{"_id":"65857ac8dbee7662250e489e","slug":"home-science-music-and-sewing-subjects-abolished-in-schools-solan-news-c-176-1-ssml1040-13091-2023-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: स्कूलों में होम साइंस, संगीत व सिलाई विषय खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: स्कूलों में होम साइंस, संगीत व सिलाई विषय खत्म
Fri, 22 Dec 2023 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 22 Dec 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डाइंग कैडर में डालने से इन पदों पर नहीं हुई भर्ती
छात्राओं को इन विषयों से होता था काफी फायदा
अभिभावक उठा रहे इन्हें दोबारा से शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। सरकारी स्कूलों में गृह विज्ञान, संगीत और सिलाई अध्यापिकाओं के पद डाइंग कैडर में डालने से लड़कियों के उत्थान के लिए शुरू किए गए ये तीनों विषय बंद हो गए हैं। ग्रामीण स्तर पर जो छात्राएं जमा दो के बाद घर का काम देखती थीं उनके लिए यह विषय काफी फायदेमंद थे। अब सरकार ने इन विषयों के स्थान पर हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर और ऑटो मोबाइल जैसे विषय शुरू कर दिए हैं, इन विषयों से लड़कियों को कोई न फायदा होता है और न ही उनकी इसमें कोई रुचि नहीं है।
70 के दशक में शिक्षा भाग ने बद्दी, बरोटीवाला, मझोली, नालागढ़ व मानपुरा उच्च विद्यालयों में गृह विज्ञान, संगीत, सिलाई व कढ़ाई अध्यापकों के पद सृजित कर इन विषयों में स्कूलों में शुरू कर दिया था। बाद में 1986 में जमा दो विद्यालय खुलने पर भी यह विषय इन स्कूलों में जारी रहे। लेकिन बाद में सरकार ने इन विषयों को डाइंग कैडर में डाल दिया। इसके बाद बीबीएन में जो भी नए स्कूल खुले वहां पर यह तीनों विषय शुरू नहीं हुए। इन विषयों के अध्यापक जैसे ही सेवानिवृत्त हुए उनके स्थान पर कोई नया अध्यापक नहीं रखा गया। इसके बाद से यह विषय ही बंद हो गए। अब विभाग ने जमा दो स्कूलों में ऑटो मोबाइल, हेल्थ केयर व कृषि विषयों को शामिल किया है। इसका फायदा छात्रों को तो है पर छात्राओं को इससे कोई फायदा नहीं है।
बद्दी स्कूल के पीटीए के प्रधान रामू, मानपुरा स्कूल के विजेंद्र सिंह ने बताया कि पहले विभाग ने स्कूलों में सिलाई व कढ़ाई, संगीत व होम साइंस विषय शुरू किए थे जिनका खास कर लड़कियों को काफी फायदा था। बीबीएन में मझोली, नालागढ़, बरोटीवाला व मानपुरा में यह विषय थे। लेकिन अब बरोटीवाला में होम साइंस की एक मात्र अध्यापिका बची हैं। उन्होंने सरकार से मांग उठाई कि जो विषय शुरू किए हैं उनके साथ साथ इन विषयों को जोड़ा जाए जिससे छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
विज्ञापन
उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बताया कि विभाग ने इन विषयों को डाइंग कैडर में डाला हुआ है। इन स्थान पर नए विषय शुरू किए गए हैं।
विज्ञापन
छात्राओं को इन विषयों से होता था काफी फायदा
अभिभावक उठा रहे इन्हें दोबारा से शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। सरकारी स्कूलों में गृह विज्ञान, संगीत और सिलाई अध्यापिकाओं के पद डाइंग कैडर में डालने से लड़कियों के उत्थान के लिए शुरू किए गए ये तीनों विषय बंद हो गए हैं। ग्रामीण स्तर पर जो छात्राएं जमा दो के बाद घर का काम देखती थीं उनके लिए यह विषय काफी फायदेमंद थे। अब सरकार ने इन विषयों के स्थान पर हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर और ऑटो मोबाइल जैसे विषय शुरू कर दिए हैं, इन विषयों से लड़कियों को कोई न फायदा होता है और न ही उनकी इसमें कोई रुचि नहीं है।
70 के दशक में शिक्षा भाग ने बद्दी, बरोटीवाला, मझोली, नालागढ़ व मानपुरा उच्च विद्यालयों में गृह विज्ञान, संगीत, सिलाई व कढ़ाई अध्यापकों के पद सृजित कर इन विषयों में स्कूलों में शुरू कर दिया था। बाद में 1986 में जमा दो विद्यालय खुलने पर भी यह विषय इन स्कूलों में जारी रहे। लेकिन बाद में सरकार ने इन विषयों को डाइंग कैडर में डाल दिया। इसके बाद बीबीएन में जो भी नए स्कूल खुले वहां पर यह तीनों विषय शुरू नहीं हुए। इन विषयों के अध्यापक जैसे ही सेवानिवृत्त हुए उनके स्थान पर कोई नया अध्यापक नहीं रखा गया। इसके बाद से यह विषय ही बंद हो गए। अब विभाग ने जमा दो स्कूलों में ऑटो मोबाइल, हेल्थ केयर व कृषि विषयों को शामिल किया है। इसका फायदा छात्रों को तो है पर छात्राओं को इससे कोई फायदा नहीं है।
विज्ञापन
बद्दी स्कूल के पीटीए के प्रधान रामू, मानपुरा स्कूल के विजेंद्र सिंह ने बताया कि पहले विभाग ने स्कूलों में सिलाई व कढ़ाई, संगीत व होम साइंस विषय शुरू किए थे जिनका खास कर लड़कियों को काफी फायदा था। बीबीएन में मझोली, नालागढ़, बरोटीवाला व मानपुरा में यह विषय थे। लेकिन अब बरोटीवाला में होम साइंस की एक मात्र अध्यापिका बची हैं। उन्होंने सरकार से मांग उठाई कि जो विषय शुरू किए हैं उनके साथ साथ इन विषयों को जोड़ा जाए जिससे छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
विज्ञापन
उधर, शिक्षा विभाग के उपनिदेशक जगदीश नेगी ने बताया कि विभाग ने इन विषयों को डाइंग कैडर में डाला हुआ है। इन स्थान पर नए विषय शुरू किए गए हैं।