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अस्पताल में भर्ती मरीजों का दर्ज होगा टीबी से जुड़ा रिकॉर्ड
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आदित्य सोफत
सोलन। प्रदेश भर के अस्पतालों में भर्ती मरीजों का अब टीबी से जुड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग उन्मूलन के लिए प्रदेश भर में नई मुहिम चलाई है। इस मुहिम के तहत स्वास्थ्य विभाग भर्ती होने वाले मरीजों से बीते दिनों में लगातार खांसी, बुखार समेत अन्य जानकारी पूछेगी।
इस जानकारी का रिकॉर्ड रखने के लिए बाकायदा रजिस्टर लगाया जाएगा। मरीज में अगर टीबी के लक्षण दिखते हैं या रोग की आशंका होने पर विभाग की ओर से सैंपल लिए जाएंगे। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा और एक दिन के भीतर सैंपल की रिपोर्ट मरीज को दी जाएगी। विभाग ने इसकी जानकारी के लिए अस्पतालों को आदेश दिए हैं।
प्रदेश भर में अलग-अलग बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों से जानकारी लेने के बाद कई टीबी पॉजिटिव पाए गए। प्रदेश में अब तक के आंकड़ों के अनुसार 290 ऐसे मरीज हैं जो विभिन्न अस्पतालों में किसी अन्य बीमारी का इलाज करवाने के लिए भर्ती हुए लेकिन जांच करने पर उनमें टीबी के लक्षण पाए गए।
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यह देख सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के वार्ड में भर्ती मरीजों से जानकारी लेने के लिए कहा है ताकि टीबी के लक्षण आने पर उपचार तुरंत शुरू किया जाए। सरकार और स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के अनुसार अस्पतालों में कार्य शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ नर्सों समेत अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई है जो रोजाना वार्डों में भर्ती मरीजों से खांसी, बुखार समेत अन्य फीडबैक ले रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों से टीबी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इस मुहिम में स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगा दी गई है जो कई बीमारियों को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी लेगी। टीबी की आशंका होने पर मरीज सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजेंगी।
तेजी से चल रहा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान
प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत टीबी मरीजों के प्राथमिक संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाया जाता है और बलगम सैंपल जांचे जा रहे हैं।
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सोलन। प्रदेश भर के अस्पतालों में भर्ती मरीजों का अब टीबी से जुड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने क्षय रोग उन्मूलन के लिए प्रदेश भर में नई मुहिम चलाई है। इस मुहिम के तहत स्वास्थ्य विभाग भर्ती होने वाले मरीजों से बीते दिनों में लगातार खांसी, बुखार समेत अन्य जानकारी पूछेगी।
इस जानकारी का रिकॉर्ड रखने के लिए बाकायदा रजिस्टर लगाया जाएगा। मरीज में अगर टीबी के लक्षण दिखते हैं या रोग की आशंका होने पर विभाग की ओर से सैंपल लिए जाएंगे। इन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा और एक दिन के भीतर सैंपल की रिपोर्ट मरीज को दी जाएगी। विभाग ने इसकी जानकारी के लिए अस्पतालों को आदेश दिए हैं।
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प्रदेश भर में अलग-अलग बीमारियों के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों से जानकारी लेने के बाद कई टीबी पॉजिटिव पाए गए। प्रदेश में अब तक के आंकड़ों के अनुसार 290 ऐसे मरीज हैं जो विभिन्न अस्पतालों में किसी अन्य बीमारी का इलाज करवाने के लिए भर्ती हुए लेकिन जांच करने पर उनमें टीबी के लक्षण पाए गए।
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यह देख सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के वार्ड में भर्ती मरीजों से जानकारी लेने के लिए कहा है ताकि टीबी के लक्षण आने पर उपचार तुरंत शुरू किया जाए। सरकार और स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के अनुसार अस्पतालों में कार्य शुरू कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ नर्सों समेत अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई है जो रोजाना वार्डों में भर्ती मरीजों से खांसी, बुखार समेत अन्य फीडबैक ले रही है।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों से टीबी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इस मुहिम में स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगा दी गई है जो कई बीमारियों को लेकर अस्पताल में भर्ती मरीजों से जानकारी लेगी। टीबी की आशंका होने पर मरीज सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजेंगी।
तेजी से चल रहा एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान
प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के मरीजों का पता लगाने के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत टीबी मरीजों के प्राथमिक संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाया जाता है और बलगम सैंपल जांचे जा रहे हैं।