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किसानों को ले डूबेगा सोलन के लाल सोने पर छाया ये पीलापन
ब्यूरो, सोलन
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:11 PM IST
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मानसून के बावजूद जुलाई में पर्याप्त बारिश न होने से टमाटर की पैदावार मुरझाने लगी है।
- फोटो : Demo pic
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मानसून के बावजूद जुलाई में पर्याप्त बारिश न होने से टमाटर की पैदावार मुरझाने लगी है। लाल सोने का रंग मुरझाने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। माह के अंत में भी बारिश न होने के कारण कसौली निर्वाचन क्षेत्र के हजारों किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। यहां सैकड़ों किसान परिवारों की रोजी रोटी टमाटर की खेेती पर निर्भर है।
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क्षेत्र के अधिकतर किसान टमाटर और शिमला मिर्च की फसल पर निर्भर हैं। ऐसे में एक माह से पर्याप्त बारिश न होने के कारण टमाटर और शिमला मिर्च की फसल मंडियों तक पहुंचने से पहले ही सूखने लगी है। बारिश न होने से जिन किसानों के पास सिंचाई का साधन है वह तो खेतों में पानी लगाकर अपनी फसल को बचाने में कामयाब हैं। लेकिन जिन किसानों के पास सिंचाई का साधन नहीं है उनकी समस्या में इजाफा हो गया है। स्थानीय किसान बलवंत सिंह, संजय कुमार, रणजीत सिंह, राजकुमार, अजय सिंह, तेजपाल, हरनाम सिंह, नीरज कुमार और गणेश दत्त के अनुसार बारिश न होने से टमाटर की फसल की ठीक से ग्रोथ नहीं हो रही। पौधों पर लगेे टमाटर बड़ा होने से पहले ही पक जा रहा है। इस कारण उन्हें टमाटर के अच्छे भाव मिलने की आस अब कम नजर आ रही है।
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शिमला मिर्च की फसल भी प्रभावित
शिमला मिर्च पर भी सूखे का असर पड़ना शुरू हो गया है। शिमला मिर्च में सूखे से फूल गिर रहे हैं जिससे दानों में कमी आ रही है। डिमांड अधिक और सप्लाई कम होने के चलते बाजार में टमाटर 25 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 50 रुपये प्रतिकिलोग्राम के बीच बिक रहा है।
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खेतों में नमी रखें किसान : शर्र्मा
कृषि विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक एचआर शर्मा ने बताया कि किसानों को अपनी फसलों की नियमित रूप से सिंचाई करनी चाहिए। संभव हो सके तो खेतों में किसी न किसी तरह नमी बरकरार रखें। कहा कि बारिश न होने से पैदावार प्रभावित हो रही है।