फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Illagel construction can be legeal with in two month

अब भवन नियमित नहीं कराए तो ढहा देगा प्रशासन

Tue, 14 Feb 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Tue, 14 Feb 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
Illagel construction can be legeal with in two month

अपने भवनों को नियमित करने के लिए रिटेंशन पॉलिसी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। नगर परिषद सोलन ने ऐसे भवन मालिकों को नियमित किए जाने के लिए 2 माह का समय दिया है। इस अवधि में इन भवन मालिकों को भवन के नक्शों को सुव्यवस्थित करने के लिए आवेदन करने को कहा है। लेकिन यह भी तय है कि अब आवेदन करने से चूके तो अवैध निर्माण गिराना पड़ेगा। कोई सुनवाई नहीं होगी।

विज्ञापन


सोलन में ऐसे कई मकान हैं जो नियमों को ताक पर रखकर बने हैं। इन्हें इस पालिसी के तहत  नियमित किया जाना है। वर्तमान में शहर में ऐसी कई बहुमंजिला इमारतों का विस्तार हुआ है, जिनके निर्माण के लिए नप द्वार जरूरी मंजूरी नहीं ली गई है। कहीं एक मंजिल का नक्शा पास कर दो या इससे अधिक का निर्माण किया है। तो कहीं भवन मालिकों द्वारा बिना नप के एनओसी के छज्जे बढ़ा दिए हैं। चार मंजिल के लिए बनाए भवन के नक्शों में ऐटिक का निर्माण बिना नप की इजाजत के करने वालों की भी लिस्ट लंबी है। शहर में वर्तमान में 180 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं।
विज्ञापन


नप का हो रहा आर्थिक नुकसान
बीते कुछ वर्षों में निर्माण कार्यों ने शहर को कंकरीट के जंगल में बदल दिया है। इसमें तय नियमों से कहीं अधिक बड़ी इमारतें बन रही हैं। आलम यह है कि औपचारिकताएं पूरी किए बिना ही बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इससे हर साल नगर परिषद सोलन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एक बिजली और पानी के कनेक्शन को कई परिवार उपयोग कर रहे हैं। इससे नप को खपत के हिसाब से टैक्स नहीं मिल पा रहा। इससे शहर के कई विकास कार्यों पर भी ब्रेक लग गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकतर निर्माणों में नियमों पर अमल नहीं
वर्ष 2009 के बाद शहर में 60 प्रतिशत से अधिक मकान बने हैं। अब इन मकानों में से कुछ ही भवन मालिकों ने 3+1 का नियम अपनाया है। अधिकांश लोगों ने इस पर गौर नहीं किया और पार्किंग के स्थान पर व्यावसायिक भवन बना लिए हैं। यही नहीं तीन मंजिल भवन की सीमा भी लांघ दी है।


अब चूके तो होगी कड़ी कार्रवाई : ईओ
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने कहा कि शहर के जिन भवन मालिकों ने बिना नप की मंजूरी के भवनों का निर्माण किया है, वह रिटेंशन पालिसी का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन किए जा सकते है। टीसीपी की वेबसाइट पर क्लिक करने पर आवेदन किए जाने की पूरी प्रक्रिया और फीस के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। इस अवधि के बाद सरकार और जिला प्रशासन के साथ मिलकर नगर परिषद ऐसे भवन मालिकों पर कड़ी कार्रवाई करेगी जिनका निर्माण बिना अनुमति के किया है। पहले आवेदन कर चुके लोगों को अब दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed