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Solan News: सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र में लगेगा आधुनिक बायो गैस प्लांट
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एक दिन में 10 टन गीले कचरे से बायो गैस बनाने की होगी क्षमता
निगम ने टेंडर किया जारी, रोजाना 15 टन गीला कचरा सलोगड़ा पहुंचा रहे निगम के कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर के गीले कूड़े के वैज्ञानिक और स्थायी निपटान के लिए सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र में आधुनिक बायो गैस प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट के शुरू होने से शहर के घरों, होटलों और ढाबों से निकलने वाले गीले कचरे की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। नगर निगम सोलन की ओर से इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है, जिस पर बोलियां भी शुरू हो चुकी हैं।
निगम अधिकारियों के मुताबिक इस बायो गैस प्लांट के निर्माण पर 5.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके लिए 1800 से 2000 वर्ग मीटर जगह का चयन किया गया है। वर्तमान में सोलन शहर से रोजाना 30 से 35 टन कूड़ा सलोगड़ा पहुंचता है, जिसमें निगम के कर्मचारी रोजाना करीब 15 टन गीला कचरा पहुंचा रहे हैं। यहां कचरे को अलग-अलग किया जाता है। अभी तक गीले कचरे के निपटान के लिए उसे चंडीगढ़ या अन्य जगहों पर भेजा जाता था या ठेकेदार द्वारा वेट वेस्ट से आरडीएफ निकालकर सीमेंट प्लांट को भेजा जाता था। शहर में अभी तक एक भी बायो गैस प्लांट नहीं है। ऐसे में नगर निगम का यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा। प्रस्तावित प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 10 टन गीले कचरे से बायोगैस तैयार करने की होगी।
इनसेट
बदबू और मक्खी-मच्छरों से मिलेगी निजात
सलोगड़ा संयंत्र में लंबे समय तक गीला कचरा जमा रहने से वह सड़ने लगता था, जिससे आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल जाती थी। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती थी, जिससे पर्यावरण प्रदूषण और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। गर्मियों के दौरान मक्खी-मच्छर फैलने से बीमारियों का अंदेशा भी बना रहता था। इस प्लांट के बनने से न केवल कूड़े के ढेर कम होंगे, बल्कि ठोस कचरे के प्रबंधन में सुधार के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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इनसेट
कोट बायो गैस प्लांट बनाने का काम जल्द शुरू होगा। वर्तमान में सोलन में एक भी बायोगैस प्लांट नहीं है। अब सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र में बायो गैस प्लांट लगाया जाएगा, जिससे गीले कचरे से बायो गैस बनाई जाएगी। इस प्लांट के निर्माण के लिए 5.20 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। -सुषमा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन
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निगम ने टेंडर किया जारी, रोजाना 15 टन गीला कचरा सलोगड़ा पहुंचा रहे निगम के कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर के गीले कूड़े के वैज्ञानिक और स्थायी निपटान के लिए सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र में आधुनिक बायो गैस प्लांट लगाया जाएगा। इस प्लांट के शुरू होने से शहर के घरों, होटलों और ढाबों से निकलने वाले गीले कचरे की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। नगर निगम सोलन की ओर से इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है, जिस पर बोलियां भी शुरू हो चुकी हैं।
निगम अधिकारियों के मुताबिक इस बायो गैस प्लांट के निर्माण पर 5.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके लिए 1800 से 2000 वर्ग मीटर जगह का चयन किया गया है। वर्तमान में सोलन शहर से रोजाना 30 से 35 टन कूड़ा सलोगड़ा पहुंचता है, जिसमें निगम के कर्मचारी रोजाना करीब 15 टन गीला कचरा पहुंचा रहे हैं। यहां कचरे को अलग-अलग किया जाता है। अभी तक गीले कचरे के निपटान के लिए उसे चंडीगढ़ या अन्य जगहों पर भेजा जाता था या ठेकेदार द्वारा वेट वेस्ट से आरडीएफ निकालकर सीमेंट प्लांट को भेजा जाता था। शहर में अभी तक एक भी बायो गैस प्लांट नहीं है। ऐसे में नगर निगम का यह अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा। प्रस्तावित प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 10 टन गीले कचरे से बायोगैस तैयार करने की होगी।
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बदबू और मक्खी-मच्छरों से मिलेगी निजात
सलोगड़ा संयंत्र में लंबे समय तक गीला कचरा जमा रहने से वह सड़ने लगता था, जिससे आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल जाती थी। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती थी, जिससे पर्यावरण प्रदूषण और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। गर्मियों के दौरान मक्खी-मच्छर फैलने से बीमारियों का अंदेशा भी बना रहता था। इस प्लांट के बनने से न केवल कूड़े के ढेर कम होंगे, बल्कि ठोस कचरे के प्रबंधन में सुधार के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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कोट बायो गैस प्लांट बनाने का काम जल्द शुरू होगा। वर्तमान में सोलन में एक भी बायोगैस प्लांट नहीं है। अब सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र में बायो गैस प्लांट लगाया जाएगा, जिससे गीले कचरे से बायो गैस बनाई जाएगी। इस प्लांट के निर्माण के लिए 5.20 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। -सुषमा शर्मा, महापौर, नगर निगम सोलन