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Solan News: ब्लड टेस्ट करने वाली मशीन का पीसीबीए बोर्ड खराब, अब सोमवार तक ही होगी ठीक
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तकनीकी टीम ने क्रस्ना लैब प्रबंधक को दी रिपोर्ट, चंडीगढ़ से मंगवाया जाएगा बोर्ड
सोलन अस्पताल में दूसरे दिन भी नहीं मिल सकी क्रस्ना लैब में सुविधा
ब्लड टेस्ट करवाने के लिए निजी क्लीनिक में भटकते रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब में दूसरे दिन भी ब्लड टेस्ट की सुविधा ठप रही। इससे दूरदराज़ से आए सैकड़ों मरीजों को बिना टेस्ट कराए ही निराश होकर लौटना पड़ा या फिर निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर टेस्ट कराने को मजबूर होना पड़ा।
क्रस्ना लैब में खराब ब्लड टेस्ट मशीन की जांच के लिए कंपनी प्रबंधन ने तकनीकी टीम बुलाई जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार मशीन का पीसीबीए बोर्ड पूरी तरह खराब हो चुका है। अब इस मदर बोर्ड को चंडीगढ़ से मंगवाया जाएगा, जिसके बाद ही मशीन दोबारा चालू हो सकेगी। लैब प्रबंधन के अनुसार चंडीगढ़ से नया बोर्ड आने और उसकी फिटिंग के बाद सोमवार तक ही मशीन के ठीक होने की उम्मीद है। तब तक मरीजों को इस असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
इनसेट
निजी क्लीनिकों में जेबें खाली करने को मजबूर
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रोजाना औसतन 150 से 200 मरीजों को डॉक्टर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। अस्पताल की सरकारी लैब में केवल गिने-चुने टेस्ट ही हो पाते हैं और कई महत्वपूर्ण टेस्ट केवल क्रस्ना लैब में ही होते हैं। सरकारी लैब में दोपहर 12:00 बजे के बाद सैंपल लेना भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में क्रस्ना लैब में सुविधा न मिलने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी लैबों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जहां एक-एक टेस्ट के हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं।
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इनसेट
मरीजों में बढ़ा रोष
दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज करवाने आए मरीजों का कहना है कि वे लगातार दूसरे दिन पैसे खर्च कर अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां मशीन खराब होने और सोमवार तक ठीक होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया।
इनसेट
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में टेस्ट के लिए लगाई गई मशीन ने बुधवार सुबह अचानक से सैंपल लेना ही बंद कर दिया था। इसके बाद तकनीशियन को बुलवाकर मशीन को ठीक करवाया जा रहा है। तकनीशियन की रिपोर्ट में मशीन का मदर बोर्ड खराब होना बताया गया है। बाद अब चंडीगढ़ से पीसीबीए बोर्ड को मंगवाया जा रहा है। सोमवार से टेस्ट सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
- राजेश वर्मा प्रभारी, क्रस्ना लैब, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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सोलन अस्पताल में दूसरे दिन भी नहीं मिल सकी क्रस्ना लैब में सुविधा
ब्लड टेस्ट करवाने के लिए निजी क्लीनिक में भटकते रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की क्रस्ना डायग्नोस्टिक लैब में दूसरे दिन भी ब्लड टेस्ट की सुविधा ठप रही। इससे दूरदराज़ से आए सैकड़ों मरीजों को बिना टेस्ट कराए ही निराश होकर लौटना पड़ा या फिर निजी क्लीनिकों में महंगे दामों पर टेस्ट कराने को मजबूर होना पड़ा।
क्रस्ना लैब में खराब ब्लड टेस्ट मशीन की जांच के लिए कंपनी प्रबंधन ने तकनीकी टीम बुलाई जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार मशीन का पीसीबीए बोर्ड पूरी तरह खराब हो चुका है। अब इस मदर बोर्ड को चंडीगढ़ से मंगवाया जाएगा, जिसके बाद ही मशीन दोबारा चालू हो सकेगी। लैब प्रबंधन के अनुसार चंडीगढ़ से नया बोर्ड आने और उसकी फिटिंग के बाद सोमवार तक ही मशीन के ठीक होने की उम्मीद है। तब तक मरीजों को इस असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
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निजी क्लीनिकों में जेबें खाली करने को मजबूर
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रोजाना औसतन 150 से 200 मरीजों को डॉक्टर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। अस्पताल की सरकारी लैब में केवल गिने-चुने टेस्ट ही हो पाते हैं और कई महत्वपूर्ण टेस्ट केवल क्रस्ना लैब में ही होते हैं। सरकारी लैब में दोपहर 12:00 बजे के बाद सैंपल लेना भी बंद हो जाते हैं। ऐसे में क्रस्ना लैब में सुविधा न मिलने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी लैबों और क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जहां एक-एक टेस्ट के हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं।
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मरीजों में बढ़ा रोष
दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज करवाने आए मरीजों का कहना है कि वे लगातार दूसरे दिन पैसे खर्च कर अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां मशीन खराब होने और सोमवार तक ठीक होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया।
इनसेट
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में टेस्ट के लिए लगाई गई मशीन ने बुधवार सुबह अचानक से सैंपल लेना ही बंद कर दिया था। इसके बाद तकनीशियन को बुलवाकर मशीन को ठीक करवाया जा रहा है। तकनीशियन की रिपोर्ट में मशीन का मदर बोर्ड खराब होना बताया गया है। बाद अब चंडीगढ़ से पीसीबीए बोर्ड को मंगवाया जा रहा है। सोमवार से टेस्ट सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
- राजेश वर्मा प्रभारी, क्रस्ना लैब, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन