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लैंगिक समानता के लिए जेंडर बजट स्टेटमेंट जरूरी : डीसी
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उपायुक्त कार्यालय में लैंगिक समानता के बारे में प्रशिक्षण देती श्रुति सिंह।
- फोटो : SOLAN
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सोलन। जेंडर में नस्ट्रीमिंग, जेंडर रिस्पांस बजट के सफल क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त कृतिका कुलहरी की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। महिला एवं बाल विकास, संयुक्त राष्ट्र महिला भारत, हिमाचल प्रदेश योजना विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से यह कार्यशाला आयोजित की गई।
उपायुक्त ने कहा कि कार्यशाला का लैंगिक समानता सुनिश्चित कर महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जेंडर बजट स्टेटमेंट व जेंडर रिस्पांस बजट के सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। जेंडर बजट स्टेटमेंट महिलाओं के कल्याण व उत्थान के लिए बजट संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग करेगा और जेंडर आधारित बजट के प्रभाव का मूल्याकंन भी करेगा।
हिमाचल प्रदेश योजना विभाग के योजना सलाहकार बासु सूद ने कहा कि लैंगिक असमानता को कम करने के लिए हर विभाग की भागीदारी महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए विभिन्न विभागों में जेंडर बजट सेल गठित किए गए हैं। जेंडर बजट सेल संस्थागत प्रणाली है जो सरकारी बजट में जेंडर विश्लेषण के एकीकरण की सुविधा प्रदान करती है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितधारकों की सहायता के लिए कार्यशालाएं, प्रशिक्षण मॉड्यूल, सूचना पुस्तिकाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि विभागों द्वारा जेंडर बजट स्टेटमेंट का सफल क्रियांवयन किया जा सके। अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक संयुक्त राष्ट्र महिला भारत श्रुति सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त जफर इकबाल, सहायक आयुक्त संजय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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उपायुक्त ने कहा कि कार्यशाला का लैंगिक समानता सुनिश्चित कर महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए जेंडर बजट स्टेटमेंट व जेंडर रिस्पांस बजट के सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। जेंडर बजट स्टेटमेंट महिलाओं के कल्याण व उत्थान के लिए बजट संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग करेगा और जेंडर आधारित बजट के प्रभाव का मूल्याकंन भी करेगा।
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हिमाचल प्रदेश योजना विभाग के योजना सलाहकार बासु सूद ने कहा कि लैंगिक असमानता को कम करने के लिए हर विभाग की भागीदारी महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए विभिन्न विभागों में जेंडर बजट सेल गठित किए गए हैं। जेंडर बजट सेल संस्थागत प्रणाली है जो सरकारी बजट में जेंडर विश्लेषण के एकीकरण की सुविधा प्रदान करती है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के हितधारकों की सहायता के लिए कार्यशालाएं, प्रशिक्षण मॉड्यूल, सूचना पुस्तिकाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि विभागों द्वारा जेंडर बजट स्टेटमेंट का सफल क्रियांवयन किया जा सके। अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक संयुक्त राष्ट्र महिला भारत श्रुति सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त जफर इकबाल, सहायक आयुक्त संजय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।