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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Fury among industrialists due to expensive water in Parwanoo

Solan News: परवाणू में महंगे पानी को लेकर उद्योगपतियों में रोष

Sun, 26 Mar 2023 12:58 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Mar 2023 12:58 AM IST
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परवाणू में 92 रुपये प्रति हजार लीटर की दर से दिया जा रहा उद्योगों को पानी, दवा कंपनियां और कॉस्मेटिक से जुड़े उद्योग अब कर सकते हैं पलायन
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कई वर्षों से उद्योगपति कर रहे दरें घटाने की मांग, कांग्रेस के बजट से थी उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक नगर में महंगे पानी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। सरकार के बजट में पानी की दरों को कम करने को लेकर कोई भी प्रावधान न रखने पर उद्योगपतियों में रोष है, जबकि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में उद्योगों का सस्ता पानी देने के लिए कहा था। उद्योगपतियों का कहना है कि प्रदेश में यहां पर सबसे महंगा पानी दिया जा रहा है। ऐसे में यहां पर दवा कंपनियों और कॉस्टमेटिक उद्योगों को भारी मार पड़ रही है, क्योंकि यहां पर सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है और उन्हें इसके लिए हजारों रुपये के बिल हर माह अदा करने पड़ते हैं। यही नहीं गर्मियों के दौरान उन्हें पर्याप्त पानी तक नहीं मिल पाता। उन्हें अपने खर्च पर टैंकर से पानी मंगवाना पड़ता है, जिसका उन्हें अलग से खर्चा पड़ता है।

गौर रहे कि मौजूदा समय में परवाणू में 92 रुपये प्रति 1000 लीटर की दर से उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों को पानी की सप्लाई की जाती है। हिमुडा यहां पर पानी की सप्लाई करता है। परवाणू में लगभग 400 से भी अधिक छोटे बड़े उद्योग हैं, जबकि 1050 व्यावसायिक पानी के कनेक्शन हैं। इन्हीं से यहां पर पर 92 रुपये प्रति हजार लीटर की दरों से वसूली की जा रही है। उद्योगपतियों का कहना है कि उद्योगों को पानी के लिए हिमुडा को भारी पानी के बिल चुकाने पड़ते हैं। प्रदेश में हर चुनाव के दौरान यहां पर पानी के रेट कम करने के वादे किए जाते हैं। मगर चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं। वहीं परवाणू उद्योग संघ के सचिव सार्थक तनेजा का कहना है कि परवाणू के उद्योगपतियों को प्रदेश में सबसे महंगा पानी दिया जा रहा है। इससे उन उद्योगों पर भारी मार पड़ रही है, जिनमें पानी की मदद से ही निर्माण कार्य चलते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में इसको लेकर कोई प्रावधान नहीं किया। यदि ऐसा ही रहा तो यहां से उद्योग बद्दी या अन्य जगहों पर पलायन करना शुरू कर देंगे। उन्होंनेेे कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलेंगे। वहीं प्रदेश लघु उद्योग भारती के प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य विकास सेठ ने कहा कि परवाणू में पानी की भारी भरकम दरों से छोटे-छोटे उद्योगों को काफी नुकसान हो रहा है।
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इनसेट
परवाणू में उद्योगों के पानी के रेट अभी तक उच्च अधिकारियों से प्राप्त नहीं हुए हैं। पानी की अधिक दरें काफी पहले से हैं। इसमें वह कुछ नहीं कह सकते।
ई गिरीश शर्मा, अधिशासी अभियंता हिमुडा परवाणू
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