{"_id":"67c8407645b39ce90a019955","slug":"health-news-solanhealth-news-solan-solan-news-c-176-1-ssml1042-139055-2025-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: पीएचसी चंड़ी में नहीं स्थायी चिकित्सक, बिना उपचार लौट रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: पीएचसी चंड़ी में नहीं स्थायी चिकित्सक, बिना उपचार लौट रहे मरीज
विज्ञापन
बिना उपचार लौट रहे मरीज, अर्की का करना पड़ रहा रुख
इन दिनों अस्पताल में आ रहे सैकड़ों वायरल के मामले
पांच पंचायतों के सैकड़ों लोगों का अस्पताल है सहारा
राजेश गुप्ता
दाड़लाघाट (सोलन)। प्रदेश में सरकार गांव स्तर तक स्वास्थ्य बेहतर सुविधाएं देने के दावे करती है, लेकिन इन दावों की धरातल पर स्थिति कुछ ओर ही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी प्रतिनियुक्ति पर आने वाले चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। बुधवार को भी अस्पताल आए मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज उपचार के लिए चंडी केंद्र में पहुंचे और उन्हें पता चला कि बुधवार को चिकित्सक ही अस्पताल में नहीं बैठेंगे। इस कारण लोगों को वापस लौटना पड़ा।
अस्पताल में नियमित चिकित्सक की कमी इन दिनों खल रही है। चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में वायरल के सैकड़ों मामले आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक न होने से मरीजों को लौटना पड़ रहा है। हैरत की बात तो ये है कि प्रतिनियुक्ति पर आने वाले चिकित्सक भी रोजाना ड्यूटी भी नहीं है। ये चिकित्सक कब अस्पताल में आते है इसका भी रोस्टर अस्पताल प्रबंधन ने जारी नहीं किया है। अब उन्हें अर्की या बिलासपुर में जाकर उपचार करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
मरीजों ने बताया कि बुधवार को वे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ही नहीं मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अस्पताल की अनदेखी की जा रही है। सरकार को पहले यहां चिकित्सक की तैनाती करनी चाहिए थी। इसके बाद तबादला करना चाहिए था। लोगों ने मांग की है कि जल्द अस्पताल में स्थायी चिकित्सक की तैनाती की जाए। अन्यथा लोगों को प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। नवगांव समेत पांच पंचायतों के लोगों के लिए यह अस्पताल सहारा बना हुआ है।
विज्ञापन
इनसेट
दो दिन आते हैं चिकित्सक
चिकित्सक का तबादला होने के बाद पीएचसी घनानुघाट से प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक की तैनाती की गई है। वे प्रतिनियुक्ति पर सप्ताह में दो दिन आते हैं। जबकि घनानुघाट में भी उन्हें सेवाएं देनी पड़ती हैं। यदि किसी कारणवश वे न आ संके तो मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ता है।
इनसेट
क्षेत्रों में इन दिनों बुखार और वायरल के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में वे उपचार के लिए चंडी अस्पताल जाते हैं लेकिन अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती ही नहीं है। प्रतिनियुक्ति के सहारे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल में चिकित्सक कब आते हैं इसका कोई पता नहीं है। पांच पंचायतों के लोगों के अलावा शिमला ग्रामीण के लोग भी इस स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने आते हैं।
-नोखराम
प्रधान, ग्राम पंचायत चंडी।
इनसेट
स्टाफ की कमी के चलते यह समस्या आ रही है। उच्चाधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवा दिया है और उम्मीद है कि जल्दी ही इस समस्या का समाधान निकलेगा। वर्तमान में चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर हैं, उनकी ड्यूटी टीबी उन्मूलन पर लगाई गई है।
-तारा चंद नेगी
खंड चिकित्सा अधिकारी, अर्की
विज्ञापन
इन दिनों अस्पताल में आ रहे सैकड़ों वायरल के मामले
पांच पंचायतों के सैकड़ों लोगों का अस्पताल है सहारा
राजेश गुप्ता
दाड़लाघाट (सोलन)। प्रदेश में सरकार गांव स्तर तक स्वास्थ्य बेहतर सुविधाएं देने के दावे करती है, लेकिन इन दावों की धरातल पर स्थिति कुछ ओर ही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी प्रतिनियुक्ति पर आने वाले चिकित्सकों के सहारे चल रहा है। बुधवार को भी अस्पताल आए मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज उपचार के लिए चंडी केंद्र में पहुंचे और उन्हें पता चला कि बुधवार को चिकित्सक ही अस्पताल में नहीं बैठेंगे। इस कारण लोगों को वापस लौटना पड़ा।
अस्पताल में नियमित चिकित्सक की कमी इन दिनों खल रही है। चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में वायरल के सैकड़ों मामले आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में चिकित्सक न होने से मरीजों को लौटना पड़ रहा है। हैरत की बात तो ये है कि प्रतिनियुक्ति पर आने वाले चिकित्सक भी रोजाना ड्यूटी भी नहीं है। ये चिकित्सक कब अस्पताल में आते है इसका भी रोस्टर अस्पताल प्रबंधन ने जारी नहीं किया है। अब उन्हें अर्की या बिलासपुर में जाकर उपचार करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
मरीजों ने बताया कि बुधवार को वे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ही नहीं मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अस्पताल की अनदेखी की जा रही है। सरकार को पहले यहां चिकित्सक की तैनाती करनी चाहिए थी। इसके बाद तबादला करना चाहिए था। लोगों ने मांग की है कि जल्द अस्पताल में स्थायी चिकित्सक की तैनाती की जाए। अन्यथा लोगों को प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। नवगांव समेत पांच पंचायतों के लोगों के लिए यह अस्पताल सहारा बना हुआ है।
विज्ञापन
इनसेट
दो दिन आते हैं चिकित्सक
चिकित्सक का तबादला होने के बाद पीएचसी घनानुघाट से प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक की तैनाती की गई है। वे प्रतिनियुक्ति पर सप्ताह में दो दिन आते हैं। जबकि घनानुघाट में भी उन्हें सेवाएं देनी पड़ती हैं। यदि किसी कारणवश वे न आ संके तो मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ता है।
इनसेट
क्षेत्रों में इन दिनों बुखार और वायरल के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में वे उपचार के लिए चंडी अस्पताल जाते हैं लेकिन अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती ही नहीं है। प्रतिनियुक्ति के सहारे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल में चिकित्सक कब आते हैं इसका कोई पता नहीं है। पांच पंचायतों के लोगों के अलावा शिमला ग्रामीण के लोग भी इस स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने आते हैं।
-नोखराम
प्रधान, ग्राम पंचायत चंडी।
इनसेट
स्टाफ की कमी के चलते यह समस्या आ रही है। उच्चाधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवा दिया है और उम्मीद है कि जल्दी ही इस समस्या का समाधान निकलेगा। वर्तमान में चिकित्सक प्रतिनियुक्ति पर हैं, उनकी ड्यूटी टीबी उन्मूलन पर लगाई गई है।
-तारा चंद नेगी
खंड चिकित्सा अधिकारी, अर्की