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Solan News: शहद एवं छत्ते के अन्य उत्पादों पर दी जानकारी
Sun, 03 Dec 2023 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 03 Dec 2023 11:24 PM IST
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नौणी विवि में आयोजित विशिष्ट मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को जानकारी देते वैज
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नौणी विवि में मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर संपन्न
सोलन, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा और बिलासपुर के प्रतिभागियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि के कीट विज्ञान विभाग की ओर से राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड मधुमक्खी पालन के लिए शहद और छत्ते के अन्य उत्पादन मॉडल के तहत सात दिवसीय विशिष्ट मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्यअतिथि रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को मधुमक्खी से प्राप्त शहद के अलावा अन्य उत्पादों के महत्व के बारे में बताया और विशेषकर उन उत्पादों की मार्केटिंग, और पैकेजिंग पर जोर दिया। प्रदेश की देसी मधुमक्खी के शहद को ब्रांड के रूप में पहचान मिलनी चाहिए।
कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में सोलन, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा एवं बिलासपुर के 25 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। ग्लोबल एपीआर कंपनी से मदन शर्मा ने प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले विभिन्न उत्पादों की मार्केटिंग, ब्राडिंग और पैकेजिंग के बारे में जानकारी दी। इस परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. मीना ठाकुर ने गतिविधियों के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान केंद्रों पर चल रही गतिविधियों के बारे में बताया। इस प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत प्रतिभागियों का एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर, कुरुक्षेत्र की एक्सपोजर विजिट भी करवाई गई। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ राकेश कुमार, डॉ विश्वगौरव चंदेल, डॉ मंगला राम, डॉ रोहित ठाकुर एवं विभाग के कर्मचारी एवं छात्र मौजूद रहे।
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सोलन, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा और बिलासपुर के प्रतिभागियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि के कीट विज्ञान विभाग की ओर से राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड मधुमक्खी पालन के लिए शहद और छत्ते के अन्य उत्पादन मॉडल के तहत सात दिवसीय विशिष्ट मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल मुख्यअतिथि रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को मधुमक्खी से प्राप्त शहद के अलावा अन्य उत्पादों के महत्व के बारे में बताया और विशेषकर उन उत्पादों की मार्केटिंग, और पैकेजिंग पर जोर दिया। प्रदेश की देसी मधुमक्खी के शहद को ब्रांड के रूप में पहचान मिलनी चाहिए।
कीट विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में सोलन, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा एवं बिलासपुर के 25 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। ग्लोबल एपीआर कंपनी से मदन शर्मा ने प्रतिभागियों को मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले विभिन्न उत्पादों की मार्केटिंग, ब्राडिंग और पैकेजिंग के बारे में जानकारी दी। इस परियोजना की प्रधान अन्वेषक डॉ. मीना ठाकुर ने गतिविधियों के अंतर्गत विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान केंद्रों पर चल रही गतिविधियों के बारे में बताया। इस प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत प्रतिभागियों का एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र, रामनगर, कुरुक्षेत्र की एक्सपोजर विजिट भी करवाई गई। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ राकेश कुमार, डॉ विश्वगौरव चंदेल, डॉ मंगला राम, डॉ रोहित ठाकुर एवं विभाग के कर्मचारी एवं छात्र मौजूद रहे।

नौणी विवि में आयोजित विशिष्ट मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को जानकारी देते वैज
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