और लहसुन को नुकसान पहुंचा सकती है। जानकारी के अनुसार जिले के निचले मैदानी क्षेत्रों में तो गेहूं, जौ आदि की फसलें किसानों ने समेट ली है, लेकिन जिला के पहाड़ी क्षेत्रों में यह फसलें अब पककर तैयार हुई हैं। कुछ किसानों ने तो फसल काट ली है, लेकिन यह खेतों में ही भीग रही है या तिरपाल से ढंकी हुई हैं। इस तरह यह बारिश से काली हो जाएगी और कई दिनों तक लगातार बारिश रहती है तो यह पूरी तरह खराब भी हो सकती है। इसके अलावा जिला में किसान लहसुन की फसल अब नकदी फसल के रूप में उगाने लगे हैं। अधिकतर क्षेत्रों में यह फसल तैयार हो चुकी है और अब इसे एकत्र करने का कार्य चल रहा है। अब इस तैयार फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। तैयार फसल पर बारिश होने से इसकी कलियां बिखर जाती हैं और यदि यह एक बार खराब हो जाए तो इसे 25 फीसदी दाम भी बाजार में नहीं मिल पाते हैं। किसानों की सभी तैयार फसलें इससे खराब होती जा रही हैं। इसके अलावा इन दिनों जिला में टमाटर, शिमला मिर्च, तेज मिर्च सहित अन्य नकदी फसलें भी लगी हुई हैं। इन फसलों के लिए तो यह बारिश ठीक है, हालांकि इन फसलों में भी पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करने की सलाह नौणी विवि ने दी है। पानी खड़ा होने से इसे भी नुकसान हो सकता है। हालांकि पिछले दो दिन पहले हुई कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से गुठलीदार फलों और टमाटर, शिमला मिर्च की फसलों को नुकसान पहुंचा था। रविवार को बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि हुई है। इससे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।
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सोलन। जिले में रविवार को बारिश व हल्की ओलावृष्टि हुई है। हालांकि ओलावृष्टि से कोई नुकसान होने की सूचना नहीं है। बारिश से टमाटर, शिमला मिर्च के लिए संजीवनी बताई जा रही है। जबकि तैयार गेहूं और लहसुन को नुकसान पहुंचा सकती है। जानकारी के अनुसार जिले के निचले मैदानी क्षेत्रों में तो गेहूं, जौ आदि की फसलें किसानों ने समेट ली है, लेकिन जिला के पहाड़ी क्षेत्रों में यह फसलें अब पककर तैयार हुई हैं। कुछ किसानों ने तो फसल काट ली है, लेकिन यह खेतों में ही भीग रही है या तिरपाल से ढंकी हुई हैं। इस तरह यह बारिश से काली हो जाएगी और कई दिनों तक लगातार बारिश रहती है तो यह पूरी तरह खराब भी हो सकती है। इसके अलावा जिला में किसान लहसुन की फसल अब नकदी फसल के रूप में उगाने लगे हैं। अधिकतर क्षेत्रों में यह फसल तैयार हो चुकी है और अब इसे एकत्र करने का कार्य चल रहा है। अब इस तैयार फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। तैयार फसल पर बारिश होने से इसकी कलियां बिखर जाती हैं और यदि यह एक बार खराब हो जाए तो इसे 25 फीसदी दाम भी बाजार में नहीं मिल पाते हैं। किसानों की सभी तैयार फसलें इससे खराब होती जा रही हैं। इसके अलावा इन दिनों जिला में टमाटर, शिमला मिर्च, तेज मिर्च सहित अन्य नकदी फसलें भी लगी हुई हैं। इन फसलों के लिए तो यह बारिश ठीक है, हालांकि इन फसलों में भी पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध करने की सलाह नौणी विवि ने दी है। पानी खड़ा होने से इसे भी नुकसान हो सकता है। हालांकि पिछले दो दिन पहले हुई कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से गुठलीदार फलों और टमाटर, शिमला मिर्च की फसलों को नुकसान पहुंचा था। रविवार को बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि हुई है। इससे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।