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Solan News: नालागढ़ में किसानों को नहीं मिल रही यूरिया खाद
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500 मीट्रिक टन खाद की जरूरत, अभी तक नहीं पहुंची सप्लाई
जल्द खाद नहीं मिली तो फसल खराब होने का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। उपमंडल नालागढ़ में किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उन्होंने लगभग एक माह पहले गेहूं की फसल की बिजाई की थी। अब यूरिया की कमी के कारण फसल को खतरा पैदा हो गया है।
नालागढ़ की को-ऑपरेटिव सोसायटी से पूरे बीबीएन क्षेत्र में यूरिया की सप्लाई होती है। करीब पांच हजार किसान यहीं से यूरिया लेते हैं। सोसायटी की ओर से सालाना 500 मीट्रिक टन यूरिया की खपत होती है। किसानों का कहना है कि वे लगातार सोसायटी कार्यालय में जाकर यूरिया लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बार-बार खाली हाथ लौट रहे हैं।
खेड़ा के किसान अवतार सिंह, डूमनवाला के किसान अमर सिंह ठाकुर, प्रेम चौधरी और सुच्चा राम ने बताया कि सिंचाई वाले खेतों में गेहूं की बिजाई पहले ही हो चुकी है और अब यूरिया की तत्काल आवश्यकता है। हिमफेड के एरिया प्रबंधक गौरव ने बताया कि तीन दिन पहले ही 500 मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड भेजी गई है। उच्च अधिकारियों की ओर से नंगल स्थित यूरिया कंपनी को आपूर्ति की मांग भेजी जाएगी, जिससे जल्द ही यूरिया सीधे किसानों तक पहुंचेगा।
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जल्द खाद नहीं मिली तो फसल खराब होने का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। उपमंडल नालागढ़ में किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, उन्होंने लगभग एक माह पहले गेहूं की फसल की बिजाई की थी। अब यूरिया की कमी के कारण फसल को खतरा पैदा हो गया है।
नालागढ़ की को-ऑपरेटिव सोसायटी से पूरे बीबीएन क्षेत्र में यूरिया की सप्लाई होती है। करीब पांच हजार किसान यहीं से यूरिया लेते हैं। सोसायटी की ओर से सालाना 500 मीट्रिक टन यूरिया की खपत होती है। किसानों का कहना है कि वे लगातार सोसायटी कार्यालय में जाकर यूरिया लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बार-बार खाली हाथ लौट रहे हैं।
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खेड़ा के किसान अवतार सिंह, डूमनवाला के किसान अमर सिंह ठाकुर, प्रेम चौधरी और सुच्चा राम ने बताया कि सिंचाई वाले खेतों में गेहूं की बिजाई पहले ही हो चुकी है और अब यूरिया की तत्काल आवश्यकता है। हिमफेड के एरिया प्रबंधक गौरव ने बताया कि तीन दिन पहले ही 500 मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड भेजी गई है। उच्च अधिकारियों की ओर से नंगल स्थित यूरिया कंपनी को आपूर्ति की मांग भेजी जाएगी, जिससे जल्द ही यूरिया सीधे किसानों तक पहुंचेगा।
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