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Solan News: एथेनॉल कंपनी के खिलाफ जनचेतना संघर्ष समिति 30 को निकालेगी विरोध रैली
Mon, 14 Sep 2026 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:36 AM IST
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कंपनी संचालकों पर गलत तथ्य पेश कर एनओसी लेने का आरोप
एसडीएम, राज्य और केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। जनचेतना संघर्ष समिति महादेव की बैठक में एथेनॉल कंपनी के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है। महादेव गौशाला में आयोजित इस बैठक में समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद ठाकुर ने आरोप लगाया कि कंपनी संचालकों ने गलत जानकारी मुहैया कराकर एनओसी हासिल की है।अध्यक्ष ज्ञान चंद ठाकुर ने बताया कि प्लांट अभी सिर्फ ट्रायल बेस पर चल रहा है, लेकिन इससे निकलने वाले स्लज (कीचड़) और अपशिष्ट सामग्री के कारण स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। कंपनी ने एनओसी लेते वक्त दावा किया था कि 10 किलोमीटर के दायरे में कोई गौशाला या आरक्षित वन नहीं है। हालांकि, वास्तविकता यह है कि प्लांट के ठीक पास प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला स्थित है और महज 100 मीटर की दूरी पर आरक्षित वन है। इसके अलावा, आदुवाल गांव भी प्लांट से केवल 100 मीटर दूर है, जिसे कंपनी ने दस्तावेजों में दो किलोमीटर दूर दर्शाया है। बैठक में तय किया गया कि समिति आगामी 30 सितंबर को नालागढ़ में एक विशाल विरोध रैली का आयोजन करेगी। इस दौरान एसडीएम के माध्यम से राज्य व केंद्र सरकार को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। समिति के सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि 8 सितंबर को हुई रैली के दौरान भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद कंपनी द्वारा प्रदूषण फैलाना जारी है। कंपनी के इस प्रदूषण से प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में मौजूद गोवंश के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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एसडीएम, राज्य और केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। जनचेतना संघर्ष समिति महादेव की बैठक में एथेनॉल कंपनी के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है। महादेव गौशाला में आयोजित इस बैठक में समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद ठाकुर ने आरोप लगाया कि कंपनी संचालकों ने गलत जानकारी मुहैया कराकर एनओसी हासिल की है।अध्यक्ष ज्ञान चंद ठाकुर ने बताया कि प्लांट अभी सिर्फ ट्रायल बेस पर चल रहा है, लेकिन इससे निकलने वाले स्लज (कीचड़) और अपशिष्ट सामग्री के कारण स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। कंपनी ने एनओसी लेते वक्त दावा किया था कि 10 किलोमीटर के दायरे में कोई गौशाला या आरक्षित वन नहीं है। हालांकि, वास्तविकता यह है कि प्लांट के ठीक पास प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला स्थित है और महज 100 मीटर की दूरी पर आरक्षित वन है। इसके अलावा, आदुवाल गांव भी प्लांट से केवल 100 मीटर दूर है, जिसे कंपनी ने दस्तावेजों में दो किलोमीटर दूर दर्शाया है। बैठक में तय किया गया कि समिति आगामी 30 सितंबर को नालागढ़ में एक विशाल विरोध रैली का आयोजन करेगी। इस दौरान एसडीएम के माध्यम से राज्य व केंद्र सरकार को ज्ञापन भी भेजा जाएगा। समिति के सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि 8 सितंबर को हुई रैली के दौरान भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद कंपनी द्वारा प्रदूषण फैलाना जारी है। कंपनी के इस प्रदूषण से प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला में मौजूद गोवंश के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।