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Solan News: स्कूलों में कैसे होगी क्रीड़ा प्रतियोगिता, 33 के पास अपना खेल मैदान ही नहीं
Fri, 19 Jul 2024 11:17 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 19 Jul 2024 11:17 PM IST
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विद्यार्थी स्कूल क्लस्टर में खेल गतिविधियों की कर रहे तैयारी
उच्च शिक्षा विभाग के 203 में से 170 स्कूल के पास ही है मैदान
निदेशालय को भेजी है बिना मैदान वाले स्कूलों की सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के 15 से 20 फीसदी सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान तक नहीं हैं। जहां पर खेल मैदान हैं वहां पर नाम मात्र की सुविधाएं हैं। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से इसकी जानकारी शिक्षा निदेशालय को दी गई है। जिसमें बिना खेल मैदान के चल रहे स्कूलों को मैदान की सुविधा प्रदान करने पर कार्य भी किया जा रहा है। जिसके लिए स्कूल प्रबंधनों को भी जगह तलाश करने को कहा गया है। जिसके बाद आगामी कार्रवाई निदेशालय की ओर से ही की जाएगी।
जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग के तहत कुल 203 स्कूल पंजीकृत हैं। जिसमें से 170 स्कूलों के पास खेल मैदान है। जबकि 33 ऐसे स्कूल हैं, जिनके पास खेल गतिविधियों को करवाने के लिए मैदान की कोई भी सुविधा नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों को खेल प्रतियोगिता की तैयारी समेत अन्य गतिविधियों के लिए साथ लगते क्ल्स्टर स्कूलों में जाना पड़ रहा है, या फिर सामुदायिक खेल मैदान में जाना पड़ रहा है। जिसमें जिला मुख्यालय सोलन के दो प्रमुख छात्र और छात्रा स्कूल भी शामिल हैं। इन स्कूलों के विद्यार्थी खेल अभ्यास के लिए ठोडो मैदान जाते हैं। जहां पर कई बार अपने अभ्यास के लिए उचित स्थान भी नहीं मिलता है।
उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी बताया कि जिन स्कूलों के पास खेल मैदान नहीं है, उनकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है। वहीं संबंधित स्कूल प्रबंधकों को भी खेल मैदान के लिए जगह तलाश करने को कहा गया है। वर्तमान में जिन स्कूलों के पास खेल मैदान नहीं है, उन्हें साथ लगते क्लस्टर स्कूलों के साथ जोड़ा गया है।
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उच्च शिक्षा विभाग के 203 में से 170 स्कूल के पास ही है मैदान
निदेशालय को भेजी है बिना मैदान वाले स्कूलों की सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के 15 से 20 फीसदी सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान तक नहीं हैं। जहां पर खेल मैदान हैं वहां पर नाम मात्र की सुविधाएं हैं। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से इसकी जानकारी शिक्षा निदेशालय को दी गई है। जिसमें बिना खेल मैदान के चल रहे स्कूलों को मैदान की सुविधा प्रदान करने पर कार्य भी किया जा रहा है। जिसके लिए स्कूल प्रबंधनों को भी जगह तलाश करने को कहा गया है। जिसके बाद आगामी कार्रवाई निदेशालय की ओर से ही की जाएगी।
जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग के तहत कुल 203 स्कूल पंजीकृत हैं। जिसमें से 170 स्कूलों के पास खेल मैदान है। जबकि 33 ऐसे स्कूल हैं, जिनके पास खेल गतिविधियों को करवाने के लिए मैदान की कोई भी सुविधा नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों को खेल प्रतियोगिता की तैयारी समेत अन्य गतिविधियों के लिए साथ लगते क्ल्स्टर स्कूलों में जाना पड़ रहा है, या फिर सामुदायिक खेल मैदान में जाना पड़ रहा है। जिसमें जिला मुख्यालय सोलन के दो प्रमुख छात्र और छात्रा स्कूल भी शामिल हैं। इन स्कूलों के विद्यार्थी खेल अभ्यास के लिए ठोडो मैदान जाते हैं। जहां पर कई बार अपने अभ्यास के लिए उचित स्थान भी नहीं मिलता है।
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उधर, शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी बताया कि जिन स्कूलों के पास खेल मैदान नहीं है, उनकी रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी गई है। वहीं संबंधित स्कूल प्रबंधकों को भी खेल मैदान के लिए जगह तलाश करने को कहा गया है। वर्तमान में जिन स्कूलों के पास खेल मैदान नहीं है, उन्हें साथ लगते क्लस्टर स्कूलों के साथ जोड़ा गया है।
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