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Solan News: आशा कार्यकर्ताओं को दी ज्वार, बाजरा, रागी के पोषण गुणों की जानकारी
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बद्दी में आशा वर्कर जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेते हुए- संवाद।
बद्दी में आयुष आहार एवं पारंपरिक अनाज पर जागरूकता शिविर आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने नेस्ले आर एंड डी के सहयोग से बद्दी के वार्ड नंबर-2 में आशा कार्यकर्ताओं के साथ एक विशेष आयुष आहार एवं पारंपरिक अनाज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश आयुष आहार, पारंपरिक अनाज और स्थानीय भोजन को अपनाकर स्वस्थ समाज का निर्माण था। जागरूकता सत्र के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को पारंपरिक अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो एवं कुटकी के पोषण गुणों, आयुष आहार की अवधारणा और दैनिक जीवन में इनके समावेशन के स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सत्र में यह भी बताया गया कि ये अनाज पाचन तंत्र को मजबूत करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप एवं अन्य जीवनशैली जनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर आयुष चिकित्सक डॉ. मोनिका बिंदल ने आयुर्वेदिक आहार, दिनचर्या एवं ऋतु अनुसार भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर आयुष आधारित संतुलित एवं स्थानीय भोजन को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी प्रदान दिए। कार्यक्रम में आईआरजी एनजीओ की स्वास्थ्य टीम की हेल्थ वर्कर्स पिंकी वर्मा, सुषमा शर्मा एवं संगीता चंदेल ने सक्रिय भूमिका निभाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने नेस्ले आर एंड डी के सहयोग से बद्दी के वार्ड नंबर-2 में आशा कार्यकर्ताओं के साथ एक विशेष आयुष आहार एवं पारंपरिक अनाज जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश आयुष आहार, पारंपरिक अनाज और स्थानीय भोजन को अपनाकर स्वस्थ समाज का निर्माण था। जागरूकता सत्र के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को पारंपरिक अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो एवं कुटकी के पोषण गुणों, आयुष आहार की अवधारणा और दैनिक जीवन में इनके समावेशन के स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सत्र में यह भी बताया गया कि ये अनाज पाचन तंत्र को मजबूत करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मधुमेह, मोटापा, उच्च रक्तचाप एवं अन्य जीवनशैली जनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर आयुष चिकित्सक डॉ. मोनिका बिंदल ने आयुर्वेदिक आहार, दिनचर्या एवं ऋतु अनुसार भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को समुदाय स्तर पर आयुष आधारित संतुलित एवं स्थानीय भोजन को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी प्रदान दिए। कार्यक्रम में आईआरजी एनजीओ की स्वास्थ्य टीम की हेल्थ वर्कर्स पिंकी वर्मा, सुषमा शर्मा एवं संगीता चंदेल ने सक्रिय भूमिका निभाई।