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Solan News: बिजली का बिल जमा न करवाने पर क्रस्ना लैब 15 दिन से बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में क्रस्ना लैब बिजली का बिल नहीं भरने के कारण बीते 15 दिन से बंद पड़ी है। ऐसे में मरीजों को टेस्ट की सुविधा नहीं मिल रही है। केवल सरकारी लैब में दोपहर 1:00 बजे तक टेस्ट हो रहे हैं। जिस कारण अब मरीजों को निजी लैब में महंगे दामों में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सोलन के साथ-साथ शिमला और सिरमौर से भी मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में लगभग सभी विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। उपचार के दौरान मरीजों में बीमारी का सही पता के लिए टेस्ट लिखते हैं। टेस्ट के लिए मरीज घंटों भर लाइन में लगकर बिल कटाते हैं। जब बार आती है तो इन्हें अगले दिन सैंपल के लिए बुलाया जाता है। जिस कारण दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मजबूरी में निजी लैब में टेस्ट करवाने चले जाते हैं। जहां पर पर अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। मरीजों ने प्रदेश सरकार से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
99,981 रुपये है पेंडिंग बिल
मई तक क्रस्ना लैब का 99,981 रुपये पेंडिंग है। अब जून का भी बिल इसमें जुड़ जाएगा। क्योंंकि कनेक्शन 19 मई को काटा गया है। इससे पहले का बिज जोड़ने पर फिर बिल एक लाख से ऊपर हो जाएगा, लेकिन इसके लिए क्रस्ना लैब ने कोई योजना नहीं बनाई है।
क्रस्ना लैब प्रबंधन रोजाना दावा करते हैं कि वे बिल जमा करवा देंगे। लेकिन आज तक बिल जमा नहीं करवाया है। लैब की ओर से मरीजों को सुविधा न देने पर निगेटिव रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसे सरकार को भेजा जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए सरकारी लैब में दोपहर 1:00 बजे से सैंपल लिए जाते हैं।
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डॉ. राकेश पवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में क्रस्ना लैब बिजली का बिल नहीं भरने के कारण बीते 15 दिन से बंद पड़ी है। ऐसे में मरीजों को टेस्ट की सुविधा नहीं मिल रही है। केवल सरकारी लैब में दोपहर 1:00 बजे तक टेस्ट हो रहे हैं। जिस कारण अब मरीजों को निजी लैब में महंगे दामों में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सोलन के साथ-साथ शिमला और सिरमौर से भी मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में लगभग सभी विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। उपचार के दौरान मरीजों में बीमारी का सही पता के लिए टेस्ट लिखते हैं। टेस्ट के लिए मरीज घंटों भर लाइन में लगकर बिल कटाते हैं। जब बार आती है तो इन्हें अगले दिन सैंपल के लिए बुलाया जाता है। जिस कारण दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मजबूरी में निजी लैब में टेस्ट करवाने चले जाते हैं। जहां पर पर अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं। मरीजों ने प्रदेश सरकार से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
99,981 रुपये है पेंडिंग बिल
मई तक क्रस्ना लैब का 99,981 रुपये पेंडिंग है। अब जून का भी बिल इसमें जुड़ जाएगा। क्योंंकि कनेक्शन 19 मई को काटा गया है। इससे पहले का बिज जोड़ने पर फिर बिल एक लाख से ऊपर हो जाएगा, लेकिन इसके लिए क्रस्ना लैब ने कोई योजना नहीं बनाई है।
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क्रस्ना लैब प्रबंधन रोजाना दावा करते हैं कि वे बिल जमा करवा देंगे। लेकिन आज तक बिल जमा नहीं करवाया है। लैब की ओर से मरीजों को सुविधा न देने पर निगेटिव रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसे सरकार को भेजा जाएगा। मरीजों की सुविधा के लिए सरकारी लैब में दोपहर 1:00 बजे से सैंपल लिए जाते हैं।
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डॉ. राकेश पवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन